होली पर्व को लेकर बाजारों में बढ़ी चहल पहल
Jaunpur News - फोटो...06लोग शुरू कर दिए हैं। पापड़, चिप्स, मैदा, रिफाइन आदि की दुकानों पर भीड़ लगनी शुरू हो गई है। पर्व मनाने की परम्परा का पालन करने के लिए शुक्रवार

जौनपुर, संवाददाता। रंगों का पर्व होली नजदीक आते ही बाजारों में चहल पहल बढ़ गई है। त्योहार से सम्बंधित सामानों की खरीददारी करना लोग शुरू कर दिए हैं। पापड़, चिप्स, मैदा, रिफाइन आदि की दुकानों पर भीड़ लगनी शुरू हो गई है। पर्व मनाने की परम्परा का पालन करने के लिए शुक्रवार को बाजारों में लोग खरीददारी करते देखे गए। होलिका दहन दो मार्च सोमवार की रात किया जाएगा। ढ़ुलहड्डी यानी रंगोत्सव चार मार्च बुधवार को होगा। होली पर बाजारों में आलू, साबूदाना तथा मूंग का पापड़, चावल, मक्का और साबूदाना के चिप्स की दुकानें गांव से लेकर शहर तक की बाजारों में सज गई हैं।
शहर में ओलंदगंज, कोतवाली चौराहा, चहारसू चौराहा, पालिटेक्निक चौराहा, लाइन बाजार, कचहरी समेत अन्य बाजारों में दुकानें लगी हैं। इसी प्रकार जिले की प्रमुख बाजारों शाहगंज, खेतासराय, मछलीशहर, मड़ियाहूं, केराकत, जलालपुर समेत अन्य स्थानों पर होली से सम्बंधित सामानों की लोग खरीददारी करने में जुट गए हैं। गांवों में तेल के लिए तैयार कर रहे नई सरसों गांवों में नई सरसों की फसल पीट पछोर कर तेल के लिए तैयार की जा रही है। होलिका दहन के दिन बूढ़े से लेकर बच्चों तक को कच्ची सरसों का उबटन लगाया जाता है। उबटन लगाने के बाद अवशेष के रूप में जो लिज्झी निकलती है उसे गन्ने का अग्रभाग पत्ती समेत, गेहूं और जौ के पौधे के साथ होलिका में डाला जाता है। इस परम्परा के पालन की तैयारी में लोग जुटे हैं। जिनकी सरसों की फसल अभी तैयार नहीं है और पुरानी सरसों भी खत्म हो गई है, वे बाजार या पास पड़ोस से सरसों खरीद रहे हैं। बिक रही पिचकारी और रंग-गुलाल होली पर्व के लिए बाजारों में विभिन्न प्रकार की पिचकारी, रंग-अबीर, टोपी आदि की दुकानें सजी हैं। इस साल होली पर्व पर पिचकारी का दाम गत वर्ष की अपेक्षा बढ़ गया है। बाजार में मोटू-पतलू, पोकेमान, डोरेमन, स्पाइडर मैन, बैडमैन, अग्गी आदि नामों से पिचकारी बिक रही है। इसके अलावा दवा छिड़कने वाली स्प्रे मशीन, स्कूली बैग, विभिन्न प्रकार के जन्तु की शक्ल में पिचकारी बच्चों के आकर्षण का केन्द्र बनी है। होलिका दहन का मुहूर्त होलिका दहन दो मार्च सोमवार को रात 12:50 से 2:20 के बीच करने का मुहूर्त है। ज्योतिषी और कथा व्यास डॉ.रजनीकान्त द्विवेदी के अनुसार होलिका दहन के लिए कुछ महत्वपूर्ण बिन्दुओं का पालन करना अनिवार्य होता है। जैसे, फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा हो, रात्रि में होलिका दहन हो तथा भद्रा बीत चुकी हो। दो मार्च को शाम पांच बजकर 18 मिनट पर भद्रा लग रही है। जो भोर में 4:56 बजे तक रहेगी। परन्तु भद्रा का मुख रात 12:49 बजे तक रहेगा। ऐसे में भद्रा के पुच्छ में रात 12:50 बजे होलिका दहन का मुहूर्त शुरू हो जाएगा, जो रात 2:20 तक रहेगा। चार मार्च को मनेगा रंगोत्सव इस साल होली जलने के दूसरे दिन नहीं बल्कि तीसरे दिन रंगोत्सव मनाया जाएगा। होली दो मार्च की रात और रंग पर्व चार मार्च को होगा। तीन मार्च मंगलवार को चंद्र ग्रहण के नाते होली का पर्व नहीं मनाया जाएगा। ज्योतिषी डॉ.रजनीकान्त द्विवेदी के अनुसार तीन मार्च को अपराह्न 3:19 बजे से शाम 6:47 बजे तक चंद्र ग्रहण है। भारत में चन्द्र गहण शाम छह बजे से 6:47 बजे तक दिखाई देगा।
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