बहन के प्रेमी की जगह उसके ममेरे भाई को मार डाला, जैकेट और मफलर ने पलटा मामला
आगरा में बहन के प्रेमी की हत्या की जगह उसके ममेरे भाई को मार डाला गया है। यह गफलत जैकेट और मफलर ने करा दी। सही कहें तो जैकेट और मफलर ने प्रेमी की जान बचा ली। हत्या को एक्सीडेंट का रूप भी दे दिया गया था लेकिन मामला खुल गया।

आगरा में 19 साल के पुनीत सिसौदिया की 18 दिसंबर को मौत हो गई थी। तब माना गया था कि उसकी सड़क हादसे में मौत हुई है। अब उसी मामले का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। उसकी फावड़े के डंडे से सिर पर ताबड़तोड़ प्रहार कर हत्या की गई थी। एक युवती से संबंधों के चलते हत्या उसके फुफेरे भाई मुकेश चौहान की होनी थी। घटना वाली रात पुनीत अपने भाई मुकेश की बाइक पर था। उसी की जैकेट पहन रखी थी और मफलर बांध रखा था। हमलावरों ने उसे मुकेश समझा और मौत के घाट उतार दिया। हत्या की साजिश युवती के पिता और भाई ने रची थी। पुलिस ने पिता-पुत्र सहित चार हत्यारोपियों को गिरफ्तार किया है।
डीसीपी पश्चिम अतुल शर्मा ने बताया कि 19 दिसंबर को गांव नयावास, बरहन निवासी मुकेश चौहान ने थाने पर अपने ममेरे भाई पुनीत सिसौदिया की मौत के बाद एक्सीडेंट का मुकदमा दर्ज कराया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट देख पुलिस का माथा ठनका। सिर्फ सिर पर और चेहरे पर चोट थी। आमतौर पर ऐसी चोट एक्सीडेंट में नहीं आती। पुलिस ने छानबीन शुरू की। सीसीटीवी कैमरे में एक कार बाइक के पीछे जाती दिखी। घटना के बाद वही कार वापस लौटती नजर आई। पुलिस उस कार के बारे में जानकारी करने में जुट गई।
छानबीन करने पर पता चला कि मुकेश चौहान का एमएस कैफे है। आंवलखेड़ा निवासी एक युवती से उसके प्रेम संबंध थे। घरवालों ने युवती की शादी फिरोजाबाद में कर दी थी। बाद में मुकेश की भी शादी हो गई। शादी के बाद भी मुकेश उस युवती के संपर्क में था। पुलिस ने कई पहलुओं से जांच की, लेकिन पुनीत सिसौदिया की हत्या का कोई कारण नहीं मिला। पुलिस ने मुकेश के बारे में छानबीन की तो युवती का पहलू सामने आया।
पुलिस ने इस मामले में आंवलखेड़ा निवासी अनुज धाकरे, उसके पिता भानुप्रताप, कर्मचारी अनिरुद्ध उर्फ विकास (मटसेना, फिरोजाबाद) और मोहित कुमार (खडगपुर, खंदौली) को पकड़ा। वारदात में प्रयुक्त कार उनके कब्जे से बरामद की गई। पुलिस के अनुसार मोहित और अनिरुद्ध ने हत्या की थी। साजिश में अनुज धाकरे और उसके पिता भानुप्रताप भी शामिल थे। मुकेश चौहान की अनुज धाकरे की बहन से दोस्ती थी।
बिना चेहरा देखे कर दी थी हत्या
पुनीत हत्याकांड की जांच के दौरान जब अनुज के कर्मचारी अनिरुद्ध और मोहित से पूछताछ हुई तो कई सनसनीखेज बातें सामने आईं। पुलिस खुद इस बात से हैरान थी कि हत्यारोपियों ने मुकेश की जगह पुनीत को कैसे मार दिया। उसे पहचान क्यों नहीं पाए।
अनिरुद्ध ने पुलिस को बताया कि अनुज धाकरे अपनी बहन को लेकर बहुत परेशान रहने लगा था। मुकेश के चक्कर में उसकी बहन का घर टूटने के कगार पर आ गया था। शादी के बाद भी मुकेश उस पर मिलने का दबाव बनाता था। उसे धमकाता था। यह बात जब उन्हें पता चली तो उन्होंने मालिक को भरोसा दिलाया कि उसे सबक सिखा देंगे। करीब 15 दिन से वे मुकेश की रेकी कर रहे थे।
मुकेश प्रतिदिन रात को नौ बजे बाइक से अपने कैफे पर काम करने वाले तीन लड़कों को छोड़ने गांव नगला गोवल जाता था। वहां से अकेले लौटकर आता था। उन्होंने योजना बनाई थी कि उसे वापस लौटते समय अंडरपास के पास घेर लेंगे। योजना के तहत 18 दिसंबर की रात वे मुकेश के कैफे के पास पहुंच गए। रात साढ़े आठ बजे मुकेश की जगह पुनीत बाइक लेकर निकला।
अनिरुद्ध ने बताया कि वह, मोहित और अनुज धाकरे कार में सवार थे। अनुज ने उसे और मोहित को रेलवे अंडरपास के नीचे छोड़ दिया। वे दोनों वहां रुककर मुकेश के आने का इंतजार कर रहे थे। जैसे ही बाइक आई तो हमला बोल दिया। फावड़े के डंडे से सिर पर कई प्रहार किए। कुछ देर बाद कार लेकर अनुज भी वहां आ गया। उसने भी फावड़े के डंडे से सिर पर प्रहार किए। जब उन्हें लगा कि वह मर गया तो शव को उठाकर रेलवे लाइन के पास फेंक दिया और वहां से चले गए।
पैर में चोट ने बचा ली जान
मुकेश चौहान के पैर में चोट लगी थी। 18 दिसंबर को उसकी जगह उसका ममेरा भाई पुनीत सिसौदिया कर्मचारियों को छोड़ने गया था। पुनीत के पास मुकेश की बाइक थी। उसने उसकी ही जैकेट पहन रखी थी। ठंड से बचने के लिए मफलर बांध रखा था। दोनों की कदकाठी भी एक जैसी है। इसी वजह से हमलावरों को भ्रम हो गया। उन्हें लगा मुकेश है और उन्होंने पुनीत को मार डाला।

लेखक के बारे में
Yogesh Yadavयोगेश यादव हिन्दुस्तान में डिप्टी न्यूज एडिटर के पद पर हैं।
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