जिम धर्मांतरण का मास्टरमाइंड इरफान न्यायिक हिरासत में भेजा गया, दिल्ली से हुआ था गिरफ्तार
मिर्जापुर में जिम की आड़ में धर्मांतरण के खेल का मास्टर माइंड इरफान को दिल्ली से गिरफ्तार करने के बाद 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस की जांच का केंद्र फंडिंग और विदेश कनेक्शन के साथ ही इनका नेटवर्क है।

जिम में यौन शोषण और धर्मांतरण मामले में गिरफ्तार मास्टरमाइंड इमरान को रविवार देर शाम मिर्जापुर सीजेएम कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। पुलिस अब इमरान से मामले में पूछताछ की तैयारी में जुटी है। इरफान को दुबई भागते समय शुक्रवार को दिल्ली एयरपोर्ट से पकड़ा गया था। पुलिस की जांच का केंद्र धर्मांतरण के लिए फंडिंग और विदेश कनेक्शन के साथ ही इनका नेटवर्क खंगालना है।
जिम की आड़ में यौन शोषण और धर्मांतरण कराने के गिरोह का मास्टरमाइंड इमरान खान केजीएन जिम की तीन सीरीज चलाता था। इमरान और अशफाक उर्फ लकी को पुलिस ने भगोड़ा घोषित कर 25-25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। पकड़े जाने के भय से इमरान पत्नी और बच्चों के साथ दुबई भागने की फिराक में था। दिल्ली पुलिस ने उसे 23 जनवरी को एयरपोर्ट से धर दबोचा।
दिल्ली पुलिस ने उसे पटियाला कोर्ट में पेश कर मिर्जापुर पुलिस को सूचना दी। देहात कोतवाल अमित मिश्रा टीम के साथ दिल्ली पहुंचे। शनिवार को पटियाला कोर्ट से इमरान को ट्रांजिट रिमांड पर लेकर देर रात मिर्जापुर पहुंचे। रविवार देर शाम पुलिस ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट राहुल कुमार सिंह की अदालत में इमरान को पेश किया। एएसपी ऑपरेशन मनीष कुमार मिश्रा ने बताया कि आरोपी इमरान को सीजीएम कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजा है। पुलिस अब आरोपी से गहनता से पूछताछ करेगी। मामले में अभी तक अशफाक उर्फ लकी खान फरार है। अब तक सात आरोपी पकड़े जा चुके हैं। इनमें जहीर-हनुमान पड़रा, शादाब साईं गार्डेन, हयात नगर, मोहम्मद शेख - नटवां मिल्लतनगर, फैजल-गोसाई तालाब, कांस्टेबल इरशाद-गहमर थाना, बारा गांव, गाजीपुर, फरीद-पक्की सराय शामिल हैं।
कानपुर में रजिस्टर्ड कंपनी मिर्जापुर से चलाता था
डीआईजी सोमेन बर्मा ने बताया कि पकड़ा गया इमरान प्रापर्टी डिलिंग का काम भी कर रहा था। उसने कानपुर में प्राइड एंड प्रापर्टी के नाम से एक कंपनी कानपुर में रजिस्टर्ड कराया था। उस कंपनी को वह मिर्जापुर से ही चलाता था। बताया जा रहा हैकि इसी प्रकार उसके नाम से पांच और भी फर्म हैं। पुलिस उन फर्म की भी जांच कर रही है।

लेखक के बारे में
Yogesh Yadavयोगेश यादव हिन्दुस्तान में डिप्टी न्यूज एडिटर के पद पर हैं।
और पढ़ें



