जिस ज्वेलरी शॉप से 3.50 करोड़ के गहने गायब किए, उसी को बेच दिए; तीन कर्मचारियों पर FIR
आगरा के किनारी बाजार स्थित ज्वैलर्स की दुकान से करीब 3.5 करोड़ रुपये के ढाई किलो सोने के आभूषण गायब होने का मामला सामने आया है। कारोबारी ने तीन कर्मचारियों पर शक जताते हुए मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस तीनों की हालिया संपत्ति खरीद और लेनदेन की जांच करेगी।

आगरा के किनारी बाजार (कोतवाली) स्थित कृष्ण गोपाल मुकेश बाबू ज्वैलर्स की दुकान से करीब ढाई किलोग्राम सोने के आभूषण गायब होने का मामला पुलिस तक पहुंचा है। तीन कर्मचारियों पर संदेह जताया है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर धोखाधड़ी की धारा में मुकदमा दर्ज किया है। आरोप है कि तीनों कर्मचारियों ने हाल ही में संपत्ति खरीदी है। पुलिस उनसे संपत्ति खरीदने में इस्तेमाल की गई रकम का हिसाब मांगेगी। मामले की जांच शुरू कर दी गई है। एमजी रोड स्थित अवागढ़ हाउस निवासी मुकेश बाबू अग्रवाल ने मुकदमा दर्ज कराया है। उन्होंने पुलिस को बताया कि वह सोने के आभूषण और कीमती नगों का कारोबार करते हैं। ऑर्डर पर भी आभूषण तैयार कराए जाते हैं।
ज्वेलरी शॉप से गायब हुए साढ़े करोड़ के गहने
18 मई 2026 को उन्होंने दुकान के स्टॉक की गणना कराई। स्टॉक में चार किलोग्राम 57 ग्राम सोने के आभूषण दर्ज थे। इनमें महिला और पुरुष दोनों के आभूषण शामिल थे। गणना के दौरान 27 डिब्बे खाली मिले। उनमें रखे जेवरात और कीमती नग गायब थे। साढ़े तीन करोड़ रुपये के करीब ढाई किलोग्राम सोने के आभूषण नहीं मिले। छानबीन में पता चला कि दुकान के कर्मचारी अमित बंसल और धीरज चौहान ने हाल ही में संपत्ति खरीदी है। वहीं 25 अप्रैल 2026 को कर्मचारी दीपक यादव ने उन्हें 23 ग्राम 600 मिलीग्राम सोना बेचा था। इसके बदले वह 2.70 लाख रुपये लेकर गया था। आरोप है कि उसने भी हाल में संपत्ति खरीदी है। मुकेश बाबू अग्रवाल को संदेह है कि दुकान से गायब हुए माल में इन तीनों कर्मचारियों की भूमिका हो सकती है। पुलिस ने अमित बंसल, धीरज चौहान और दीपक यादव के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
दुकान से धीरे-धीरे गायब हुआ माल
इंस्पेक्टर कोतवाली भानु प्रताप सिंह ने बताया कि मुकदमे में दुकान से धीरे-धीरे माल गायब होने की बात कही गई है। दुकान में रखे जेवरात के डिब्बे खाली होते गए और मालिक को इसकी भनक नहीं लगी। यह बिंदु पुलिस जांच का प्रमुख विषय है। पुलिस यह भी जांच करेगी कि कर्मचारियों ने कितनी कीमत की संपत्ति खरीदी, उसके लिए भुगतान का स्रोत क्या था और उनके खातों में हाल के दिनों में कोई बड़ी रकम जमा हुई है या नहीं। साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


