यूपी में यहां बनने जा रही है जापान-सिंगापुर सिटी, जमीन चिह्नित; अधिग्रहण की भी तैयारी
यूपी में जापान और सिंगापुर सिटी बसाने के लिए जमीन चिह्नित कर ली गई है।यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) ने जापान सिटी और सिंगापुर सिटी के विकास को लेकर औपचारिक प्रस्ताव शासन को भेज दिया है।

जापान और सिंगापुर सिटी घूमने के लिए अब आपको विदेश नहीं जाना पड़ेगा। यूपी में ही इसे बनाने की व्यवस्था की जा रही है। जापान और सिंगापुर सिटी बसाने के लिए जमीन चिह्नित कर ली गई है। यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) ने जापान सिटी और सिंगापुर सिटी के विकास को लेकर औपचारिक प्रस्ताव शासन को भेज दिया है।
प्राधिकरण के सीईओ आर के सिंह ने बृहस्पतिवार को एक बयान में बताया कि बुधवार 18 फरवरी को भेजे गये औपचारिक प्रस्ताव में प्राधिकरण ने प्रदेश के अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त को अवगत कराया है कि प्राधिकरण क्षेत्र में प्रस्तावित जापान सिटी और सिंगापुर सिटी के लिए भूमि चिन्हित कर ली गई है। उन्होंने कहा कि इन दोनों परियोजनाओं को लेकर भूमि अधिग्रहण से संबंधित योजना तैयार कर ली गई है। सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी की आधिकारिक प्रस्तावित जापान और सिंगापुर यात्रा के संदर्भ में प्राधिकरण क्षेत्र के अंतर्गत जापान सिटी और सिंगापुर सिटी के लिए क्षेत्र चिन्हित कर सूचना उपलब्ध कराए जाने की अपेक्षा की गई थी।
500-500 एकड़ जमीन प्रस्तावित
उन्होंने बताया कि इसी सिलसिले में प्राधिकरण ने सेक्टर-5ए और सेक्टर-7 को इन परियोजनाओं के लिए प्रस्तावित किया है। सिंह ने बताया कि प्राधिकरण की महायोजना के अंतर्गत ग्रेटर नोएडा में सेक्टर-7 और सेक्टर-5ए बहुउद्देशीय औद्योगिक क्षेत्र के रूप में चिह्नित हैं और इन क्षेत्रों में औद्योगिक उपयोग न्यूनतम 70 प्रतिशत निर्धारित है। उन्होंने कहा कि प्रस्ताव में कहा गया है कि इन सेक्टरों को एक एकीकृत औद्योगिक नगर के रूप में विकसित किया जा सकता है। सिंह ने बताया कि जापान सिटी के लिए ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-5ए में 500 एकड़ क्षेत्र प्रस्तावित है। उन्होंने बताया कि इसी प्रकार सिंगापुर सिटी के लिए सेक्टर-7 में 500 एकड़ भूमि प्रस्तावित की गई है। उन्होंने बताया कि दोनों ही परियोजनाओं का विकास ईपीसी (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन) मोड पर किए जाने का प्रस्ताव है।
यमुना सिटी में बन सकेंगे 4000 नए फ्लैट
वहीं दूसरी ओर यमुना सिटी में तीन नए ग्रुप हाउसिंग भूखंड आवंटित किए गए हैं। इन भूखंडों पर चार हजार से अधिक फ्लैट तैयार हो सकेंगे। खास बात यह है कि यीडा ने इन भूखंडों की बोली लगाकर रिजर्व प्राइस के मुकाबले करीब 106.11 करोड़ अधिक की आमदनी की है। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) अधिकारी बताया कि वर्ष 2025 में ग्रुप हाउसिंग भूखंड योजना शुरू की गई थी। योजना के तहत 16 भूखंडों पर आवेदन मांगे गए थे, लेकिन तीन भूखंडों पर ही दो अधिक बिड लगीं।
लेखक के बारे में
Dinesh Rathourदिनेश राठौर वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। डिजिटल और प्रिंट
पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले दिनेश ने अपने करियर की शुरुआत 2010 में हरदोई से की थी। कानपुर
यूनिवर्सिटी से स्नातक दिनेश ने अपने सफर में हिन्दुस्तान (कानपुर, बरेली, मुरादाबाद), दैनिक जागरण और राजस्थान पत्रिका
(डिजिटल) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। हरदोई की गलियों से शुरू हुआ पत्रकारिता का सफर
आज डिजिटल मीडिया के शिखर तक पहुँच चुका है। दिनेश राठौर ने यूपी और राजस्थान के विभिन्न शहरों की नब्ज को प्रिंट और
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लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में कार्यरत दिनेश दिनेश, खबरों के पीछे की राजनीति और सोशल मीडिया के ट्रेंड्स (वायरल
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पत्रकारिता का सफर
हरदोई ब्यूरो से करिअर की शुरुआत करने के बाद दिनेश ने कानपुर हिंदुस्तान से जुड़े। यहां बतौर स्ट्रिंगर डेस्क पर करीब
एक साल तक काम किया। इसके बाद वह कानपुर में ही दैनिक जागरण से जुड़े। 2012 में मुरादाबाद हिंदुस्तान जब लांच हुआ तो
उसका हिस्सा भी बने। करीब दो साल यहां नौकरी करने के बाद दिनेश राजस्थान पत्रिका से जुड़ गए। सीकर जिले में दिनेश ने
करीब तीन साल तक पत्रकारिता की। उन्होंने एक साल तक डिजिटल का काम भी किया। 2017 में दिनेश ने बरेली हिंदुस्तान में
प्रिंट के डेस्क पर वापसी की। लगभग दो साल की सेवाओं के बाद डिजिटल हिंदुस्तान में काम करने का मौका मिला जिसका सफर जारी
है।


