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18 अक्तूबर, 2020|9:31|IST

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शाहगंज में होगा दशहरा और भरत मिलाप

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केसरिया धर्म ध्वज हटाए जाने से श्रद्धालुओं में आक्रोश

शाहगंज। हिन्दुस्तान संवाद

श्री रामलीला मंचन के लिए चल रहे जद्दोजहद के बीच समिति व प्रशासन ने बीच का रास्ता निकाल लिया। कई मुद्दों पर सहमति बन गई जबकि कुछ कार्यक्रमों को स्थगित किया गया है। फिलहाल सायंकालीन और रात्रिकालीन लीला, दशहरा मेला व भरत मिलाप गाइड लाइन के अनुरूप आयोजित किया जाएगा। नए नियम के मुताबिक नगर में देर रात भजन मंडली की करतल ध्वनि के बीच रामरथ भ्रमण नहीं करेगा। उपजिलाधिकारी राजेश कुमार वर्मा, सीओ अंकित कुमार और कोतवाली निरीक्षक दुर्गेश्वर मिश्र ने रामलीला भवन में बैठक कर समिति से आयोजन पर चर्चा की।

इस दौरान निर्णय किया गया कि सायंकालीन पक्का पोखरा रामलीला मैदान में लगने वाला मेला तो लगेगा। इस दौरान परंपरागत ढंग से संगतजी मंदिर से रथ नहीं निकलेगा। रामलीला के पात्र वहीं तैयार होकर रथ पर बैठ जाएंगे। लीला मंचन के उपरांत मेला समाप्त होगा। मालूम हो कि नवरात्रि के प्रथम दिन से नौ दिन तक पक्का पोखरे पर मेले की परंपरा है। इस वर्ष कोराना संक्रमण के कारण प्रथम दिन प्रशासन व समिति की असहमति के कारण मेला नहीं लग सका। दूसरे दिन रविवार को मेले का आयोजन किया गया। इस बीच, 25 अक्टूबर को तहसील मुख्यालय के बगल स्थित रामलीला मैदान में दशहरा मेले का आयोजन किया जाएगा। इस पर सहमति हो गयी। पात्रों को डाक बंगले में ही तैयार किया जायेगा। राम व रावण रथ खाली ही मेला स्थान पर पूर्व में ही भेजने पर सहमति बनी है। इसी क्र में 26 अक्टूबर को भरत मिलाप कार्यक्रम होगा। रात नौ बजे श्रीराम, लक्ष्मण व माता सीता का पुष्पक विमान से परंपरागत स्थान संगतजी मंदिर से पुराना चौक मोहल्ला स्थित भरत मिलाप स्थल पर पहुंचेंगे। वहां चारों भाइयों का मिलन होगा। भरत मिलाप के बाद पूरे नगर में रामरथ भ्रमण की परंपरा है। वैश्विक महामारी के मद्देनजर इस बार प्रशासन ने इसकी अनुमति नहीं दी। बैठक में अध्यक्ष रूपेश जायसवाल, महामंत्री प्रमोद सिंह, प्रदीप जायसवाल, श्याम जी गुप्ता, सुनील जायसवाल, फिरतू राम आचार्य, शिवकुमार नेता, गिरधारी लाल, कालीचरण जायसवाल, भरत लाल अग्रहरी, रामनारायण अग्रहरी, रजनीश मोदनवाल, भुवनेश्वर मोदनवाल, ईशान राम, अजेंद्र अग्रहरी, रचित चौरसिया मौजूद रहे।

हिन्दू युवा वाहिनी ने नवरात्रि पर्व के मद्देनजर जेसीज चौराहे पर केसरिया धर्म ध्वज लगवाए थे। शनिवार रात पुलिस ने उन्हें उतरवा दिया। इससे श्रद्धालुओं में काफी आक्रोश है। इस संबंध में हियुवा के अध्यक्ष अक्षत अग्रहरि ने मुख्यमंत्री समेत आला अधिकारियों को ट्वीट कर शिकायत दर्ज करायी।

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  • Web Title:Dussehra and Bharat will be reconciled in Shahganj