अधिक गर्मी से पीड़ित प्रभु जगन्नाथ को कराया गया स्नान
पौराणिक मान्यता के अनुसार ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा तिथि पर सोमवार को अधिक गर्मी से पीड़ित होने पर प्रभु श्री जगन्नाथ को 38, बहन सुभद्रा को 33 तथा बड़े
जौनपुर। पौराणिक मान्यता के अनुसार ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा तिथि पर सोमवार को अधिक गर्मी से पीड़ित होने पर प्रभु श्री जगन्नाथ को 38, बहन सुभद्रा को 33 तथा बड़े भाई बलभद्र को 37 घड़ा जल से स्नान कराया गया। स्नान के उपरांत भगवान के विग्रह का षोडशोंपचार पूजन मंदिर के मुख्य अर्चक दिनेश चंद्र द्विवेदी ने कराया। इसके पूर्व सुबह सात बजे श्री जगन्नाथ रथयात्रा समिति तथा श्री जगन्नाथ सेवा ट्रस्ट के संयुक्त तत्वाधान में रथ यात्रा महोत्सव का शुभारम्भ आदिगंगा गोमती के हनुमान घाट से जल कलश यात्रा निकाल कर की गई। 108 कलश में आचार्य डॉ.रजनीकांत द्विवेदी ने मंत्रोच्चार करके जल भरवाया।
जल कलश यात्रा हनुमान घाट से चलकर शाही क़िला, मानिक चौक होते श्री जगन्नाथ मंदिर रासमंडल पहुंची। वहां प्रभु श्री जगन्नाथ, बहन सुभद्रा तथा भाई बलभद्र को विधिवत स्नान कराया गया। भगवान के विग्रह को स्नान कराने के बाद विधि विधान से पूजन कर हलवा व चना का भोग लगाया गया। तत्पश्चात भक्तों में प्रसाद वितरित किया गया।इस मौके पर रथ यात्रा महोत्सव के अध्यक्ष शशांक सिंह रानू, महामंत्री शिव शंकर साहू, सह संयोजक विनय बरौतिया, जग्गूसेठ, यात्रा प्रभारी पं.निशाकांत द्विवेदी, राजेश गुप्ता, आशीष यादव, संतोष गुप्ता, आशुतोष मिश्रा, सीए संजय गुप्ता, भरत कपूर, संजय पाठक, मनीष गुप्ता, रत्नेश, मनोज मिश्रा, विजय अस्थाना, बसंत प्रजापति, आलोक वर्मा, डॉ.विकास रस्तोगी, विवेक भाटिया, नीलिमा गुप्ता, संध्या सेठ, महेंद्र, केतन अस्थाना अन्य उपस्थित रहे। रथयात्रा समिति के अध्यक्ष शशांक सिंह रानू ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।
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