बसपा विधायक उमाशंकर सिंह के घर छापे पर भड़के योगी के मंत्री दिनेश प्रताप सिंह, बोले- कुछ हुआ तो...
बलिया में बसपा विधायक उमाशंकर सिंह के आवास और होटल पर आयकर विभाग ने छापा मारा। विधायक के समधी और यूपी के मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने इस कार्रवाई का कड़ा विरोध किया है। उन्होंने विधायक की खराब सेहत का हवाला देते हुए एजेंसियों को चेतावनी भी दी है।
बलिया के रसड़ा से बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के कद्दावर विधायक उमाशंकर सिंह के ठिकानों पर बुधवार सुबह आयकर विभाग (Income Tax) की टीम ने ताबड़तोड़ छापेमारी की। एक तरफ जहां विभाग की टीमें विधायक के आवास, होटल और कंपनी के प्लांट पर दस्तावेज खंगाल रही हैं, वहीं दूसरी ओर योगी सरकार में उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने इस कार्रवाई को 'असंवेदनशील' बताते हुए अपनी ही सरकार की एजेंसियों और राजनेताओं को कटघरे में खड़ा कर दिया है।
तीन गाड़ियों से पहुंची टीम, मोबाइल किए जब्त
बुधवार सुबह करीब 10 बजे आयकर विभाग के अधिकारी तीन गाड़ियों में सवार होकर उमाशंकर सिंह के खनवर स्थित पैतृक आवास पहुंचे। टीम ने पहुंचते ही पूरे परिसर को घेर लिया और घर में मौजूद सभी सदस्यों के मोबाइल फोन अपने कब्जे में ले लिए। छापेमारी के वक्त विधायक के भाई रमेश सिंह आवास पर मौजूद थे, जो छात्रशक्ति इंफ्रा कंस्ट्रक्शन कंपनी के डायरेक्टर भी हैं। आयकर टीम ने गांव के पास स्थित कंपनी के प्लांट पर पहुंचकर उसे सील कर दिया और वहां मौजूद कागजातों की पड़ताल शुरू की। इसके साथ ही रसड़ा स्थित विधायक के आलीशान होटल ‘स्काई’ पर भी छापेमारी की खबर है।
मंत्री दिनेश प्रताप सिंह का भावुक और कड़ा प्रहार
इस छापेमारी की खबर मिलते ही योगी सरकार के मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर भावुक और तीखी पोस्ट कीं। पोस्ट के जरिए चेतावनी भी दी। मंत्री ने लिखा— "आयकर सहित सभी संस्थाओं को पता है कि उमाशंकर सिंह दो वर्ष से अधिक समय से जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं। वर्तमान में उनके लिए धनार्जन नहीं, बल्कि सांसें बचाना ही प्राथमिकता है। उनके सभी व्यवसाय लगभग बंद हो चुके हैं और वे अपने आवास में आइसोलेशन में रह रहे हैं।"
दिनेश प्रताप सिंह ने विधायक की गंभीर बीमारी का हवाला देते हुए कहा कि वह इतने बीमार हैं कि विधानसभा सत्र में भी शामिल नहीं हो सके। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि इस समय उनके घर पर डॉक्टर या नर्स को भी जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। मंत्री ने लिखा "यदि उनके जीवन को कोई हानि होती है, तो ये संवेदनहीन संस्थाएं जिम्मेदार होंगी।" उन्होंने यह भी कहा कि दुर्लभतम अपराधों में भी न्यायालय दया दिखाता है, लेकिन ऐसी परिस्थितियों में पीड़ा देना समझ से परे है।
मंत्री की इस प्रतिक्रिया ने सियासी गलियारों में हलचल पैदा कर दी है, क्योंकि एक तरफ भाजपा भ्रष्टाचार पर 'जीरो टॉलरेंस' की बात करती है, वहीं उनके अपने ही मंत्री जांच एजेंसी की टाइमिंग और संवेदनशीलता पर सवाल उठा रहे हैं। फिलहाल, आयकर विभाग की कार्रवाई जारी है और विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। बता दें कि उमाशंकर सिंह और दिनेश प्रताप सिंह आपस में समधी हैं (मंत्री की बेटी विधायक के घर ब्याही है)।
लेखक के बारे में
Yogesh Yadavयोगेश यादव लाइव हिन्दुस्तान में पिछले छह वर्षों से यूपी की राजनीति, क्राइम और करेंट अफेयर से जुड़ी खबरों को देख रहे हैं। यूपी में हो रहे विकास कार्यों, शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में आ रहे बदलाव के साथ यहां की मूलभूत समस्याओं पर गहरी नजर रखते हैं। पत्रकारिता में 25 वर्षों का लंबा अनुभव रखने वाले योगेश ने डिजिटल से पहले प्रिंट में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। लम्बे समय तक वाराणसी में सिटी और पूर्वांचल के नौ जिलों की अपकंट्री टीम को लीड किया है। प्रयागराज हिन्दुस्तान को लांच कराने वाली टीम में शामिल रहे। सिटी टीम का नेतृत्व भी किया। बीकॉम में ग्रेजुएट और मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट योगेश ने कई स्पेशल प्रोजेक्ट पर रिपोर्टिंग भी की है। राष्ट्रीय नेताओं के दौरों को कवर करते हुए उनके इंटरव्यू किये। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मौत से जुड़े रहस्यों पर हिन्दुस्तान के लिए सीरीज भी लिख चुके हैं।
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