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जौनपुरअश्वगंधा रोपण के लिए तत्काल करें बीज की बुआई

हिन्दुस्तान टीम,जौनपुरPublished By: Newswrap
Tue, 01 Jun 2021 03:11 AM
अश्वगंधा रोपण के लिए तत्काल करें बीज की बुआई

जौनपुर। जून के अंतिम सप्ताह में रोपाई के लिए किसान तत्काल औषधीय पौधा अश्वगंधा के बीज की बुआई कर दें। 25 से 30 दिन में पौधे रोपण योग्य हो जाएंगे। यह नगदी फसल है। इसे लगाकर किसान अपनी आर्थिक स्थिति सुदृढ कर सकते हैं। जायद की इस फसल को नीलगाय व अन्य छुट्टा पशु नहीं चरते। इसकी रोपाई करके चार माह बाद उसी खेत में आलू की बुआई कर सकते हैं।

किसानों को यह जानकारी कृषि विज्ञान केन्द्र बक्शा के समन्वयक कृषि वैज्ञानिक डा.सुरेश कुमार कन्नौजिया दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि अश्वगंधा की खेती के लिए बलुई दोमट या हल्की लाल मृदा उपयुक्त होती है। जिसमें 7.5 से 8.00 पीएच मान हो वह भूमि सर्वोत्तम होती है।

अश्वगंधा की रोपाई जून माह के अंतिम सप्ताह में कर देना चाहिए। यह बारिश की फसल है। वैसे अश्वगंधा सूखा बरदास्त करने वाली फसल है। एक हेक्टेयर में बुआई के लिए 500 से 700 ग्राम बीज की आवश्यकता होती है। बुआई के 25-30 दिन बाद पौधे रोपण योग्य हो जाते हैं। रोपाई के बाद हल्की सिंचाई कर देनी होगी। सल तैयार होने पर अश्वगंधा की सूखी जड़ें तीन से पांच कुन्तल तक प्राप्त हो जाती हैं। इसके अलावा यदि बीज तैयार करना है तो 50 से 75 किलोग्राम बीज मिल सकता है। कटाई के समय ध्यान रहे कि पौधे की कटाई एक से 2 सेमी ऊपर से करें। तत्पश्चात उसे सुखवा लें।

कृषि वैज्ञानिक डा.सुरेश कुमार कन्नौजिया ने बताया कि अश्वगंधा का उपयोग औषधि के रूप किया जाता है। यह बल बर्धक, स्फूर्ति दायक होती है। इसके सेवन से महिलाओं का गर्भाशय मजबूत होता है। स्मरण शक्ति भी बढती है। यह तनावरोधी, कैंसररोधी, कृमि नाशक तथा एन्टी आक्सीडेन्ट है।

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