
जम्मू कश्मीर पुलिस ने यूपी में डाला डेरा, सहारनपुर में सर्च ऑपरेशन; डॉ.अदील के अस्पताल पहुंची
डॉ.अदील ने वेस्ट यूपी में युवाओं को जोड़ने की कोशिश की थी। उससे मिलने आने वालों में कुछ संदिग्ध लोग भी शामिल थे। इसी आधार पर सहारनपुर में उसका नेटवर्क खंगाला जा रहा है। टीमों ने उसके किराए के घर और आसपास के लोगों से भी जानकारी जुटाई।
जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े नेटवर्क की जांच में जुटी जम्मू-कश्मीर पुलिस ने गुरुवार शाम से लेकर शुक्रवार को दिन भर सहारनपुर में सर्च ऑपरेशन चलाया। टीमों ने शहर में दो अस्पतालों समेत अन्य ठिकानों पर पूछताछ करते हुए साक्ष्य जुटाने का प्रयास किया। जम्मू-कश्मीर के डीआईजी ताहिर सज्जाद भट्ट के नेतृत्व में पुलिस और खुफिया विभाग की टीमें फेमस अस्पताल से लेकर डॉ अदील के पूर्व अस्पताल तक जांच करती रही। इसमें टीमों को कुछ अहम सुराग मिलने की बात बताई जा रही है।
पुलिस व खुफिया टीमों ने सबसे पहले अंबाला रोड स्थित फेमस अस्पताल में सर्च ऑपरेशन चलाया, जहां डॉ. अदील काम करता था। इसके बाद पुलिस की टीमें उसके पुराने अस्पताल और अन्य ठिकानों पर भी पहुंचीं। रात करीब एक बजे तक अस्पताल प्रबंधन, पुराने सहकर्मियों और कर्मचारियों से पूछताछ चलती रही। शुक्रवार को अदील के पहले अस्पताल वी ब्रॉस टीमें पहुंची। वहां टीमों ने दस्तावेज, रिकॉर्ड और गतिविधियों से जुड़ी जानकारी की गहनता से जांच की। एजेंसियों को शक है कि उसने वेस्ट यूपी में युवाओं को जोड़ने की कोशिश की थी और उससे मिलने आने वालों में कुछ संदिग्ध लोग भी शामिल थे। इसी आधार पर सहारनपुर में उसका नेटवर्क खंगाला जा रहा है। टीमों ने उसके किराए के घर और आसपास के लोगों से भी जानकारी जुटाई। अस्पताल प्रशासन ने बताया कि अदील शांत स्वभाव का था, लेकिन किसी से ज्यादा मेलजोल नहीं रखता था। देर रात तक चले ऑपरेशन से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा रहा और पुलिस टीमें सुबह तक सक्रिय रहीं।
एक दशक में सहारनपुर आकर पनाह लेने वालों का रिकॉर्ड तलब
आतंकी गतिविधियों में शामिल होने के आरोपी कश्मीर के अनंतनाग निवासी चिकित्सक डॉ. अदील अहमद की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस व खुफिया एजेंसियां पिछले 10 सालों में सहारनपुर आकर पनाह लेने वाले कश्मीरी समेत अन्य लोगों का रिकॉर्ड खंगाल रही हैं। इसको लेकर स्थानीय पुलिस की भी मदद ली जा रही है। इसमें ऐसे विद्यार्थियों व छात्रों को भी चिंहित किया जाएगा, जो कोर्स के बीच में ही बिना किसी जानकारी के वापस चले गए।
सुरक्षा एजेंसियों ने सहारनपुर पुलिस व फेमस मेडिकेयर अस्पताल से कई बिंदुओं पर विवरण मांगा है। हालांकि एजेंसियों की ओर से बार-बार यह आश्वस्त किया जा रहा है कि इससे कश्मीर के सभी निवासियों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। एजेंसियां केवल जांच करके आश्वस्त होना चाहती हैं। यह जरूरी ऐहतियाती कदम है। सुरक्षा एजेंसियां पुलिस की मदद से पिछले 10 सालों का रिकॉर्ड खंगाल रही है। इसमें देखा जा रहा है कि पिछले 10 वर्षो में कौन कौन बाहरी राज्यों से सहारनपुर में आए और यहां आकर पढ़ायी और नौकरी की। इसको लेकर कई संदिग्धों को चिंहित भी किया गया है।
किरायेदारों का सत्यापन न होने पर डीआईजी सख्त, तत्काल करने के निर्देश
सहारनपुर जिले में अधिकांश मकानों में किरायेदारों का सत्यापन न करने पर डीआईजी अभिषेक सिंह ने नाराजगी जतायी है। उन्होंने जिले के सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिये कि सत्यापन कार्य तत्काल शुरू किया जाए। किरायेदारों के मूल निवास से भी मालूमात की जाए। इस कार्य को पूरा कर जिला की कंपाइल रिपोर्ट भी तलब की है।





