दिनभर हुई रंग अबीर पिचकारी की खरीदारी, रंगोत्सव आज
Jaunpur News - फोटो...07, 08, 09लगी थी। घरों में महिलाएं गुझिया, पापड़, चिप्स बनाने में मशगूल रहीं। बाजार में सुबह से ही रौनक कायम हो गई थी। शहर के ओलंदगंज, कोतवाली
जौनपुर, संवाददाता रंगोत्सव का खुमार मंगलवार से ही लोगों के सिर चढ़कर बोलने लगा था। रंग अबीर से सने लोग बाजारों में विभन्न सामानों की खरीददारी करते रहे। घर से लेकर बाजार तक पर्व की रौनक महसूस होने लगी थी। घरों में महिलाएं गुझिया, पापड़, चिप्स बनाने में मशगूल रहीं। बाजार में सुबह से ही रौनक कायम हो गई थी। शहर के ओलंदगंज, कोतवाली चौराहा, लाइन बाजार आदि बाजारों में जाम की स्थिति बनी रही। बुधवार को मनाए जाने वाले रंगोत्सव को लेकर लोग एक-दूसरे को गुलाल लगाकर होली की बधाई देते रहे। सुबह रोजमर्रा के कार्य निपटाने के बाद लोग झोला लेकर बाजार में निकल गए।
किराना और रंग-अबीर से लेकर कपड़ों तथा जूता-चप्पल की दुकानों पर 10 बजे से ही ग्राहकों की भीड़ लग गई थी। देर शाम तक बाजारों में रौनक बनी रही। ग्रामीण और शहरी इलाकों में तो सोमवार की रात से ही लोगों पर होली का खुमार चढ़ गया है। होलिका दहन के साथ अबीर गुलाल और रंग उड़ाने लगे हैं। सोमवार की रात परम्परागत तरीके से शहर के मुहल्लों और गांवों में होलिका जलायी गयी। होली को लेकर छाया है उत्साह जौनपुर। होली की खरीदारी को लेकर बाजारों में मंगलवार को खूब भीड़भाड़ रही। लोगों ने अपनी सामर्थ्य के मुताबित उत्साह पूर्वक पापड़, चिप्स, गुझिया, मिठाई और अबीर गुलाल के अलावा बच्चों के लिए रंग-बिरंगी पिचकारियां खरीदा। बाजारों में स्वदेशी उत्पादित रंग, अबीर गुलाल अधिक बिक रहे थे। दुकानों पर सजे विभिन्न रंगों के अबीर, गुलाल और पिचकारियां लोगों को बरबस अपनी ओर आकर्षित कर रही थी। इस साल बाजार में छड़ी, सांप, कुल्हाड़ी, बसुली, हथौड़ा के आकार की पिचकारियां बच्चों के आकर्षण का केन्द्र बनी रहीं। इसके अलावा स्पाइडर मैन, सुपर मैन, भालू, बानर, राक्षस और राम-कृष्ण के मुखौटे भी बच्चों ने खरीदा। रंग भरकर एक दूसरे पर दूर से फेंकने के लिए बच्चों ने गुब्बारों की भी खराददारी की। दुकानदारों ने बताया कि लोगों ने हर्बल रंग और अबीर अधिक खरीदे। कपड़ा, जूता-चप्पल की हुई खरीददारी जौनपुर। होली के दिन बुधवार को पहने कर होली मिलने जाने के लिए लोगों ने जूते चप्पलों की भी खरीददारी की। जींस पैंट पर पहने वाले और फार्मल पैंट पर पहने वाले विभिन्न बेरायटी के जूतों की लोगों ने खरीद की। हालांकि अधिकांश लोगों ने कुर्ता पायजामा पर पहने के लिए सैंडल और चप्पल अधिक खरीदा। लोगों ने बच्चों के लिए भी जूते चप्पल खरीदे। जूते चप्पलों की दुकानों पर पुरुषों से अधिक भीड़ महिलाओं की रही। उन्होंने अपने और बच्चों के लिए जूते चप्पल खरीदे। बहुत सी महिलाएं मेवा, खोआ, चिप्स, पापड़ आदि खाद्य सामग्री खरीदने के साथ चिप्स पापड़ बनाने वाली मशीनें खरीदते देखी गईं। हर्बल गुलाल की रही अधिक मांग जौनपुर। होलिकोत्सव में एक दूसरे को लगाने के लिए लोगों ने हर्बल अबीर और गुलाल अधिक पसंद किया। अन्य वर्षों की अपेक्षा इस साल केमिकल युक्त रंग और अबीर गुलाल की अपेक्षा हर्बल गुलाल की अधिक खरीददारी की। हालांकि कीमत अधिक होने से आम आदमी इसे पर्याप्त नहीं करीद सका लेकिन मध्यम और अच्छे तबके लोगों ने हर्बल रंग और अबीर की खरीददारी की। दुकानदारों ने बताया कि हर्बल रंग और अबीर गुलाल बिके। केमिकल वाले गुलाल 100 से 150 रुपए प्रति किलो जबकि हर्बल गुलाल तीन से चार सौ रुपए किलो तक बिका। दुकानदारों ने बताया कि अबीर गुलाल की अपेक्षा रंग कम बिके। शहर के अलावा गांवों में युवक और बड़े बुजुर्ग रंग फेकने से परहेज कर रहे हैं। अबीर गुलाल लगाकर होली की बधाई देना अधिक श्रेयस्कर समझने लगे हैं। केमिकल युक्त रंग से बचें लोग जौनपुर। जिले के चिकित्सक केमिकल युक्त रंग अबीर से परहेज करने की सलाह दे रहे हैं। जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. अशोक यादव के अनुसार रंगोत्सव पर हर्बल रंगों का प्रयोग करना सभी के लिए बेहतर होगा।उन्होंने लोगों को जागरूक करने के लिए बताया कि केमिकल रंगों से त्वचा सम्बंधी रोगों के फैलने का खतरा रहता है। यह रंग और अबीर आंख पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। फूलों आदि से बने प्राकृतिक रंग त्वचा के लिए विशेष उपयोगी हैं। इनसे कोई नुकसान नहीं होता। उन्होंने सलाह दी है कि यदि आंख में रंग-गुलाल चला जाय तो तत्काल पानी से धोएं और चिकित्सक से सलाह लेकर दवा लें। राशि के हिसाब से करें रंगों का प्रयोग जौनपुर। जीवन में रंगों का बहुत महत्व है। होली रंगों का पर्व है। ज्योतिष शास्त्र में भी रंगों का विशेष महत्व बताया गया है। इनमें ग्रहों और राशियों के हिसाब से भिन्न-भिन्न रंगों का प्रयोग बताया गया है। मेष और वृश्चिक राशि का स्वामी मंगल है। इसका रंग लाल है। इस राशि के जातक होली में लाल रंग का प्रयोग करें। वृष और तुला राशि का स्वामी शुक्र है। इसका रंग सफेद है। सफेद रंग शान्ति व विरक्ति का प्रतीक है। मिथुन एवं कन्या राशि का प्रतिनिधित्व बुध करता है। इसे हरा रंग प्रिय है। यह रंग सौम्यता, शान्ति, प्रेम, सौहार्द्र तथा संतुलन को दर्शाता है। सिंह राशि का स्वामी सूर्य है। इन्हें लाल रंग प्रिय है। सूर्य से ही जगत प्रकाशित और उर्जावान है। धनु तथा मीन राशि का अधिपति गुरु है। इन्हें पीला रंग प्रिय है। पीला रंग आशावादिता, भावुकता और मिलनसारिता का प्रतीक है। मकर और कुम्भ का स्वामी शनि है जिसे नीला रंग पसंद है। यह रंग मस्तिष्क के संतुलन को बनाए रखने का काम करता है। ज्योतिषी और कर्मकांड के विद्वान पं.ओंकार नाथ दुबे मकरा तथा कर्मकांडी पं.शीतला प्रसाद मिश्र का कहना है कि राशियों के हिसाब से रंग प्रयोग करें तो धन-धान्य में वृद्धि और परिवार में सुख-शान्ति रहेगी।
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।



