फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाने के मामले में कई राज्यों में जांच
Jaunpur News - जौनपुर में जन्म प्रमाण पत्र बनाने के लिए पंचायत और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के ई-मेल हैक करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने पांच जालसाजों को गिरफ्तार किया है, जो बड़े पैमाने पर प्रमाण पत्र बना रहे थे। राजस्थान, महाराष्ट्र और बिहार पुलिस ने भी जांच शुरू की है।

जौनपुर, संवाददाता। पंचायत विभाग, ग्रामीण विकास विभाग और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को दिए गए ई-मेल और पासवर्ड को हैक कर जन्मप्रमाण पत्र बनाने की जांच राजस्थान, महाराष्ट्र और बिहार पुलिस ने भी शुरू कर दी है। इस मामले का बीते वर्ष चार दिसंबर को जौनपुर पुलिस ने राजफाश करते हुए पांच अंतर जनपदीय जालसाजों को गिरफ्तार किया था। इन जालसाजों ने बड़ी संख्या में जन्म प्रमाण पत्र इसी तरह से तैयार किए हैं। इसमें उत्तराखंड, उत्तरप्रदेश, महाराष्ट्र के पांच सौ से अधिक जन्म प्रमाण पत्र बरामद किए गए थे। राजस्थान और बिहार में भी इस तरह के मामले सामने आने के बाद एक बार दोबारा इस प्रकरण की जांच शुरू कर दी गई है, जिसमें जौनपुर पुलिस की ओर से सहयोग मांगा गया है।
गिरोह के मास्टरमाइंड लखनऊ की प्रेम विहारी कॉलोनी निवासी अभिषेक गुप्ता लागिन और पासवर्ड को एक दिन के लिए 20 से 25 हजार रुपये में किराए पर देता था। इसके अलावा मधुबनी बिहार के खैरीबाकर निवासी राशिद, अमरोहा के डगरौली निवासी राजीव कुमार, गौतमबुद्ध नगर के हैबतपुर निवासी राजकुमार उर्फ विक्की और मऊ के टेकई निवासी अंकित यादव उर्फ शुभम यादव भी इस जालसाजी में शामिल था। यह सभी जन्मप्रमाण पत्र तैयार कर इसे सात सौ से एक हजार रुपये में बेचकर कमिशन लेते थे। यह पूरा गिरोह वाट्सऐप ग्रुप से संचालित किया जा रहा था। ऐसे में पुलिस को अंदेशा है कि कुछ सदस्य अभी भी सक्रिय हैं। एएसपी सिटी आयुष श्रीवास्तव ने कहा कि महाराष्ट्र, राजस्थान और बिहार पुलिस ने संपर्क कर गलत तरीके से जन्मप्रमाण पत्र बनाने से जुड़े लोगों की जानकारी मांगी है, जिसे मुहैया करा दिया गया है। कार्रवाई के दौरान बरामद हुए पांच सौ जन्म प्रमाण पत्र को निरस्त कराने के लिए जरूरी प्रक्रिया की जा रही है।
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