सहायक नहीं ‘शारदा’, दूसरी दिक्कतें आपदा
Jaunpur News - गुड़हाई मोहल्ले में बरसात के दौरान शारदा नदी का पानी नालियों के माध्यम से आ जाता है, जिससे जलजमाव और गंदगी की समस्या हो जाती है। नगरपालिका की लापरवाही के कारण सड़कें और नालियां खराब हो गई हैं। मोहल्ले के लोग मच्छरों और बीमारियों का सामना कर रहे हैं। समाधान की मांग की गई है।

शारदा नदी का पानी हर बरसात में एक नाले के जरिए मोहल्ले में पहुंच कर आफत बन जाता है। तब सहायक नहर आपदा लगने लगती है। वैसे, दूसरी समस्याएं भी गुड़हाई मोहल्ले के बाशिंदों के लिए आपदा से कम नहीं हैं। जलजमाव, क्षतिग्रस्त सड़क और नालियां भारी परेशानी की वजह बन गई हैं। कई जगह नालियों में पटिया धंसी पड़ी है। कूड़ेदान और स्ट्रीट लाइटों के अभाव के बीच मच्छर भी दिनचर्या को जनजीवन को असहज बनाए हुए हैं। बाशिंदों को नगरपालिका के जिम्मेदारों के झूठे दावों से अधिक कोफ्त है। उनका कहना है कि प्रशासनिक अधिकारी समस्याएं दूर करने के लिए कुछ नहीं करते हैं।
हां, उनकी जबान पर ‘ना’ शब्द नहीं होता है। नगरपालिका मुंगरा बादशाहपुर के वार्ड नंबर-5 के गुड़हाई मोहल्ले में जुटे बाशिंदों ने ‘हिन्दुस्तान’ से बातचीत के दौरान कई समस्याएं साझा कीं। शकील अहमद ने कहा कि पानी निकासी के लिए बनी नालियां जगह-जगह टूट गई हैं। गंदा पानी सड़क पर फैलता है। राहगीरों को चलने में दिक्कत होती है। बरसात में बदबू परेशान करती है। जलजमाव के बीच बाइक से भी चलना कठिन हो जाता है। आरती देवी ने कहा कि कई स्थानों पर नालियों का किनारा धंस गया है। इससे भी गंदा पानी रास्ते पर जमा हो जाता है। घरों के सामने हमेशा गीलापन बना रहता है। घरों में सीलन पैदा हो जाती है। कई घरों में प्लास्टर उखड़ने लगे हैं। शांति देवी ने कहा कि मलिया का गोड़ा क्षेत्र में आज भी नाली निर्माण अधूरा है। लोगों को रोज गंदगी झेलनी पड़ती है। शुभम शर्मा ने बताया कि नालियों पर लगी सीमेंटेड पटिया कई जगह टूट गई हैं। वहां कचरा जाने से पानी नहीं बहता। कई जगह लोग लकड़ी या ईंट रखकर काम चला रहे हैं। सचिन विश्वकर्मा ने कहा कि कई स्थानों पर खुली नाली से बदबू फैलती है। लोग नाक ढंककर गुजरते हैं। बच्चों के गिरने का भी खतरा रहता है। कई बार बच्चों की गेंद या खिलौना नाली में गिर जाता है। मच्छरों का प्रकोप बढ़ा : नंदू कुमार ने बताया कि नालियों में कीटनाशक दवाइयों का छिड़काव नहीं होता। शाम होते ही मच्छर बढ़ जाते हैं। लोग घर के बाहर बैठ नहीं पाते। बच्चों को मच्छरदानी में सुलाना पड़ता है। मोहम्मद शरीफ ने कहा कि जब नालियों की सफाई नियमित नहीं होगी और दवा नहीं डाली जाएगी तो बीमारी का खतरा बढ़ेगा। इन दिनों बीमारियों का खतरा बना हुआ है। मोहल्ले में कई लोग बुखार से परेशान हैं। समस्या के समाधान की मांग की गई। नाले से जलजमाव : खैरुन्निशा ने बताया, शारदा सहायक नहर से निकला एक नाला गुड़हाई की सीमा से गुजरता है। उसकी नियमित सफाई नहीं होती। बरसात में पानी ओवरफ्लो होने पर नाला के जरिए घरों तक पहुंच जाता है। लोगों को सामान ऊंचाई पर रखने पड़ते हैं। बोलीं, नाले की कभी सफाई नहीं होती। नाले की गहराई कम हो गई है। प्रस्तुति : आनंददेव/जफर खां इंटरलॉकिंग उखड़ने से रास्ता चलना दूभर सुजाता गुप्ता ने कहा कि पूर्व चेयरमैन के समय बनी इंटरलॉकिंग सड़क उखाड़ दी गई लेकिन दोबारा बनवाई नहीं गई। ऊषा सिंह ने कहा कि रोड पर लोग ठोकर खा रहे हैं। बुजुर्गों और बच्चों को ज्यादा परेशानी होती है। अनिता पटेल ने कहा कि छोटे बच्चे खेलते समय गिर जाते हैं। महिलाएं चलते समय रुक कर संतुलन बनाती हैं। शकील अहमद ने कहा कि मोहल्ले में अब तक सीवर लाइन नहीं बिछी है। अधिकांश घरों में असेप्टिक टैंक जब भर जाते हैं तो मलजल नाली में बहने लगता है। दूर करें मुसीबतें कूड़ेदान नहीं है। लोग मजबूरी में कचरा खुले में फेंक रहे हैं, कूड़ेदान रखवाया जाए। गंदा पानी सड़क पर फैलने से कीचड़ रहता है। घर से निकलने में दिक्कत होती है। आरती देवी मालिया का गोड़ा में नाली निर्माण अधूरा है, घरों का पानी रास्ते पर बहता है। शांति देवी अनिता पटेल स्ट्रीट लाइटें दूर हैं। गली का बीच हिस्सा अंधेरे में डूबा रहता है। रात में दिक्कत है। निशा देवीअधूरी रोड पर लोग रोज ठोकर खाकर घायल हो रहे हैं। बारिश में दिक्कत होती है। इंटरलॉकिंग उखड़ने से गाड़ी चलाना मुश्किल होता है। सड़क समतल नहीं रही। सुजाता गुप्ता ऊषा सिंह बोले जिम्मेदार गुड़हाई मोहल्ले में सफाई कर्मचारियों की तैनाती की गई है और नियमित सफाई के निर्देश दिए गए हैं। जहां-जहां नालियां टूटी हैं, उनकी मरम्मत शीघ्र कराई जाएगी। संबंधित कर्मचारियों को इस कार्य में तेजी लाने को कहा गया है। अखिलेश तिवारी, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद मुंगराबादशाहपुर कूड़ेदान और स्ट्रीट लाइट की कमी से दिक्कत मोहम्मद शरीफ बोले, मोहल्लावासी घरों का कूड़ा खुले में फेंकने को मजबूर हैं। कूड़ेदान की व्यवस्था नहीं है। अभी कूड़ा सड़क किनारे जमा होता है। आवारा पशु उसमें मुंह मारते हैं जिससे वह सड़क पर फैल जाता है। कहा कि निर्धारित स्थान पर डस्टबिन रख दी जाए और नियमित उठान हो।
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