DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

गोष्ठी मंथन में किसानों ने जड़े भ्रष्टाचार के आरोप

गोष्ठी मंथन में किसानों ने जड़े भ्रष्टाचार के आरोप

1 / 2बुन्देलखण्ड में आगामी फसल खरीफ की पैदावार को लेकर बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय के आडीटोरिय में झांसी चित्रकूट मंडल की गोष्ठी कृषि उत्पादन आयुक्त राज प्रताप की अध्यक्षता में हुई, जिसमें किसानों ने...

गोष्ठी मंथन में किसानों ने जड़े भ्रष्टाचार के आरोप

2 / 2बुन्देलखण्ड में आगामी फसल खरीफ की पैदावार को लेकर बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय के आडीटोरिय में झांसी चित्रकूट मंडल की गोष्ठी कृषि उत्पादन आयुक्त राज प्रताप की अध्यक्षता में हुई, जिसमें किसानों ने...

PreviousNext

बुन्देलखण्ड में आगामी फसल खरीफ की पैदावार को लेकर बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय के आडीटोरिय में झांसी चित्रकूट मंडल की गोष्ठी कृषि उत्पादन आयुक्त राज प्रताप की अध्यक्षता में हुई, जिसमें किसानों ने योजनाओं और मंडी में हो रहे भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने की बात रखी। किसानों ने कहा, उर्द खरीद का दिसम्बर से भुगतान नहीं हुआ। पाइप वितरण में अनुदान लेने पर भी किसानों से 15 हजार रुपए लिए जा रहे। गेहूं क्रय केन्द्रों पर खरीद बंद है, लेबर अतरिक्त किसानों से वसूली कर रही।

खरीफ गोष्ठी की शुरुआत होते ही तय कार्यक्रम के तहत सातों जिलों से आए किसानों में से एक एक किसानों को अपनी समस्याएं रखनी थी। जिनकी सूची बन चुकी थी। लेकिन शुरुआत में ही एक किसान के बोलने के बाद किसान उबल गए। किसानों ने विरोध करते हुए आवाज बुलंद कर दी। जिस पर उन्हें माइक देना पड़ा। किसानों ने एक एक कर कई समस्याओं का पिटारा खोल दिया।

किसानों ने कहा कि उर्द खरीद का भुगतान 30 दिसम्बर को होना था, लेकिन अब तक नहीं हो सका है। किसानों को आश्वासन ही मिलता है। वहीं एनएफएमएस योजना के तहत पाइप वितरण में किसानों ने आरोप जड़ा कि किसानों को मिलने वाला 50 फीसदी अनुदान का हिस्सा डीलर को देना पड़ रहा है, जबकि वही तय की गई एजेंसियों के इतर स्थलों पर सस्ते मिल रहे।

सबसे अधिक शिकायतें गेहूं की मंडियों में लेबर के भृष्टाचार की सामने आई। किसानों ने खुलकर कहा कि शासन की तरफ से लेबर को 10 रुपए प्रति कुंतल तय रेट है, लेकिन किसानों को 20 से 30 रुपए प्रति कुंतल देना पड़ रहा है। वहीं दूसरे किसान ने कहा कि जिले भर की कृषि रक्षा इकाई ठप्प पड़ी है जिसकी जांच कराने पर मामला सामने आ जाएगा। गोष्ठी की शुरूआत में एपीसी ने फीता काटकर गोष्ठी का उद्घाटन किया। इसके बाद दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम की शुरुआत हुई। स्वागत भाषण मंडलायुक्त कुमुदलता श्रीवास्तव ने दिया। इसके बाद झांसी चित्रकूट मंडल के कमिश्नर ने क्षेत्र की भौगोलिक स्थितियां बताते हुए खरीफ उत्पादन बढ़ाने का प्लान एपीसी के सामने रखा। गोष्ठी में प्रमुख सचिव कृषि अमित मोहन प्रसाद, प्रमुख सचिव उद्यान सुधीर गर्ग, कृषि निदेशक सोराज के अलावा दोनों मंडलों के मंडलायुक्त व 7 जिलों के डीएम मौजूद रहे।

किसानों की कही

चित्रकूट धाम से आए किसान शिव कुमार शुक्ला ने कहा कि पानी की मारामारी होती है। बारिश देर से आती और जल्दी चली जाती। वाटर रीचार्जिग की व्यवस्था नहीं। हजारों कुए सूखे पड़े है। कहा, महुआ पेड़ विलुप्त हो रहा। शासन की ओर से मादा पशु की ब्रीडिंग मुफ्त हो।

ललितपुर के उद्धव सिंह पटेल ने कहा किसानों के साथ लूटपाट बंद हो। सरकार द्वारा दी जा रही सब्सिडी का हिस्सा भी डीलर को जा रहा है। किसानों को पाइप दिए तो 15 हजार डीलर को चले गए। यही पाइप बाजार में सस्ता है। बुन्देलखण्ड में सीमांत कृषक 5 एकड़, लघु सीमांत 7 एकड़ और वृहद किसान 10 एकड़ वाले को माना जाए।

महोबा के राजेश कुमार चौबे ने कहा कि साहब डीजल इतनो महंगो है। किसान की कैसे बढ़े आय। सूखा की चेक पूरी नईं बंटी। अर्जुन सहायक में अरबन रुपया खर्च हो गओ।

जालौन के बलराम लम्बरदार ने कहा कि किसान उत्पादन तो अधिक कर लेता, लेकिन उचित मूल्य नहीं मिलता है। उत्पादन अधिक होता है तो बाजार का भाव भी तय हो ताकि किसानों को उचित मूल्य पैदावार का मिले। दलहन केन्द्र खोले लेकिन केन्द्र अधिक नहीं और खरीद भी प्रापर नहीं हुई। सिंचाई व्यवस्था अच्छी होनी चाहिए।

जालौन के लक्ष्मीनारायण चतुर्वेदी ने कहा कि निजी नलकूप में बिजली का बिल माफ होना चाहिए। फसलों के बीमा में राजस्व विभाग की टीम की जगह कृषि विभाग की हो ताकि जानकारी सही पहुंचे।

झांसी के महेन्द्र शर्मा किसान ने कहा कि सूखा एक गांव में घोषित कर दिया, बगल का सूखाग्रस्त नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि मंडल के तीनों जिलों को सूखा ग्रस्त घोषित किया जाए। बिजली के 2 केवी कनेक्शन पर खम्भे में 60 हजार लगते, जिसे कम कराया जाए। भृष्टाचार बंद हो, बरुआसागर में अमरूद भुगतान दो बार एक योजना से दिखा दिया।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:Farmers accused of corruption in Goshthi Manthan