जानबूझकर नहीं बढ़ाई जा रही मेरी सुरक्षा, IAS रिंकू सिंह ने फिर लिखी पीड़ा, बोले लिखकर दें तो मैं कोर्ट जाऊं
आईएएस रिंकू सिंह राही एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं। रिंकू सिंह ने राही ने एक बार फिर सोशल मीडिया एक्स पर सुरक्षा नहीं बढ़ाए जाने को लेकर सिस्टम पर सवाल उठाया है।

IAS Rinku Singh Rahi: आईएएस और न्यायिक मजिस्ट्रेट रिंकू सिंह राही ने एक बार फिर सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट लिखकर अपनी पीड़ा जाहिर की। रिंकू सिंह की पोस्ट अब जमकर वायरल हो रही है। एक्स पर की गई पोस्ट में रिंकू सिंह ने लिखा, मेरी सुरक्षा का गंभीर खतरा बना हुआ है। लगातार अनुरोध करने के बाद भी शायद मेरी सुरक्षा जानबूझकर नहीं बढ़ाई जा रही है।
उन्होंने आगे लिखा कि अगर सुरक्षा बढ़ाए जाने की जरूरत नहीं है तो लिखकर दें। इसपर माननीय न्यायालय की शरण ली जाए। हालांकि आपका अपना अखबार हिन्दुस्तान वायरल पोस्ट की पुष्टि नहीं करता है। सोशल मीडिया पर अपनी पोस्टों के चलते आईएएस रिंकू सिंह राही लगातार सुर्खियों में बने हैं। इसपर उनकी पोस्ट खुद की सुरक्षा पर है। उन्होंने लिखा है कि सुरक्षा बढ़ाए जाने को लेकर उपलब्ध सभी प्लेटफार्म पर लगातार अनुरोध किया जा रहा है, लेकिन पता नहीं क्यों, किसी के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है।
रिंकू सिंह की पोस्ट ने मचाई हलचल
हमेशा की तरह, यदि अपनी सुरक्षा एवं वस्तुस्थिति स्पष्ट करने के लिए इन पत्रों को सार्वजनिक किया, तो कुछ लोगों की ओर से हरेक बार की तरह यह आरोप लगवाया जाएगा कि पत्र मीडिया में आने के लिए सार्वजनिक किए गए हैं। क्या वाकई में दुर्घटना होने का ही इंतजार करना चाहिए? आईएएस रिंकू सिंह की इस पोस्ट ने एक बार फिर से जिले भर में हलचल मचा दी है। उन की पोस्ट से जुड़े हुए लोग तरह-तरह की चर्चा कर रहे हैं और उनका समर्थन करते हुए उनका हौसला बढ़ा रहे हैं। आईएएस रिंकू सिंह राही के मामले में जिले के आला अधिकारी कुछ भी कहने से बच रहे हैं।
आईएएस रिंकू सिंह ने की थी लाइव सुनवाई
अभी कुछ दिन पहले कानपुर में न्यायिक मजिस्ट्रेट आईएएस रिंकू सिंह राही अदालत की सुनवाई लाइव कर दी थी। न्यायिक प्रक्रियाओं को लेकर वह अधिकारियों की सुस्त कार्यशैली पर सुनवाई के दौरान वह नाराज दिखे थे। गैरहाजिर तहसीलदार पर अदालत की अवमानना के संबंध में कार्रवाई के लिए रिंकू सिंह ने एक पत्र लिखा। वहीं संतोषजनक कार्रवाई न होने पर सदर एसडीएम को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का नोटिस जारी किया था। राही ने 31 जुलाई की इस न्यायिक कार्यवाही का चार घंटे 27 मिनट का वीडियो अपने फेसबुक हैंडल पर साझा किया था।


