गर्मी के मौसम में रहता है कीटों का अधिक प्रकोप,रहें सतर्क

हिन्दुस्तान, झांसी
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नीम तेल का छिड़काव करने से कर सकते कीट नियंत्रित झांसी,संवाददातागर्मी अभी भीषण हो चुकी है और कीटों का फसलों पर प्रभाव भी बढ़ जाता है। ऐसे में गुलाब के ब

गर्मी के मौसम में रहता है कीटों का अधिक प्रकोप,रहें सतर्क

झांसी। गर्मी अभी भीषण हो चुकी है और कीटों का फसलों पर प्रभाव भी बढ़ जाता है। ऐसे में गुलाब के बगीचे लगाने वालों को कुछ विशेषज्ञ ने सलाह जारी की है। कहा है कि गर्मी में कीटों का प्रकोप बढ़ जाता है। नीम के तेल का छिड़काव करें तो कीटों को नियंत्रित कर सकते। रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय ने किसानों को गर्मी के मौसम में गुलाब की सफल खेती के लिए विशेष सावधानियां बरतने की सलाह दी है। ऐसे में सिंचाई प्रबंधन अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाता है।

सिंचाई प्रबंधन

किसानों को सुबह जल्दी या शाम के समय हल्की लेकिन नियमित सिंचाई करनी चाहिए। जहां संभव हो, ड्रिप सिंचाई पद्धति अपनाने से जड़ों के पास निरंतर नमी बनी रहती है।

मिट्टी की नमी बनाए रखना

मिट्टी की नमी बनाए रखने और जड़ों को ठंडा रखने के लिए प्लास्टिक या जैविक मल्च (जैसे सूखी घास या पुआल) का उपयोग करना लाभकारी है। पोषण प्रबंधन के तहत 10 से 15 दिन के अंतराल पर सूक्ष्म पोषक तत्वों का फोलियर स्प्रे करना चाहिए। इसके साथ ही कैल्शियम नाइट्रेट का हल्का छिड़काव फूलों की गुणवत्ता सुधारने में सहायक होता है।

कीटों का प्रबंधन

गर्मी के मौसम में थ्रिप्स और माइट्स जैसे कीटों का प्रकोप अधिक होता है। इनके प्रबन्धन के लिए नीम तेल या अनुशंसित कीटनाशकों का छिड़काव सुबह या शाम के समय करना चाहिए। विशेष ध्यान रखें कि दोपहर के समय किसी भी प्रकार का स्प्रे न करें।

सामान्य प्रश्न

गुलाब की खेती के लिए किस प्रकार की सिंचाई करनी चाहिए?
किसानों को सुबह जल्दी या शाम के समय हल्की लेकिन नियमित सिंचाई करनी चाहिए।
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