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जौनपुरघरों में एक दिन के भूख हड़ताल पर रहे शिक्षामित्र

हिन्दुस्तान टीम,जौनपुरPublished By: Newswrap
Tue, 01 Jun 2021 03:11 AM
घरों में एक दिन के भूख हड़ताल पर रहे शिक्षामित्र

जौनपुर। उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के बैनर तले सोमवार को जिले भर के शिक्षामित्रों ने एक दिवसीय भूख हड़ताल कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान संगठन के जिला अध्यक्ष संदीप यादव ने अपने पैतृक आवास खेतासराय क्षेत्र में आयोजित भूख हड़ताल में उपस्थित साथियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश की योगी सरकार और केंद्र सरकार शिक्षा मित्रों के साथ किए गए वादे को भूल रही है ।

पंचायत चुनाव में सैकड़ों शिक्षामित्र, अनुदेशक मौत के मुंह में चले गए लेकिन अभी तक उनके परिवार की सुध नहीं ली गई। इससे साफ जाहिर होता है कि प्रदेश सरकार शिक्षा मित्रों के साथ धोखा कर रही हैं। सरकार की कथनी और करनी में बहुत अंतर है। जिलाध्यक्ष संदीप यादव के नेतृत्व में हुये इस आंदोलन में मांग की गई कि पंचायत चुनाव ड्यूटी में मृतक शिक्षामित्रों के परिजन के एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी एवं 50 लाख रुपया आर्थिक मुआवजा दिया जाए। उत्तर प्रदेश के समस्त शिक्षा मित्रों को पुन: सहायक अध्यापक पद पर समायोजित किया जाए। इन्हीं मांगों को लेकर आज पूरे प्रदेश में एक दिवसीय कार्यक्रम चला। इसमें ब्लाक अध्यक्ष योगेश यादव, जिला मीडिया प्रभारी मोहम्मद अब्बास, ब्लाक अध्यक्ष सरफराज खान, मीरा देवी, कमलेश कुमारी अन्य शिक्षामित्र उपस्थित रहे। उधर, शिक्षामित्र संघ के जिला महामंत्री छोटेलाल गौतम ने आज अपने पूरे परिवार के साथ एक दिवसीय भूख हड़ताल पर बैठकर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के द्वारा किया वादा याद दिलाते हुए अपनी मांगों को प्रमुखता से रखा।

हिंस गौराबादशाहपुर के अनुसार उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के प्रदेश अध्यक्ष के आह्वान जिले के सभी ब्लाक के शिक्षामित्र अपने- अपने घर पर सोमवार को भूख हड़ताल पर रहे। शिक्षामित्रों ने केंद्र व राज्य सरकार द्वारा 2017 में किए गये वादे को याद दिलाने के लिए यह एक दिवसीय भूख हड़ताल किया है। शिक्षामित्र संघ धर्मापुर के ब्लाक अध्यक्ष मो. अब्बास ने बताया कि शिक्षामित्रों की प्रमुख मांगों में पंचायत चुनाव ड्यूटी के दौरान मृतक शिक्षामित्रों के परिजन को एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी एवं 50 लाख रुपया आर्थिक मुआवजा दिया जाय और उत्तर प्रदेश के समस्त शिक्षामित्रों को पुन: सहायक अध्यापक पद पर समायोजित किया जाय।

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