अब भतीजी दीपिका में उत्तराधिकारी खोज रहीं मायावती? भाई आनंद से कहा-दोनों बेटों को बसपा से दूर रखना
बसपा प्रमुख मायावती ने सोशल मीडिया एक्स पर भावनात्मक एक पोस्ट लिखी है, जिसेमं उन्होंने अपने भाई आनंद से अपने दोनों बेटों को बसपा से दूर रहने को कहा है। साथ ही उन्होंने भतीजी दीपिका को बसपा में बड़ी जिम्मेदारी सौंपने की भी बात कही है।

Mayawati News: अभी हाल में बसपा प्रमुख मायावती ने भतीजे आकाश आनंद को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया था। तीन-चार दिन ही बीते थे कि अब दूसरे भतीजे ईशान को लेकर भी बुआ मायावती ने फैसला सुना दिया है। मायावती की निगाह अब भतीजी दीपिका पर टिक गई हैं। मायावती अपना उत्तराधिकारी अब भतीजी दीपिका में खोज रही हैं। मायावती को इसको लेकर सोशल मीडिया एक्स पर एक भावुक पोस्ट भी किया है। जिसमें बसपा प्रमुख ने भविष्य में भतीजी दीपिका को बसपा में बड़ी जिम्मेदारी देने की बात कहते हुए भाई आनंद से उनके दोनों बेटों को पार्टी से दूर रखने को कहा है। इससे साफ हो गया है कि अब मायावती ने दूसरे भतीजे ईशान को भी बसपा से साइडलाइन कर दिया है।
मायावती ने आकाश आनंद को पार्टी से मुक्त किए जाने के दो दिन बाद शनिवार को 'एक्स' पर एक लंबे और भावुक पोस्ट में अपने फैसले के कारण बताए तथा परिवार से जुड़े भविष्य के राजनीतिक फैसलों को भी स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि अविवाहित होने के कारण उन्हें अपने सगे भाई-बहनों में से किसी एक और अंततः सबसे छोटे भाई आनंद कुमार को अपने साथ रखने की जरूरत पड़ी। आनंद मायावती की देखभाल करने के साथ लंबे समय से पार्टी की अहम जिम्मेदारियां भी निभा रहे हैं। मायावती ने कहा, 'अब उनके परिवार के लोग भी इसका लाभ उठाएं तो यह पार्टी और आंदोलन के हित में सही नहीं होगा।' उन्होंने कहा, ‘मेरा अंतिम फैसला और प्रतिज्ञा है कि आनंद कुमार के खासकर किसी भी बेटे को बसपा में किसी छोटे-बड़े पद पर बने रहकर राजनीति करने का मौका नहीं दिया जाएगा।’
दीपिका को लेकर क्या बोलीं बुआ मायावती
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर भविष्य में आनंद कुमार को उनकी मदद के लिए किसी अन्य सदस्य की जरूरत पड़ती है, तो वह अपनी इकलौती बेटी कुमारी दीपिका आनंद की मदद ले सकते हैं, जो इस समय वकालत की पढ़ाई कर रही हैं। मायावती ने कहा कि दीपिका की ईमानदारी, वफादारी और कार्यक्षमता को देखते हुए भविष्य में उन्हें पार्टी में जरूरत के अनुसार जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अगर दीपिका इसके लिए तैयार नहीं होती हैं, तो आनंद कुमार पार्टी की आम सहमति से दलित वर्ग के किसी अन्य कर्मठ कार्यकर्ता को अपनी जिम्मेदारी सौंप सकते हैं।
2017 में आनंद को बनाया गया था राष्ट्रीय उपाध्यक्ष
बसपा सूत्रों के अनुसार, आनंद कुमार पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं। मायावती ने उन्हें 2017 में पहली बार इस पद पर नियुक्त किया था और उस समय यह शर्त रखी थी कि वह कभी सांसद, विधायक, मंत्री या मुख्यमंत्री नहीं बनेंगे। मायावती ने कहा कि आनंद कुमार अपने दोनों बेटों या भविष्य में उनके बच्चों में से किसी को भी अपनी जिम्मेदारी नहीं सौंपेंगे। उन्होंने इसे पार्टी और आंदोलन के हित में समय की जरूरत बताया। चार बार उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री रह चुकीं मायावती ने बसपा संस्थापक कांशीराम का जिक्र करते हुए कहा कि वह परिवारवाद के खिलाफ उनके रुख पर कायम हैं।
बसपा में जेन-जी कीे 50 फीसदी भगीदारी की तैयारी
उन्होंने कहा कि अपनी सुरक्षा और अन्य परिस्थितियों के कारण उन्हें आनंद कुमार को अपने साथ रखना पड़ा लेकिन वह किसी भी तरह के मोह के कारण पार्टी को नुकसान नहीं पहुंचने देंगी। मायावती ने कहा कि युवाओं को प्राथमिकता देने की नीति के तहत पार्टी संगठन में 'जेन-जी' की करीब 50 प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित करने की प्रक्रिया लंबे समय से जारी है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब के आगामी विधानसभा चुनावों में सर्वसमाज के कर्मठ एवं युवा प्रतिभाओं को उम्मीदवार बनाने को प्राथमिकता देने के निर्देश पर भी अमल किया जा रहा है, ताकि नई पीढ़ी के जरिए आंबेडकरवादी राजनीति और संवैधानिक मूल्यों को आगे बढ़ाया जा सके।


