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2 जुलाई, 2020|5:58|IST

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आठ से देव देंगे दर्शन, भक्त कर सकेंगे पूजन

आठ से देव देंगे दर्शन, भक्त कर सकेंगे पूजन

भगवान के दर्शन के लिए अभी श्रद्धालुओं को कुछ और इंतजार करना होगा। पहले मठ-मंदिरों तैयारियों होंगी। सामाजिक दूरी के घेरे बनेंगे। बैरीकेटिंग के इंतजाम होंगे। आठ जून को ब्रह्ममुहुर्त में देवों का पंचामृत-गंगा जल से स्नान होगा। श्रृंगार और अभिषेक भी। फिर वेदपाठ होंगे। महामारी से निजात पाने की कामना होगी। वहीं मंदिरों लॉकडाउन के बाद माहौल बदला-बदला होगा। भक्तों को ज्यादा देर भगवान के समक्ष रुकने की इजाजत नहीं होगी। इसको लेकर धर्माचार्यों के बीच बातचीत शुरू हो गई है।

नगर के प्राचीन सहित सिद्धपीठ लॉकडाउन के दौरान बंद कर दिए गए थे। केवल पूजारी को ही पूजन की अनुमति थी। इस बीच घरों में चैत्र नवरात्र, अक्षय तृतीय सहित कई महत्वपूर्ण पर्व मनें। सोमवार से अनलॉक-1 शुरू हुआ। अब श्रद्धालु भगवान के पूजन-दर्शन को उतावले हैं। मंदिरों के पट खोलने के लिए प्रबंधन-पुजारियों की बैठकें शुरू हो गई हैं। मठों में रस्सी-बांस-बल्लियों के सहारे बैरीकेटिंग के इंतजाम होंगे। मंदिर के बाहर हाथ साफ करने के लिए पानी रखा जाएगा। यही नहीं, मंदिरों को सैनिटाइज किया जाएगा। बाहर लगने वाली प्रसाद की दुकानों पर एहतियात बरता जाएगा। आठ जून को पहले धार्मिक अनुष्ठान शुरू होंगे। बिना मॉस्क या रूमाल के श्रद्धालुओं को दर्शन अनुमति नहीं होगी।

बोले धर्माचार्य

जिला धर्माचार्य महंत विष्णु दत्त स्वामी ने बताया, आठ जून से मठ-मंदिरों के पट खुलेंगें। श्रद्धालुओं को ज्यादा देर मंदिर में नहीं रुकने दिया जाएगा। सोशल डिस्टेंसिंग के साथ सिर्फ दर्शन करने की इजाजत दी जाएगी। बताया, भगवान का पंचामृत से स्नान होगा। पूजन किया जाएगा। आरती की जाएगी। प्रसाद वितरण होगा।

महानगर धर्माचार्य हरिओम पाठक ने कहा, मंदिर खुलने से पहले नियम अनुसार सारे इंतजाम किए जाएंगे। ब्रह्ममुहुर्त में भगवान का पंचामृत, गंगाजल से स्नान होगा। मंदिरों में वेदपाठ का आयोजन किया जाएगा। जिसमें भगवान से प्रार्थना होगी, जो संकट देश-विश्व में आया है वह, अब कभी न आए। ऐसी कृपा बनाए रखें।

यहां भी शुरू होंगे पूजन

सीपरी बाजार स्थित हनुमान मंदिर, श्री श्री सखी के हनुमान मंदिर, कारगिल पार्क स्थित मंदिर, काली सिद्ध पीठ, श्री श्री लहर सिद्धपीठ, पंचकुइयां वाली माता मंदिर, करौंदी वाली माता मंदिर, कैमासन माता, मैमासन माता, अंजनी माता, मनोकामना मंदिर, अन्नपूर्ण मंदिर, प्राचीन शिव मंदिर, महाकालेश्वर मंदिर सहित अन्य प्राचीन मंदिरों में आठ जून से पूजन शुरू होगा। मुरली मनोहर मंदिर के आनंद गोलवलकर ने बताया कि रस्सियां बांधकर सामाजिक दूरी के घेरे बनाए जाएंगे। सिद्धेश्वर सिद्धपीठ के हरिओम पाठक ने बताया कि तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।

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  • Web Title:Dev will be seen from eight devotees will be able to worship