तकनीकी परिवर्तन सामाजिक संरचना को प्रभावित करता है : प्रो. हरिओम
Jaunpur News - फोटो...नीकी सत्रों में 150 से अधिक शोध-पत्रों का वाचन किया गया। मुख्य वक्ता प्रो.एस के वर्मा विभागाध्यक्ष, जन्तु विज्ञान ने प्रौद्योगिकी की अनिवा

जौनपुर, संवाददाता। शिक्षक शिक्षा विभाग, तिलकधारी स्नातकोत्तर महाविद्यालय के तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय शैक्षिक संगोष्ठी आयोजित हुई। संगोष्ठी में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के डिजिटल अधिगम अवसर, चुनौतियां एवं प्रभाव विषय रखा गया है। संगोष्ठी के दूसरे दिन बुधवार को तकनीकी सत्रों में 150 से अधिक शोध-पत्रों का वाचन किया गया।मुख्य वक्ता प्रो.एसके वर्मा विभागाध्यक्ष, जन्तु विज्ञान ने प्रौद्योगिकी की अनिवार्यता एवं उसके बहुआयामी प्रभावों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने रेखांकित किया कि जहां तकनीक ने शिक्षा को अधिक सुलभ, सशक्त एवं व्यापक बनाया है, वहीं इसके अति-निर्भर उपयोग से मानवीय संवेदनाओं, सामाजिक संबंधों एवं संवादात्मकता पर प्रतिकूल प्रभाव भी दृष्टिगोचर हो रहा है।
विशिष्ट वक्ता विभागाध्यक्ष समाजशास्त्र प्रो. हरिओम त्रिपाठी ने बताया कि तकनीकी परिवर्तन केवल शिक्षण अधिगम प्रक्रिया तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक संरचना, सांस्कृतिक मूल्यों एवं मानवीय अंतःक्रियाओं को भी गहराई से प्रभावित कर रहा है। अध्यक्षता करते हुए प्रो. सुधांशु सिन्हा ने कहा कि तकनीकी आधारित शिक्षा भविष्य के शैक्षिक परिदृश्य को दिशा प्रदान करेगी। अतः शिक्षकों को समयानुकूल दक्षताओं से सुसज्जित होना अनिवार्य है। प्रो. अजय कुमार दुबे ने शिक्षक शिक्षा में टेक्नो-पैडागोजिकल स्किल्स के विकास को केंद्रीय महत्व प्रदान करने पर बल दिया। संचालन डॉ. प्रशान्त कुमार पाण्डेय ने किया। संयोजिका प्रो. श्रद्धा सिंह ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया। इस मौके पर आयोजन सचिव डॉ. अरविन्द कुमार सिंह, डॉ. राय साहब यादव, डॉ. निधि सिंह, डॉ.अंजू श्रीवास्तव उपस्थिति रही।
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