
ज्ञान के समान धरती पर कुछ पवित्र नहीं है : प्रो.आरएन त्रिपाठी
Jaunpur News - जौनपुर में भारत विकास परिषद शौर्य द्वारा गुरु-शिष्य परंपरा को बढ़ावा देने के लिए कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न विद्यालयों के शिक्षकों और छात्रों को सम्मानित किया गया। इसके बाद...
जौनपुर, संवाददाता। भारत विकास परिषद शौर्य के तत्वावधान में शहर के एक सभागार में सोमवार को कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसके प्रथम चरण में गुरु-शिष्य परम्परा को बढ़ाने के उद्देश्य से संस्था ने विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाचार्य, अध्यापक और विशिष्ट छात्र को सम्मानित किया। संस्था के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. संदीप पाण्डेय के नेतृत्व में कार्यक्रम का शुभारम्भ भारत माता और स्वामी विवेकानंद के चित्र पर पुष्प अर्पित करते दीप प्रज्ज्वलित किया गया। तत्पश्चात पश्चात वंदे मातरम गीत गाया गया। कार्यक्रम के दौरान अमूल मौर्या ने शिव ताण्डव नृत्य करके उपस्थित लोगों का मनमोह लिया। संस्था के सचिव अवधेश गिरी के संचालन में छात्रों ने अपने गुरु को तिलक लगाकर माल्यार्पण किया।

गुरुजन और छात्र दोनों को मुख्य अतिथि पूर्व सदस्य उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग प्रो.आरएन त्रिपाठी ने सम्मानित किया। संस्थाध्यक्ष डॉ. संदीप पाण्डेय ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि संस्था विगत तीन वर्षों से निरंतर राष्ट्रीय और सांस्कृतिक चेतना जगाने के उद्देश्य से कार्य कर रही है, जिसमें छात्रों का व्यक्तित्व परिवर्तन प्रमुख उद्देश्य है। मुख्य अतिथि ने संस्थापक को ऐसे संगठन का निर्माण करने के लिए शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि सबसे पहला धर्म चरित्र निर्माण होना चाहिए। ज्ञान के समान इस धरती पर न कुछ पवित्र है और न ही ज्ञान के समान कुछ कीमती है। विशिष्ट अतिथि डॉ. पूनम सिंह ने गुरु और छात्र के सम्मान में आयोजित इस कार्यक्रम की सराहना की। कार्यक्रम के द्वितीय चरण में बच्चों के रचनात्मक विकास को लेकर राष्ट्रीय समूह गान प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। सर्वप्रथम शाखा प्रबंधक जयशंकर सिंह ने प्रतियोगिता के नियम बताए गए। प्रतियोगिता में मां दुर्गा सीनियर सेकेंड्री स्कूल ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। द्वितीय स्थान डीबीएस इंटर कॉलेज रामदयालगंज तथा तृतीय स्थान महावीर कान्वेंट स्कूल नखास ने जीता। निर्णायक काशी से आए पं.आशीष मिश्र (एम्यूज), संगीतकार पं. सूर्यप्रकाश मिश्र बल्ला गुरु तथा संगीत शिक्षक प्रज्ञा मिश्रा रहीं। द्वितीय सत्र के मुख्य अतिथि अपर पुलिस अधीक्षक नगर आयुष श्रीवास्तव ने शौर्य के कार्यक्रमों के सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रतिस्पर्धा व्यक्ति को सदैव अपने आप से करनी चाहिए। आज जो प्रदर्शन करेंगे उसकी तुलना में आपका अगला प्रदर्शन और अच्छा होना चाहिए। तभी सही मायने में विजयी माने जाएंगे। उन्होंने कहा कि जीवन वही श्रेष्ठ है जो अपने जनपद, प्रदेश और राष्ट्र की सेवा में लगा है। विशिष्ट अतिथि प्रांतीय गतिविधि संयोजक संस्कार बीना पाण्डेय ने कहा कि प्रतिस्पर्धा में कोई हारता नहीं है, या तो जीतता है या सीखता है। इस मौके पर प्रकल्प प्रमुख रंजीत सिंह सोनू, कार्यक्रम संयोजक अतुल मिश्र, राजीव श्रीवास्तव, कोषाध्यक्ष जनार्दन पाण्डेय, नीरज श्रीवास्तव, नित्यानंद पाण्डेय, पंकज सिंह, सुनील सिंह, डॉ. राजेश, डॉ. गिरीश, रमेश श्रीवास्तव, राय साहब शर्मा, दया निगम, संदीप चौधरी, प्रमोद सैनी, रविंद्र गुप्ता, अरविंद गिरी, ज्योति श्रीवास्तव, सुधा पाण्डेय, मीनू श्रीवास्तव, साधना जायसवाल, अंजू सिंह अन्य उपस्थित रहे। संचालन हर्षित गुप्ता एवं अतुल जायसवाल ने किया। प्रकल्प प्रमुख सुजीत यादव ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया। समापन राष्ट्रगान से हुआ।

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