अगस्त में 200 सीईओ के साथ यूपी आएंगे जापान के गर्वनर, ग्रीन हाइड्रोजन और उद्योग सहयोग पर MoU
यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश और यामानाशी (जापान) के मध्य रणनीतिक साझेदारी का नया अध्याय रचा जा रहा है। सीएम योगी संग बातचीत में यामानाशी प्रांत के गवर्नर कोटारो नागासाकी ने आगामी अगस्त माह में 200 जापानी सीईओ के साथ यूपी का दौरा करने का प्रस्ताव दिया।

यूपी और जापान के बीच औद्योगिक एवं ऊर्जा सहयोग का एक नया अध्याय शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री योगी आदत्यिनाथ के जापान दौरे के दौरान यामानाशी प्रांत के साथ रणनीतिक साझेदारी को लेकर महत्वपूर्ण सहमति बनी। यामानाशी के गवर्नर ने आगामी अगस्त माह में 200 जापानी सीईओ के प्रतिनिधिमंडल के साथ उत्तर प्रदेश का दौरा करने का प्रस्ताव दिया।
मुख्यमंत्री योगी आदत्यिनाथ ने इस प्रस्ताव का स्वागत करते हुए कहा कि यह पहल राज्य में औद्योगिक निवेश और तकनीकी सहयोग को नई गति देगी। दोनों पक्षों के बीच उद्योग, पर्यटन, व्यावसायिक शक्षिा और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने को लेकर एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। दोनों पक्षों के बीच इस संबंध में एक महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। एमओयू में ग्रीन हाइड्रोजन, स्वच्छ ऊर्जा नवाचार और तकनीकी आदान-प्रदान को विशेष प्राथमिकता दी गई है।
स्केल, स्किल और स्पीड के मॉडल पर आगे बढ़ रहा यूपी
सीएम योगी ने बताया कि यूपी में आईआईटी कानपुर को ग्रीन हाइड्रोजन के क्षेत्र में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जा रहा है। यह पहल ऊर्जा आत्मनिर्भरता को मजबूत करेगी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को आगे बढ़ाएगी। अगस्त महीने में 200 जापानी सीईओ के साथ यामानाशी के गवर्नर का प्रस्तावित यूपी दौरा राज्य में औद्योगिक निवेश और साझेदारी को नई गति देगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज स्केल, स्किल और स्पीड के मॉडल पर आगे बढ़ रहा है। राज्य में मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेश अनुकूल वातावरण और इन्वेस्ट यूपी की जापान डेस्क के माध्यम से निवेशकों को सहज सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। साथ ही, यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (यीडा) क्षेत्र में प्रस्तावित जापान इंडस्ट्रियल टाउनशिप जापानी कंपनियों के लिए विशेष अवसर प्रदान करेगी।
साझेदारी का सकारात्मक संकेत
यामानाशी में हुए इस समझौते को मुख्यमंत्री ने नई साझेदारी की स्पष्टता और विश्वास का प्रतीक बताया। उन्होंने यामानाशी प्रशासन और सभी संबंधित पक्षों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सहयोग साझा आर्थिक दृष्टि और सांस्कृतिक जुड़ाव पर आधारित है।
रिएक्टिव नहीं, बल्कि 'प्रोएक्टिव' नीति से मजबूत हुई यूपी की अर्थव्यवस्था
यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदत्यिनाथ ने जापान दौरे के दूसरे दिन विगत नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश की तीव्र औद्योगिक प्रगति और निवेश-अनुकूल नीतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य ने 'रिएक्टिव' नहीं, बल्कि 'प्रोएक्टिव' नीति दृष्टिकोण अपनाया है, जिसके परिणामस्वरूप प्रति व्यक्ति आय और अर्थव्यवस्था, दोनों को तीन गुना करने में सफलता प्राप्त हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जापान के यामानाशी प्रीफेक्चर में, माननीय गवर्नर श्री कोटारो नागासाकी के साथ उत्तर प्रदेश-यामानाशी सहयोग को और मजबूत करने और हमारी बढ़ती स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप को आगे बढ़ाने के लिए सार्थक बातचीत हुई। योगी ने कहा कि इंडस्ट्री, टूरज्मि और वोकेशनल एजुकेशन में सहयोग को गहरा करने के लिए एक एमओयू साइन किया गया, जिसमें ग्रीन हाइड्रोजन, क्लीन एनर्जी इनोवेशन और टेक्नोलॉजी एक्सचेंज पर खास ध्यान दिया गया।
लेखक के बारे में
Dinesh Rathourदिनेश राठौर वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। डिजिटल और प्रिंट
पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले दिनेश ने अपने करियर की शुरुआत 2010 में हरदोई से की थी। कानपुर
यूनिवर्सिटी से स्नातक दिनेश ने अपने सफर में हिन्दुस्तान (कानपुर, बरेली, मुरादाबाद), दैनिक जागरण और राजस्थान पत्रिका
(डिजिटल) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। हरदोई की गलियों से शुरू हुआ पत्रकारिता का सफर
आज डिजिटल मीडिया के शिखर तक पहुँच चुका है। दिनेश राठौर ने यूपी और राजस्थान के विभिन्न शहरों की नब्ज को प्रिंट और
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पत्रकारिता का सफर
हरदोई ब्यूरो से करिअर की शुरुआत करने के बाद दिनेश ने कानपुर हिंदुस्तान से जुड़े। यहां बतौर स्ट्रिंगर डेस्क पर करीब
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उसका हिस्सा भी बने। करीब दो साल यहां नौकरी करने के बाद दिनेश राजस्थान पत्रिका से जुड़ गए। सीकर जिले में दिनेश ने
करीब तीन साल तक पत्रकारिता की। उन्होंने एक साल तक डिजिटल का काम भी किया। 2017 में दिनेश ने बरेली हिंदुस्तान में
प्रिंट के डेस्क पर वापसी की। लगभग दो साल की सेवाओं के बाद डिजिटल हिंदुस्तान में काम करने का मौका मिला जिसका सफर जारी
है।


