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अनुराग दुबे बने इसरो वैज्ञानिक, गांव में छाई खुशी

अनुराग दुबे बने इसरो वैज्ञानिक, गांव में छाई खुशी

संक्षेप:

Jaunpur News - सिकरारा (जौनपुर) के मीठेपार गांव के अनुराग दुबे ने इसरो में वैज्ञानिक पद पर चयनित होकर जिले का नाम रोशन किया है। किसान परिवार से आने वाले अनुराग की सफलता ने गांव में उत्सव का माहौल बना दिया है। उन्होंने IIT दिल्ली से एमटेक किया है और स्थानीय युवाओं के लिए प्रेरणा बने हैं।

Dec 16, 2025 01:09 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, जौनपुर
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सिकरारा (जौनपुर)। क्षेत्र के मीठेपार गांव निवासी अनुराग दुबे ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) में वैज्ञानिक/इंजीनियर पद पर चयनित होकर जिले का नाम रोशन किया है। उनकी इस उपलब्धि से गांव और परिवार में उत्सव का माहौल है। किसान परिवार से आने वाले अनुराग ने कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प से यह मुकाम हासिल किया है। अनुराग के पिता राजेश दुबे खेती-किसानी करते हैं, जबकि मां आशा दुबे गृहिणी हैं। दादा हरिशंकर दुबे गांव के सम्मानित व्यक्ति हैं। सामान्य आर्थिक स्थिति वाले इस परिवार में अनुराग की सफलता ने सभी को गौरवान्वित कर दिया है। गांववासी इसे उत्सव की तरह मना रहे हैं और अनुराग को बधाइयां दे रहे हैं।

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अनुराग की प्रारंभिक शिक्षा गांव में ही हुई। उन्होंने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट केएन सिंह इन्टर कालेज, बांकी से पूरी की। इसके बाद 2014 में उन्होंने आइडियल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, गाजियाबाद (एके टीयू) से बीटेक की डिग्री हासिल की। आगे की पढ़ाई में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 2022 में आईआईटी दिल्ली से एमटेक (एप्लाइड मैकेनिक्स) किया। वर्तमान में अनुराग मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड, गुरुग्राम में कार्यरत हैं। इससे पहले 2023 में उनका चयन मिश्रा धातु निगम लिमिटेड (मिडहानी) जैसे सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम में भी हुआ था, लेकिन उन्होंने पढ़ाई जारी रखने का फैसला लिया और जॉइन नहीं किया। अनुराग का इसरो में चयन न केवल उनके गांव मीठेपार बल्कि पूरे जौनपुर जनपद के लिए गर्व की बात है। वे क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बन गए हैं। अनुराग ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, दादा-दादी और गुरुजनों को दिया है। गांववासियों का कहना है कि अनुराग जैसी मेहनत करने वाले युवा देश का भविष्य हैं। उनकी इस उपलब्धि से स्थानीय युवाओं में पढ़ाई और करियर के प्रति नई उम्मीद जगी है