एक फोन नंबर से दो फास्टैग लिंक तो दोनों से कट सकते हैं पैसे, मामला पकड़ाने से खलबली
अगर आपके पास एक से ज्यादा गाड़ियां हैं और उन पर लगे फास्टैग एक ही मोबाइल नंबर से लिंक हैं तो सावधान होने की जरूरत है। हो सकता है कि आपकी एक ही गाड़ी टोल से पार करे लेकिन पैसा दोनों फास्टैग से कट जाए। ऐसा ही मामला पकड़ में आया है।

टोल बूथ पर सावधान रहें। ऐसा हो सकता है कि आप जिस गाड़ी से यात्रा कर रहे हैं, उसमें लगे फास्टैग के अलावा आपके पास उपलब्ध दूसरे फास्टैग से भी पैसा कट सकता है। हाल ही में टोल बूथ पर फास्टैग से पैसा कटने में गड़बड़ी का मामला कानपुर-कबरई मार्ग स्थित खन्ना टोल बूथ और एमपी के पथरहट टोल बूथ पर पकड़ में आया। टोल बूथ पर इस तरह मनमाना पैसा कटने से यात्री परेशान हैं।
घटना 27 दिसंबर 2025 की रात 1:12 बजे की है। यहां के खन्ना टोल गेट से एक वाहन पार हुआ। उस पर लगे फास्टैग से 55 रुपये कटे। फास्टैग जिस मोबाइल नंबर से दर्ज था, उसी मोबाइल नंबर से एक अन्य वाहन पर दूसरा भी पंजीकृत था। खन्ना टोल बूथ पर जो गाड़ी पार हुई उस पर लगे फास्टैग से रकम तो कटी ही, अन्य वाहन के भी फास्टैग से 1:13 बजे पैसा कट गया। मध्य प्रदेश में सतना-मैहर मार्ग स्थित पथरहट टोल बूथ पर भी पैसा कटने में हेरफेर पकड़ी गई।
वहां, रात 11:27 बजे जो वाहन पार हुआ। वाहन पर लगा फास्टैग स्कैन हुआ, लेकिन रकम उससे कटी जो वाहन पर लगा ही नहीं था। 60 रुपये का टोल लिया गया। इस तरह की गड़बड़ी से यात्री परेशान हैं। यह गड़बड़ी उन्हीं यात्रियों संग हो रही है, जिनके पास एक से अधिक वाहन हैं और उन्होंने एक ही मोबाइल नंबर से सभी फास्टैग लिंक करवा रखे हैं।
12 में से केवल दो टोल पर ही हुई दिक्कत
लखनऊ से मध्य प्रदेश स्थित अमरकंटक की यात्रा के दौरान 26 से 29 दिसंबर 2025 को 12 टोल बूथ पार हुए। दो को छोड़ बाकी सभी बूथों पर एक ही नंबर से लिंक दोनों फास्टैग से पैसा नहीं कटा। यह समस्या केवल दो ही बूथ पर आई। लिहाजा इस बात का अंदेशा ज्यादा है कि टोल बूथ पर ही इस तरह मनमानी रकम काटे जाने की गतिविधियां की जा रही हों।
वाहन गुजरा नहीं तो भी कट गया टोल
बीते साल 21 फरवरी में उन्नाव स्थित नवाबगंज टोल बूथ पर भी मनमाने तौर पर पैसा कटने का मामला सामने आया था। सुबह 9:19 बजे फास्टैग से पैसा कट गया। नाम न छापने की शर्त पर वाहनस्वामी बताती हैं कि उनका वाहन नवाबगंज टोल बूथ पार भी नहीं किया, जबकि उनके फास्टटैग से पैसा कट गया था।
उन्होंने जब अपने संबंधित बैंक से बात की तो उन्होंने इस मामले में किसी तरह की मदद से हाथ खड़े कर दिए। नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) पर शिकायत का सुझाव दिया। शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) से भी शिकायत की गई लेकिन उन्होंने भी मामले से पल्ला झाड़ लिया।
लेखक के बारे में
Yogesh Yadavयोगेश यादव लाइव हिन्दुस्तान में पिछले छह वर्षों से यूपी सेक्शन को देख रहे हैं। यूपी की राजनीति, क्राइम और करेंट अफेयर से जुड़ी खबरों को कवर करने की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। यूपी की राजनीतिक खबरों के साथ क्राइम की खबरों पर खास पकड़ रखते हैं। यूपी में हो रहे विकास कार्यों, शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में आ रहे बदलाव के साथ यहां की मूलभूत समस्याओं पर गहरी नजर रखते हैं।
पत्रकारिता में दो दशक का लंबा अनुभव रखने वाले योगेश ने डिजिटल से पहले प्रिंट में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। लम्बे समय तक हिन्दुस्तान वाराणसी में सिटी और पूर्वांचल के नौ जिलों की अपकंट्री टीम को लीड किया है। वाराणसी से पहले चड़ीगढ़ और प्रयागराज हिन्दुस्तान को लांच कराने वाली टीम में शामिल रहे। प्रयागराज की सिटी टीम का नेतृत्व भी किया।
बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से बीकॉम में ग्रेजुएट और बनारस की ही काशी विद्यापीठ से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट योगेश ने कई स्पेशल प्रोजेक्ट पर काम भी किया है। राष्ट्रीय नेताओं के दौरों को कवर करते हुए उनके इंटरव्यू किये। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मौत से जुड़े रहस्यों पर हिन्दुस्तान के लिए सीरीज भी लिख चुके हैं।


