
भाग्यश्री के सामने 5 मिनट तक शंख बजाते रहे दरोगा जी, एक्ट्रेस अचंभित; साथी पुलिसवाले भी रह गए दंग
उप निरीक्षक रवींद्रनाथ कुशवाहा एडीजी जोन कार्यालय में करीब एक साल से तैनात हैं। व्यवहार कुशल रवींद्रनाथ के इस हुनर के बारे में साथी पुलिसकर्मियों को अब जानकारी हुई, जब वह वायरल हुए। विभागीय अनुष्ठान में भी उनके शंख वादन की डिमांड रहती है। उन्होंने कहा कि शंख वादन से सांस की बीमारी से दूर होती है।
धर्मनगरी काशी के एडीजी जोन के कार्यालय में तैनात दरोगा रवींद्रनाथ कुशवाहा की पहचान शंख वादक के तौर पर भी बन गई है। बीते 26 दिसंबर को वाराणसी आईं सिने तारिका भाग्यश्री के सामने एक बार में करीब 5 मिनट तक शंख बजाने के बाद से वह सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। इस वीडियो में दरोगा जी के शंख वादन के दौरान भाग्यश्री अचंभित और श्रद्धापूर्वक हाथ जोड़कर सुनती नजर आ रही हैं। इसके बाद दरोगा जी के ऐसे कई वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर डाले गए।
उप निरीक्षक रवींद्रनाथ कुशवाहा एडीजी जोन कार्यालय में करीब एक साल से तैनात हैं। व्यवहार कुशल रवींद्रनाथ के इस हुनर के बारे में साथी पुलिसकर्मियों को अब जानकारी हुई, जब वह वायरल हुए। अब विभागीय अनुष्ठान में भी उनके शंख वादन की डिमांड रहती है। अभिनेत्री भाग्यश्री ही नहीं, गंगा आरती के समय, सारनाथ स्थित सारंग नाथ मंदिर में पूजा के दौरान के शंख बजाने के वीडियो भी अब वायरल हो रहे हैं। उप निरीक्षक रवींद्र नाथ कुशवाहा मूल रूप से गाजीपुर के मोहम्मदाबाद थाने के ठीक पीछे के मोहल्ले के निवासी हैं। साल 1991 बैच के दरोगा हैं।
छाले ठीक करने के उपाय ने दिलाई ख्याति
रवीन्द्रनाथ बताते हैं, साल 2020 में उनके मुंह में छाला हो गया। बीएचयू अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचे। वहां चिकित्सक ने दवा के साथ ही मुंह में हवा भरकर ज्यादा से ज्यादा देर तक रोके रखने के लिए कहा। ऐसा करने के दौरान ही उनके मन में आया कि शंख बजाने में भी यही प्रक्रिया होती है। इसके बाद शंख खरीदा और घर पर अभ्यास शुरू किया। शुरू में 30 से 40 सेकेंड तक शंख बजा लेते थे। इसके बाद एक दिन गंगा आरती में गए। वहां एक व्यक्ति देर तक शंख बजा रहा था। उससे सुझाव लिए। उसने सांसों को रोके बिना ही अटूट शंख वादन की कला सिखाई, इसके बाद से वह भी अभ्यास करने लगे। अब 5 मिनट तक शंख वादन कर सकते हैं।
मजबूत होते हैं फेफड़े
रवीन्द्रनाथ बताया कि शंख वादन से सांस की बीमारी से दूर होती है, फेफड़े मजबूत होते हैं। बताया कि आम आदमी औसतन 30 सेकेंड तक एक सांस में शंख बजा पाते हैं, वह 45 से 50 सेकेंड तक बजा लेते हैं।





