दृश्यम फिल्म से लिया आइडिया, मर्डर के बाद ठिकाने लगाई लाश, पत्नी ने प्रेमी संग मिलकर पति को मरवा डाला
आगरा में लोकेश हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस को घटनास्थल पर शराब के खाली टेट्रा पैक, मोमोज की चटनी, सिगरेट, पानी के पाऊच भी मिले थे। पुलिस ने बताया कि पत्नी के अवैध संबंध थे। उसके प्रेमी ने दोस्त के साथ मिलकर हत्याकांड को अंजाम दिया था।

Agra News: यूपी के आगरा में पुलिस ने लोकेंद्र हत्याकांड का खुलासा कर दिया है। लोकेंद्र की हत्या किसी और ने नहीं बल्कि उसकी पत्नी ने प्रेमी संग मिलकर करवाई थी। लाश ठिकाने लगाने के लिए आरोपियों ने दृश्यम फिलम से आइडिया लिया था। पुलिस ने जांच पड़ताल शुरू की तो मोमोज की चटनी के जरिए वह आरोपियों तक पहुंच गई। पुलिस को घटनास्थल पर शराब के खाली टेट्रा पैक, मोमोज की चटनी, सिगरेट, पानी के पाऊच भी मिले थे। पुलिस ने बताया कि पत्नी के अवैध संबंध थे। उसके प्रेमी ने दोस्त के साथ मिलकर हत्याकांड को अंजाम दिया था। साक्ष्य मिटाने के लिए पहले शराब डालकर शव जलाया। जब शव नहीं जला तो बाइक से पेट्रोल डालकर शव में आग लगाई। पुलिस ने पत्नी उसके प्रेमी सहित तीन लोगों को पकड़ लिया है। हैरानी की बात यह है कि प्रेमी का दोस्त महज शराब के क्वाटर में वारदात के लिए तैयार हो गया था।
बुधवार देर रात सैंया में संकल्प मैरिज होम के पीछे जला हुआ शव मिला था। हाथ पर लोकेंद्र और सोमवती लिखा था। गुरुवार को शव की पहचान शिवचरन ने अपने लापता भाई लोकेंद्र के रूप में की। जिस जगह शव मिला था वहां तक जाने वाले रास्ते पर एक माइक्रो फाइनेंस का ऑफिस है। उधर, सीसीटीवी लगा है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज को अपने कब्जे में लिया। फुटेज में उस तरफ जाने वाले लोग कैमरे में कैद थे। पुलिस को घटना स्थल पर शराब के खाली टेट्रा पैक और मोमज की चटनी मिली थी। पुलिस कस्बे में मोमोज वालों के पास गई। उन्हें फुटेज दिखाया। एक मोमोज वाले ने फुटेज देखकर दो लोगों को पहचाना।
फुटेज से पहचाने गए आरोपी
बताया कि देर शाम ये दोनों आए थे। मोमोज पैक कराए थे। इसी तरह पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज शराब के ठेकों पर दिखाए। देशी शराब के सेल्समैन ने भी एक युवक को पहचान लिया। बताया कि यह दुकान पर आया था। मोमोज और शराब के ठेके वाले ने जिन्हें पहचाना वे कस्बे के निकले। उनकी पहचान महेश और धर्मवीर के रूप में हुई। पुलिस ने महेश की कॉल डिटेल निकलवाई। उसकी सबसे ज्यादा बातचीत मरने वाले लोकेंद्र की पत्नी सोमवती से होती थी। वह लोकेंद्र के घर के पास ही रहता है। पुलिस ने महेश, धर्मवीर और सोमवती को हिरासत में लिया।
पुलिस पूछताछ में टूट गया प्रेमी
सोमवती से पूछताछ हुई। वह कुछ बोलने को तैयार नहीं थी। महेश पूछताछ में टूट गया। बताया कि छह माह पहले उसकी सोमवती से गहरी दोस्ती हो गई। दोनों एक दूसरे को पसंद करने लगे। लोकेंद्र को इस बात का शक हो गया था। वह नशे में अपनी पत्नी को बदनाम करने लगा। सार्वजनिक रूप से यह कहने लगा था कि उसकी पत्नी का चरित्र खराब है। रिश्तेदारों तक यह बात पहुंच गई थी। सोमवती इससे परेशान थी। उससे कहा कि इसे रास्ते से हटा दो। उसने अपने दोस्त धर्मवीर के साथ मिलकर योजना बनाई। साजिश के तहत जैसे ही लोकेंद्र घर से निकला वह बाइक लेकर उसके पास पहुंचा। शराब पिलाने के बहाने उसे अपने साथ ले गया।
छाती पर बैठकर दबाया गला फिर लगाई आग
महेश ने पुलिस को बताया कि लोकेंद्र को अपने साथ बाइक पर लेकर जा रहा था। रास्ते में धर्मवीर मिला। उसे भी बैठा लिया। तीनों संकल्प मैरिज होम के पीछे पहुंचे। पहले शराब पी। लोकेंद्र को ज्यादा पिलाई। जब उसे नशा हो गया तो उसे जमीन पर गिरा लिया। महेश ने बताया कि वह लोकेंद्र की छाती पर बैठ गया। उसका गला दबाया। तब तक दबाए रखा जब तक शरीर में हलचल होती रही। जब लगा कि मर गया तो उसके ऊपर से हटा। शराब डालकर आग लगा दी। आग अच्छे से नहीं लगी। शव की पहचान हो सकती थी। शव को घसीटकर 10 मीटर दूर तक ले गए। वहां सूखी फसल पड़ी थी। उसे शव के ऊपर डाला। बाइक से पेट्रोल निकाला और आग लगा दी। शव तो जल गया, लेकिन हाथ पर लिखा लोकेंद्र और सोमवती का नाम बच गया।
हत्या से पहले देखी थी दृश्यम
फिल्म दृश्यम में अजय देवगन ने पुलिस को गच्चा दिया था। आईजी के बेटे को उसकी पत्नी ने मारा था। पुलिस को गच्चा देने के लिए उसने योजना के तहत साक्ष्य मिटाए थे। फिल्म देखकर महेश को लगा कि वह भी साक्ष्य मिटाकर बच सकता है, इसलिए उसने शव जला दिया था। पूछताछ में उसने यह बताया।
शराब में ही हत्यारोपी बना धर्मवीर
पुलिस ने धर्मवीर से पूछा कि वह क्यों हत्या में शामिल होने को तैयार हो गया। उसका तो किसी से चक्कर भी नहीं था। धर्मवीर बोला कि उसे महेश ने शराब पिलाई थी। शराब महज 75 रुपये की आई थी। उसके पास शराब पीने के लिए पैसे नहीं थे, इसलिए तैयार हो गया था। उसे अंदाजा नहीं था कि पकड़ा जाएगा।
लेखक के बारे में
Dinesh Rathourदिनेश राठौर वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। डिजिटल और प्रिंट
पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले दिनेश ने अपने करियर की शुरुआत 2010 में हरदोई से की थी। कानपुर
यूनिवर्सिटी से स्नातक दिनेश ने अपने सफर में हिन्दुस्तान (कानपुर, बरेली, मुरादाबाद), दैनिक जागरण और राजस्थान पत्रिका
(डिजिटल) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। हरदोई की गलियों से शुरू हुआ पत्रकारिता का सफर
आज डिजिटल मीडिया के शिखर तक पहुँच चुका है। दिनेश राठौर ने यूपी और राजस्थान के विभिन्न शहरों की नब्ज को प्रिंट और
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पत्रकारिता का सफर
हरदोई ब्यूरो से करिअर की शुरुआत करने के बाद दिनेश ने कानपुर हिंदुस्तान से जुड़े। यहां बतौर स्ट्रिंगर डेस्क पर करीब
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करीब तीन साल तक पत्रकारिता की। उन्होंने एक साल तक डिजिटल का काम भी किया। 2017 में दिनेश ने बरेली हिंदुस्तान में
प्रिंट के डेस्क पर वापसी की। लगभग दो साल की सेवाओं के बाद डिजिटल हिंदुस्तान में काम करने का मौका मिला जिसका सफर जारी
है।


