एम्स में नौकरी का वो वाला विज्ञापन कहीं आपने भी तो नहीं देखा, जान लीजिए ये हकीकत

Ajay Singh कार्यालय संवाददाता, गोरखपुर
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एम्स प्रशासन के मुताबिक, एम्स गोरखपुर में वार्ड अटेंडेंट, किचन हेल्पर और सपोर्ट स्टाफ भर्ती-2026 का एक फर्जी विज्ञापन फेसबुक से लेकर इंस्टाग्राम पर वायरल हो रहा है। इस विज्ञापन में बिना परीक्षा डायरेक्ट इंटरव्यू के जरिए नियुक्ति बताते हुए योग्यता आठवीं, 10वीं-12वीं पास (अनपढ़ भी मान्य) लिखा गया है।

एम्स में नौकरी का वो वाला विज्ञापन कहीं आपने भी तो नहीं देखा, जान लीजिए ये हकीकत

UP News: किसी भी शख्स के लिए नौकरी बहुत महत्वपूर्ण होती है। खासतौर से तब जब वह बेरोजगार हो। पढ़-लिख गए तो फिर माता-पिता और परिवार की भी अपेक्षा होती है कि अब बेटा या बेटी कोई अच्छी नौकरी पा जाए। एक अदद अच्छी नौकरी के लिए युवा कितनी मेहनत करते हैं। जानें कितने फॉर्म भरते हैं, परीक्षाएं देते हैं। उम्मीदवार अधिक हैं और नौकरियां कम सो हर किसी को पता है कि प्रतियोगिता कठिन है। लेकिन यह कठिनाई तब और बढ़ जाती है जब कोई युवाओं की नौकरी की चाहत का इस्तेमाल कर उन्हें धोखा देने लगे और बेरोजगारों को ही अवैध कमाई का जरिया बना ले। ऐसा ही कुछ हुआ है गोरखपुर में। जहां एम्स गोरखपुर के नाम पर फर्जी वैकेंसी निकालकर आए दिन लोगों को गुमराह किया जा रहा है।

बात ये है कि पिछले कुछ समय से एम्स गोरखपुर में वार्ड अटेंडेंट, किचन हेल्पर और सपोर्ट स्टॉफ की सीधी भर्ती का फर्जी विज्ञापन सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वेवसाइट पर अब तक डेढ़ हजार लोग इस विज्ञापन को देख चुके हैं। सोशल मीडिया पर 300 लोगों ने कमेंट किया है और 52 लोगों ने इस विज्ञापन को शेयर भी किया है। वहीं, एम्स प्रशासन ने लोगों को आगाह किया है। कहा है कि वैकेंसी के विज्ञापन पूरी तरह से फर्जी हैं। एम्स प्रशासन ने कहा है कि ऐसे किसी विज्ञापन के झांसे में आने की बिल्कुल जरूरत नहीं है बल्कि ऐसे तत्वों से सावधान रहने की जरूरत है।

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एम्स प्रशासन के मुताबिक, एम्स गोरखपुर में वार्ड अटेंडेंट, किचन हेल्पर और सपोर्ट स्टाफ भर्ती-2026 का एक फर्जी विज्ञापन फेसबुक से लेकर इंस्टाग्राम पर वायरल हो रहा है। इसमें बिना परीक्षा डायरेक्ट इंटरव्यू के जरिए नियुक्ति बताते हुए योग्यता आठवीं, 10वीं और 12वीं पास (अनपढ़ भी मान्य) लिखा गया है। सैलरी 35 हजार से 50 हजार रुपये महीना देने साथ में सरकारी भत्ते, सुविधाएं, पेंशन, मेडिकल के साथ वर्दी देने का जिक्र किया गया है।

विज्ञापन में एम्स के फर्जी लोगो का भी इस्तेमाल किया गया है। अंतिम मौका लिखते हुए फार्म का लिंक दिया गया है। एम्स प्रशासन ने बताया कि इस तरह की कोई भी वैकेंसी नहीं निकाली गई है। इससे पहले भी एम्स में भर्ती के नाम पर कई तरह के विज्ञापन निकाले जा चुके हैं। इसमें कई लोग रुपये भी गंवा चुके हैं। जबकि, कई जालसाज जेल जा चुके हैं।

एम्स के मीडिया प्रभारी ने बताया

एम्स गोरखपुर के मीडिया प्रभारी डॉ.अरुप मोहंती ने बताया कि सोशल मीडिया पर एम्स गोरखपुर में वैकेंसी का फर्जी विज्ञापन शेयर किया जा रहा है। इस विज्ञापन में वार्ड अटेंडेंट, किचन हेल्पर और सपोर्ट स्टॉफ भर्ती की बात कही गई है। एम्स में ऐसी कोई वैकेंसी नहीं निकाली गई है। यह पूरी तरह से फर्जी है।

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लेखक के बारे में

Ajay Singh

अजय कुमार सिंह पिछले आठ वर्षों से लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में पूर्वांचल के बड़े हिस्से से खबरों का कोआर्डिनेशन देख रहे हैं। वह हिन्दुस्तान ग्रुप से 2010 से जुड़े हैं। पत्रकारिता में 27 वर्षों का लंबा अनुभव रखने वाले अजय ने टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। हिन्दुस्तान से पहले वह ईटीवी, इंडिया न्यूज और दैनिक जागरण के लिए अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर चुके हैं। अजय राजनीति, क्राइम, सेहत, शिक्षा और पर्यावरण से जुड़ी खबरों को गहराई से कवर करते हैं। बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट अजय फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान में असिस्टेंट एडिटर हैं और उत्तर प्रदेश की राजनीति और क्राइम की खबरों पर विशेष फोकस रखते हैं।

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