इतनी हिम्मत कहां से आती है...नगर पालिका में छापेमारी के बाद IAS रिंकू सिंह ने लिखी लंबी-चौड़ी पोस्ट
उरई नगर पालिका में छापेमारी के बाद आईएएस रिंकू सिंह ने सोशल मीडिया एक्स पर एक लंबी-चौड़ी पोस्ट लिख डाली। इस पोस्ट के जरिए रिंकू सिंह ने व्यवस्था की पोल खोल दी। पोस्ट में अफसर ने सिस्टम में फैले भ्रष्टाचार को लेकर भी कई सवाल उठाए।

IAS Rinku Singh: यूपी के चर्चित आईएएस रिंकू सिंह राही लगातार सुर्खियों में बने हैं। भ्रष्टाचार के आरोपों पर उरई नगरपालिका में छापेमारी के बाद बुधवार देर रात एक्स पर लिखी गई आईएएस रिंकू सिंह राही की पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। इस पोस्ट में लिखा है कि भ्रष्टाचार को इतना अधिक खुलेआम संरक्षण? इतनी अधिक हिम्मत कहां से आती है? हालांकि हिन्दुस्तान वायरल पोस्ट की पुष्टि नहीं करता है। पोस्ट लिख आईएएस रिंकू सिंह राही ने व्यवस्था की पोल खोलते हुए भ्रष्टाचार पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।
बता दें कि आईएएस रिंकू सिंह राही को उरई नगरपालिका में भ्रष्टाचार की जांच समिति से मंगलवार देर शाम को हटा दिया गया था। इसके बाद भी बुधवार को उन्होंने उरई नगरपालिका में छापा मारा। छापे के दौरान ईओ भाग निकले थे। जांच के बाद बुधवार रात उन्होंने अपने फेसबुक पेज के साथ एक्स पर व्यवस्था पर सवालिया निशान लगाते हुए भ्रष्टाचार पर जमकर हमला बोला। एक्स पर उन्होंने मुजफ्फनगर के छात्रवृत्ति घोटाले का जिक्र करते हुए लिखा कि वह वाला प्रकरण तो इसका हजारवां हिस्सा भी न था। इतनी हिम्मत वालों को देखकर जीवन के लिए भय तो लाजमी है।
बहुत गहरा दलदल है... वह भी खूंखार जंतुओं से भरा, साफ दरिया होता तो तैर कर पार कर लेते। हालात देखकर तो एकदम स्पष्ट है कि यदि देशभक्ति का जज्बा है तो आईएएस बनना मतलब विश्व युद्ध के मैदान में फौजी बनना है। एक ऐसा फौजी, जिसे दूसरों के साथ ही अपने साथ वाले दुश्मन ही नहीं, बल्कि मजबूत स्थिति में हों। पिछले दिनों उन्होंने शासन को लिखे गए पत्र का जिक्र करते हुए कहा, शायद कैडर बदलने का अनुरोध करके सही किया है। उन्होंने एक्स पर कहा, गंदगी के लगातार बन रहे कीर्तिमान से हो रहे आश्चर्यों के धमाकों पर विश्वास करने की भी शायद कोई सीमा तो होगी।
15 दिन बाद मिला नमामि गंगे का पत्र
17 जुलाई को नमामि गंगे व ग्रामीण जलापूर्ति द्वारा जारी किए गए पत्र को लेकर मचा बवाल आज थम सा गया है। आईएएस रिंकू सिंह राही के फेसबुक पेज के माध्यम से बताया गया कि 15 दिन पुराना पत्र 30 जुलाई को रिसीव किया गया है। इसमें उनके स्थान पर एसडीएम राकेश कुमार सोनी को पदेन सदस्य बताकर समिति में शामिल किए जाने की जानकारी दी गई। फेसबुक पेज पर कहा, एडीएम पर विश्वास किया जाता है कि यह आदेश उनके द्वारा जिलाधिकारी से निर्देश प्राप्त करके ही किया गया होगा।
लेखक के बारे में
Dinesh Rathourदिनेश राठौर वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। डिजिटल और प्रिंट
पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले दिनेश ने अपने करियर की शुरुआत 2010 में हरदोई से की थी। कानपुर
यूनिवर्सिटी से स्नातक दिनेश ने अपने सफर में हिन्दुस्तान (कानपुर, बरेली, मुरादाबाद), दैनिक जागरण और राजस्थान पत्रिका
(डिजिटल) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। हरदोई की गलियों से शुरू हुआ पत्रकारिता का सफर
आज डिजिटल मीडिया के शिखर तक पहुँच चुका है। दिनेश राठौर ने यूपी और राजस्थान के विभिन्न शहरों की नब्ज को प्रिंट और
डिजिटल माध्यमों से पहचाना है।
लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में कार्यरत दिनेश दिनेश, खबरों के पीछे की राजनीति और सोशल मीडिया के ट्रेंड्स (वायरल
वीडियो) को बारीकी से विश्लेषण करने के लिए जाने जाते हैं।
पत्रकारिता का सफर
हरदोई ब्यूरो से करिअर की शुरुआत करने के बाद दिनेश ने कानपुर हिंदुस्तान से जुड़े। यहां बतौर स्ट्रिंगर डेस्क पर करीब
एक साल तक काम किया। इसके बाद वह कानपुर में ही दैनिक जागरण से जुड़े। 2012 में मुरादाबाद हिंदुस्तान जब लांच हुआ तो
उसका हिस्सा भी बने। करीब दो साल यहां नौकरी करने के बाद दिनेश राजस्थान पत्रिका से जुड़ गए। सीकर जिले में दिनेश ने
करीब तीन साल तक पत्रकारिता की। उन्होंने एक साल तक डिजिटल का काम भी किया। 2017 में दिनेश ने बरेली हिंदुस्तान में
प्रिंट के डेस्क पर वापसी की। लगभग दो साल की सेवाओं के बाद डिजिटल हिंदुस्तान में काम करने का मौका मिला जिसका सफर जारी
है।


