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28 नवंबर, 2020|10:55|IST

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दीपावली पर जगमगाएंगे ‘उर्मिला दीये और महकेगी धूपबत्ती

दीपावली पर जगमगाएंगे ‘उर्मिला दीये और महकेगी धूपबत्ती

प्रधानमंत्री की 'लोकल फॉर वोकल' और 'आत्मनिर्भर भारत' बनाने की अपीन का खिलारा गांव में अमल हो रहा है। गौधाम में गोबर से दीपक और धूपबत्ती तैयार की जा रही है। दीपक का नाम ‘उर्मिला दीये रखा गया है। खास बात यह है कि दिये पानी के पात्र में और अनोखी छटा बिखेंगे। यह गलेंगे भी नहीं। इन्हें आकर्षक रूप देने में ग्रामीण दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। वहीं, गोबर से धूपबत्ती भी कई तरह के पदार्थ मिलाकर तैयार की जा रही है।

किसान केशव प्रसाद द्विवेदी ने बताया कि भगवान रामचंद्र, माता सीता, लक्ष्मण जी जब 14 साल के लिए वनवास जा रहे थे। तब लक्ष्मण जी की पत्नी उर्मिला ने अपने हाथ पर एक गाय के गोबर का दीपक बनाकर उन्हें दिया था। उसी कथा अनुसार ऐसा दीपक तैयार किया गया है। इसका प्रयोग विजयादशमी पर बेटे-बेटी आयुषी और गोविंद द्विवेदी ने किया। इन्हें पानी भरे बर्तन में जलाया गया। जो काफी देर तक जलते रहे। फिलहाल इसका आसपास के गांवों में निशुल्क वितरित किया जा रहा है।

तैरता रहता है दीपक

दीपक तैयार कर रहे केशव प्रसाद ने बताया कि गोरब (उपलों) के दीपक की कई खूबियां हैं। यह पानी के बर्तन में रखने पर कई घंटों तक तैरता रहता है। न तो यह गलता है और न ही मिट्टी के दीये की तरह तेल को सोखता है।

ग्रामीणों को कर रहे जागरूक

केशव द्विवेदी, गोविंद द्विवेदी गांव में किसानों को भी जागरूक कर रहे हैं। वह पशुओं को खुला छोड़ने पर कतई राजी नहीं हैं। बताया कि देशी गाय के गोबर व गोमूत्र का उपयोग औषधि के रूप में किया जा सकता है। साथ में ‘उर्मिला दीये के रूप में अनेक रंग-बिरंगे दियों का स्वरूप देकर उसे स्वरोजगार के रूप में अपना सकते हैं।जिससे ग्रामीण की आमदनी भी बढ़ेगी। इसका प्रशिक्षण भी खिलारा गौधाम पर दिया जाएगा।

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  • Web Title: 39 Urmila Diyas and Mahakegi Dhoopbatti will shine on Deepawali