जहां बुला रहा हूं, चुपचाप चली आओ...वीडियो कॉल पर महिला टीचर से अश्लीलता, अपहरण की भी धमकी
- गाजीपुर में एक महिला शिक्षक को स्कूल के ही शिक्षक द्वारा परेशान करने का मामला सामने आया है। यही नहीं महिला शिक्षक को रात में वीडियो कॉल करके उससे अश्लीलता भी की गई। महिला शिक्षक ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कराया है।

यूपी के गाजीपुर में एक महिला शिक्षक को परेशान करने और उसके अपहरण की धमकी देने का मामला सामने आया है। महिला शिक्षक ने पुलिस को इस संबंध में शिकायती पत्र भी दिया है। पुलिस को दिए शिकायती पुत्र में महिला ने बताया कि वह शहर के एक इंग्लिश मीडिया स्कूल में पढ़ाती थी। स्कूल में शिक्षकों का एक ग्रुप बना हुआ था। उसका नंबर भी उस ग्रुप में एड कर दिया गया। इसके बाद स्कूल के शिक्षक विनोद उर्फ प्रदीप कुमार यादव ने उसका नंबर सेव करके उसे परेशान करना शुरू कर दिया। आरोप है कि शिक्षक महिला शिक्षक पर बात करने के लिए दबाव बना रहा था।
महिला शिक्षक ने पुलिस को बताया कि पुरुष टीचर से परेशान होकर उसने स्कूल में पढ़ाना ही छोड़ दिया। इसके बाद भी शिक्षक ने उसका पीछा नहीं छोड़ा। शिक्षक उसका नंबर बांटने की धमकी देनी शुरू कर दी। महिला शिक्षक ने बताया कि कुछ दिन बाद एक अंजान नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने अपना नाम सूर्य बताया और कहा कि जहां बुलाऊं, वहां चुपचाप चली आओ, नहीं तो मैं अपने साथियों के साथ मिलकर तुम्हारा अपहरण कर लूंगा और दिल्ली वाला गैंगरेप कांड करवा दूंगा। महिला शिक्षक ने जब इसका विरोध किया तो वह गंदी-गंदी गालियां देने लगा।
महिला ने शिक्षक ने स्कूल के शिक्षक पर दर्ज कराया केस
पुलिस को दी तहरीर में महिला ने बताया कि उसे नॉर्मल कॉल और व्हाट्सअप कॉल आने बंद नहीं हुए। 14 अक्टूबर की रात को व्हाट्सअप पर वीडियो कॉल आई। कॉल करने वाला अश्लील बातें करने लगा। इसके बाद उसने न्यूड होकर अपनी बॉडी दिखाने लगा। फोन करने वाले ने महिला शिक्षक से भी कपड़े उतारने को कहा। इस पर महिला शिक्षक ने पूरी बात अपने पति को बताई। 16 अक्टूबर को महिला शिक्षक अपने पति के साथ थाने पहुंची और विनोद उर्फ प्रदीप यादव, सूर्य नाम के युवक के खिलाफ केस दर्ज कराया। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
लेखक के बारे में
Dinesh Rathourदिनेश राठौर वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। डिजिटल और प्रिंट
पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले दिनेश ने अपने करियर की शुरुआत 2010 में हरदोई से की थी। कानपुर
यूनिवर्सिटी से स्नातक दिनेश ने अपने सफर में हिन्दुस्तान (कानपुर, बरेली, मुरादाबाद), दैनिक जागरण और राजस्थान पत्रिका
(डिजिटल) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। हरदोई की गलियों से शुरू हुआ पत्रकारिता का सफर
आज डिजिटल मीडिया के शिखर तक पहुँच चुका है। दिनेश राठौर ने यूपी और राजस्थान के विभिन्न शहरों की नब्ज को प्रिंट और
डिजिटल माध्यमों से पहचाना है।
लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में कार्यरत दिनेश दिनेश, खबरों के पीछे की राजनीति और सोशल मीडिया के ट्रेंड्स (वायरल
वीडियो) को बारीकी से विश्लेषण करने के लिए जाने जाते हैं।
पत्रकारिता का सफर
हरदोई ब्यूरो से करिअर की शुरुआत करने के बाद दिनेश ने कानपुर हिंदुस्तान से जुड़े। यहां बतौर स्ट्रिंगर डेस्क पर करीब
एक साल तक काम किया। इसके बाद वह कानपुर में ही दैनिक जागरण से जुड़े। 2012 में मुरादाबाद हिंदुस्तान जब लांच हुआ तो
उसका हिस्सा भी बने। करीब दो साल यहां नौकरी करने के बाद दिनेश राजस्थान पत्रिका से जुड़ गए। सीकर जिले में दिनेश ने
करीब तीन साल तक पत्रकारिता की। उन्होंने एक साल तक डिजिटल का काम भी किया। 2017 में दिनेश ने बरेली हिंदुस्तान में
प्रिंट के डेस्क पर वापसी की। लगभग दो साल की सेवाओं के बाद डिजिटल हिंदुस्तान में काम करने का मौका मिला जिसका सफर जारी
है।


