नोटिस के साथ घरों के नक्शे भी देगा आवास-विकास, अवैध निर्माण पर ऐक्शन को लेकर अब ये तैयारी
9 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने 859 आवासीय भवनों में सील हुए 44 भवनों को छोड़कर 815 भवनों के सेटबैक पर किए गए अवैध निर्माण को हटाने के आदेश दिए थे। कोर्ट ने कहा था कि परिषद व्यापारियों को नोटिस देकर 15 दिन का समय देगा। 15 दिन के अंदर व्यापारी स्वयं सेटबैक के अवैध निर्माणों को हटाएंगे।

UP News: उत्तर प्रदेश के मेरठ के सेंट्रल मार्केट मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश का अनुपालन कराने के लिए आवास और विकास परिषद पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतरेगा। व्यापारियों को दिए जाने वाले नोटिसों के साथ इस बार उनके घरों के नक्शे (मानचित्र) की कॉपी भी दी जाएगी ताकि उन्हें पता लग सके कि उनके घर का वास्तविक नक्शा कैसा था और अब उन्होंने सेटबैक में अवैध निर्माण करके कैसा बना लिया है। नोटिसों के साथ सुप्रीम कोर्ट के आदेश की कॉपी भी दी जाएगी। अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश का अनुपालन हर हाल में करना होगा। व्यापारी चाहेंगे तो परिषद सेटबैक तोड़ने में उनकी पूरी मदद करेगा और अगर दोबारा से निशान लगवाने होंगे तो निशान भी लगवाकर दिए जाएंगे। परिषद अधिकारियों ने अगले हफ्ते सोमवार या मंगलवार से नोटिस जारी करने की बात कही है।
पिछले 9 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने 859 आवासीय भवनों में सील हुए 44 भवनों को छोड़कर 815 भवनों के सेटबैक पर किए गए अवैध निर्माण को हटाने के आदेश दिए थे। कोर्ट ने कहा था कि इसके लिए परिषद व्यापारियों को नोटिस देकर 15 दिन का समय देगा। 15 दिन के अंदर व्यापारी स्वयं सेटबैक के अवैध निर्माणों को हटाएंगे और अगर व्यापारी दिए गए समय में अवैध निर्माण नहीं हटाएंगे तो उसके बाद परिषद अवैध निर्माणों को हटाएगा और उस पर होने वाला खर्च व्यापारियों से लिया जाएगा। आदेश के 8 दिन बाद भी परिषद ने नोटिस जारी नहीं किए हैं। इस बारे में उप आवास आयुक्त अनिल कुमार सिंह ने बताया कि नोटिस तैयार कराए जा रहे हैं। इस बार नोटिसों के साथ मकानों के नक्शे भी दिए जाएंगे और सुप्रीम कोर्ट के आदेश की कॉपी भी लगाई जाएगी।
परिषद ने सेटबैक छोड़ने के मानक पहले ही व्यापारियों को बता दिए हैं। अगर किसी को सहायता चाहिए तो परिषद आवंटियों की पूरी मदद करेगा। छोड़े जाने वाले सेटबैक के निशान भी लगाकर दिए जाएंगे।
बाजार स्ट्रीट के लिए सेटबैक छोड़ने के नियम
आवासीय संपत्तियों के लिए
भवन/भूखंड एरिया फ्रंट सेटबैक रियर सेटबैक साइड सेटबैक
150 वर्गमीटर से कम 1 मीटर 00 00
150 से 300 वर्गमीटर 3 मीटर 1.5 मीटर 00
300 वर्गमीटर से 500 3 मीटर 3 मीटर 00
व्यावसायिक संपत्तियों के लिए
100 वर्गमीटर से कम 1.5 मीटर 00 00
100 वर्गमीटर से 300 वर्गमीटर 3 मीटर 00 00
300 वर्गमीटर से 10000 वर्गमीटर 4.5 मीटर 3 मीटर 1.5 मीटर
इस तरह छोड़ना होगा सेटबैक
रोड की चौड़ाई फ्रंट सेटबैक
12 से 18 मीटर 3 मीटर
18 से 24 मीटर 4.5 मीटर
24 से 30 मीटर 6 मीटर
30 से 36 मीटर 6 मीटर
36 से 45 मीटर 7.5 मीटर
45 से 76 मीटर 7.5 मीटर
76 मीटर से अधिक 9 मीटर
ये हैं 860 भवनों और प्लॉटों की संख्या और उनका एरिया
प्लॉटों का क्षेत्रफल संख्या
1 से 50 वर्गमीटर 01
51 से 100 वर्गमीटर 17
101 से 150 वर्गमीटर 06
151 से 300 वर्गमीटर 124
301 से 500 वर्गमीटर 78
501 से 1200 वर्गमीटर 04
कुल प्लॉट 230
मकानों का क्षेत्रफल मकानों की संख्या
1 से 50 वर्गमीटर 249
51 से 100 वर्गमीटर 222
101 से 150 वर्गमीटर 68
151 से 300 वर्गमीटर 80
301 से 500 वर्गमीटर 10
501 से 1200 वर्गमीटर 01
कुल भवन 630
नोट- इन 860 भवनों में से एक अवैध कॉम्पलेक्स संख्या 661/6 को ध्वस्त किया जा चुका है और 44 भवनों पर सील लगाई जा चुकी है।
लेखक के बारे में
Ajay Singhअजय कुमार सिंह पिछले आठ वर्षों से लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में पूर्वांचल के बड़े हिस्से से खबरों का कोआर्डिनेशन देख रहे हैं। वह हिन्दुस्तान ग्रुप से 2010 से जुड़े हैं। पत्रकारिता में 27 वर्षों का लंबा अनुभव रखने वाले अजय ने टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। हिन्दुस्तान से पहले वह ईटीवी, इंडिया न्यूज और दैनिक जागरण के लिए अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर चुके हैं। अजय राजनीति, क्राइम, सेहत, शिक्षा और पर्यावरण से जुड़ी खबरों को गहराई से कवर करते हैं। बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट अजय फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान में असिस्टेंट एडिटर हैं और उत्तर प्रदेश की राजनीति और क्राइम की खबरों पर विशेष फोकस रखते हैं।
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