
पुरानी इंस्टाग्राम रील बनीं इंस्पेक्टर के लिए मुसीबत, साजिश के तहत वायरल, 15 दिन की छुट्टी पर गईं
आगरा में पुरानी रील इंस्पेक्टर शैली राणा के लिए मुसीबत बन गईं है। मारपीट की घटना के 16 महीने बाद उन्हें संवेदनशील मंटोला थाने का प्रभारी बनाया गया। पुरानी रील फिर साजिश के तहत वायरल कराई गईं। विवादों में आते ही इंस्पेक्टर शैली राणा 15 दिन की छुट्टी चली गईं हैं।
पुलिस में सोशल मीडिया के लिए नियमावली है। आगरा म पुरानी रील इंस्पेक्टर शैली राणा के लिए मुसीबत बन गईं। मारपीट की घटना के 16 महीने बाद उन्हें संवेदनशील मंटोला थाने का प्रभारी बनाया गया। पुरानी रील फिर साजिश के तहत वायरल कराई गईं। विवादों में आते ही इंस्पेक्टर शैली राणा 15 दिन की छुट्टी चली गईं। वह अवसाद में हैं। अगस्त 2024 में हुई मारपीट के मुकदमे में भी अभी तक चार्जशीट नहीं लगी थी। मामला पुलिस आयुक्त के संज्ञान में आया। जल्द से जल्द चार्जशीट के निर्देश दिए गए हैं। एक दारोगा और सिपाही मारपीट की साजिश में शामिल थे। आरोपित बनाए जा रहे हैं।
तीन अगस्त 2024 को तत्कालीन इंस्पेक्टर रकाबगंज शैली राणा के साथ उनके सरकारी आवास के बाहर मारपीट हुई थी। मारपीट के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे। मारपीट मेरठ से आईं गीता नागर, उनकी भाभी सोनिका, भाई ज्वाला सिंह, भतीजे दिग्विजय सिंह, अधिराज आदि ने की थी। गीता नागर के पति पवन कुमार उस दौरान इंस्पेक्टर शैली राणा के घर मौजूद थे। दोनों के बीच पुरानी पहचान थी। रकाबगंज थाने से पुलिस कर्मियों ने फोन करके गीता नागर को जानकारी दी थी। मारपीट करने वालों ने ही मारपीट के वीडियो वायरल किए थे। इसी दौरान शैली राणा की इंस्टाग्राम आईडी पर अपलोड उनकी कुछ रील्स वायरल हुई थीं।
इंस्पेक्टर शैली राणा ने जानलेवा हमला, बलवा, गाली-गलौज, मारपीट आदि धाराओं के तहत मुकदमा लिखा गया था। गला दबाकर उनकी हत्या का प्रयास किया गया था। मारपीट के दौरान पुलिस कर्मियों ने तमाशा देखा था। तत्कालीन पुलिस आयुक्त ने प्रारंभिक जांच के बाद दो मुख्य आरक्षियों को निलंबित किया था। दो दारोगा सहित छह पुलिस कर्मी लाइन हाजिर किए गए थे।
शैली राणा इस पूरे प्रकरण में पीड़िता थीं। उनकी मिशन शक्ति में तैनाती की गई थी। मिशन शक्ति में तैनाती के दौरान अच्छा काम करने पर उन्हें दोबारा थाने के चार्ज का मौका मिला। पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने 13 जनवरी को शैली राणा को इंस्पेक्टर मंटोला बनाया। 14 जनवरी को साजिश के तहत इंस्पेक्टर शैली राणा की पुरानी इंस्टाग्राम रील वायरल की गईं। सवाल उठाए गए कि वह थाना कैसे चला सकती हैं। विवादित रहे हैं। रील्स लखनऊ तक वायरल हुईं। जानकारी होते ही इंस्पेक्टर शैली राणा अवसाद में आ गईं। उन्होंने लंबी छुट्टी का प्रार्थना पत्र दिया और अपनी रवानगी करा ली। उनके छुट्टी पर जाने पर पुलिस आयुक्त ने इंस्पेक्टर सुरेश चंद को प्रभारी निरीक्षक मंटोला बना दिया।
दारोगा और सिपाही ने रची थी साजिश
इंस्पेक्टर शैली राणा ने अगस्त 2024 में दर्ज मुकदमे में अपने बयान में दारोगा सुनील लांबा और आरक्षी विशाल यादव के खिलाफ बयान दिए थे। आरोप लगाया था कि दोनों पुलिस कर्मियों ने साजिश रची। पवन कुमार के परिजनों को आगरा बुलाया। कुछ मीडिया कर्मियों से उनका संपर्क कराया। हमलावर अपने साथ मीडिया कर्मी लेकर आए थे। मारपीट का वीडियो बनाया गया। उसे वायरल करके उनका चरित्रहनन किया गया। पुलिस की जांच में भी दोनों पुलिस कर्मियों के खिलाफ साक्ष्य मिले हैं। सूत्रों की मानें तो इस प्रकरण में आरोपित पुलिस कर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच चल रही है। जांच अधिकारी एडीसीपी पूनम सिरोही हैं। जांच में दोषी पाए जाने पर पुलिस कर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई हो सकती है। वहीं दूसरी तरह मुकदमे में जल्द चार्जशीट जानी है। दोनों पुलिस कर्मियों के नाम उसमें शामिल किए जा रहे हैं।
छह साल पुरानी रील हैं
इंस्पेक्टर शैली राणा ने अपने बयान में पुलिस को बताया कि इंस्टाग्राम पर उनकी छह साल पुरानी चार रील्स थीं। उनका अकाउंट प्राइवेट था। रील्स हर कोई नहीं देख सकता था। रील्स को पहले भी साजिश के तहत वायरल किया गया था। 16 महीने बाद चार्ज मिलने पर दोबारा साजिश रची गई। पूरे प्रकरण में वह पीड़िता हैं। उन्हें आरोपित बनाने का प्रयास किया जा रहा है। उनके साथ मारपीट हुई। आरोपियों को अभी तक कोई सजा नहीं मिली। सभी पकड़े तक नहीं गए थे। चार्जशीट नहीं लगी है।





