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निजी अस्पताल के अफसरों पर धोखाधड़ी का मुकदमा

लाइनबाजार थाना क्षेत्र के किशुनपुर निवासी कैंसर के एक मरीज ने वाराणसी के डीरेका के पास स्थित एक निजी अस्पताल के अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ मंगलवार को सीजेएम कोर्ट में धोखाधड़ी व गबन का मुकदमा दायर किया है। इस पर सीजेएम राहुल आनंद की कोर्ट ने थाने से रिपोर्ट तलब की है।
मरीज अच्छेलाल ने आरोप लगाया है कि वह अपना इलाज वाराणसी के एक निजी अस्पताल में करा रहा है। आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण उसके परिजनों ने मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से आर्थिक सहायता के लिए आवेदन किया। अस्पताल के अधीक्षक व अन्य अधिकारियों-कर्मचारियों द्वारा इलाज के संबंध में दो लाख छाछठ हजार सात सौ रुपये इस्टीमेट बनाकर दिया गया। रुपये स्वीकृत होने तक वादी कर्ज लेकर इलाज कराता रहा। मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से वादी व दो अन्य मरीजों के हक में दो लाख पचहत्तर हजार रुपये बैंक ड्राफ्ट के जरिए अस्पताल प्रशासन को भेजा गया जिसमें एक लाख रुपये वादी के पक्ष में कैंसर के इलाज के लिए स्वीकृत हुआ था। अस्पताल प्रशासन ने साजिश कर वादी के पक्ष में स्वीकृत एक लाख रुपए हड़प लिये। उसका लाभ नहीं दिया। थोड़ा ठीक होने पर पूछताछ करने अस्पताल  गया तो अधिकारी व कर्मचारी टालमटोल करने लगे।
जब वादी ने पुलिस कार्रवाई करने को कहा तो बीती 26 अगस्त  को अस्पताल के दो कर्मचारी उसके घर आये और उससे कुछ कागजात पर दस्तखत करने को कहा कि इससे रुपए मिल जाएंगे। इनकार करने पर मारपीट पर उतारू हो गए। गालियां व जान से मारने की धमकी देते हुए चले गये। मरीज ने मुख्यमंत्री व पुलिस के उच्चाधिकारियों को शिकायत की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।   

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  • Web Title:Fraud lawsuits on private hospital officials