वक्फ बोर्ड की संपत्तियों में हुईं अनियमितताएं, मौलाना शहाबुद्दीन ने योगी से की जांच की मांग
मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजे जाने की बात बताई। मौलाना शहाबुद्दीन ने गंभीर आरोप लगाए हैं। वक्फ बोर्डों में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुईं और वक्फ की जमीनों के सौदों में भ्रष्टाचार हुआ।

ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने सोमवार शाम प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजे जाने की बात बताई। उन्होंने कहा कि पत्र में सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड और शिया वक्फ बोर्ड के कामकाज पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। उन्होंने वक्फ संपत्तियों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
मौलाना ने आरोप लगाया कि पूर्व की समाजवादी पार्टी सरकारों के दौरान वक्फ बोर्डों में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुईं और वक्फ की जमीनों के सौदों में भ्रष्टाचार हुआ। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। मौलाना ने कहा कि वक्फ संपत्तियां समाज के गरीब, कमजोर, जरूरतमंद और यतीम लोगों के कल्याण के उद्देश्य से दान की गई थीं। उनका आरोप है कि इन संपत्तियों से होने वाली आय का उपयोग मूल उद्देश्य के अनुरूप नहीं हुआ।
उन्होंने कहा कि यदि वक्फ की आमदनी का पारदर्शी और सही इस्तेमाल हो तो गरीब मुसलमानों की आर्थिक स्थिति में बड़ा सुधार हो सकता है। उन्होंने कहा कि सपा के चारों शासन काल में आजम खां के पास ज्यादातर अल्पसंख्यक, वक्फ, और हज के मंत्रालय रहे। आजम खां के पसंदीदा और चहेते व्यक्ति को ही वक्फ बोर्ड का चेयरमैन और सदस्य बनाया जाता रहा है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में हाजी नसीर अहमद नूरी, मुफ्ती फारुख मिस्बाही, हाजी नाजिम बेग, राहत हुसैन मुन्ना, काशिफ खान, डॉ. अनवर रजा कादरी और हाफिज रजी अहमद सहित कई लोग मौजूद रहे।
पत्र में क्या कहा
मुख्यमंत्री को संबोधित पत्र में मौलाना ने वक्फ बोर्डों द्वारा कथित रूप से बेची गई जमीनों की जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि जांच में यदि कोई व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। पत्र में यह भी दावा किया गया है कि निष्पक्ष जांच होने पर बड़े स्तर की वित्तीय अनियमितताएं सामने आ सकती हैं। यह दावा मौलाना का है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।


