ऊर्जा मंत्री को नहीं पता तो किसने लगाया सरचार्ज? उपभोक्ता परिषद ने मुख्यमंत्री से की हस्तक्षेप की मांग

लाइव हिन्दुस्तान
Follow us on Google News
share

नियामक आयोग और ऊर्जा मंत्री को  नहीं पता तो सरचार्ज किसने लगाया? पावर कारपोरेशन को मनमाने निर्णय लेने का अधिकार किसने दिया है। मुख्यमंत्री को तत्काल हस्तक्षेप कर उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करनी चाहिए।

ऊर्जा मंत्री को नहीं पता तो किसने लगाया सरचार्ज? उपभोक्ता परिषद ने मुख्यमंत्री से की हस्तक्षेप की मांग

यूपी में उपभोक्ता परिषद ने मुख्यमंत्री से जून माह में लगाए गए 10% ईंधन व विद्युत क्रय समायोजन अधिभार (एफपीपीए) शुल्क की वसूली पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। इस मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा है कि विद्युत नियामक आयोग पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि 10% ईंधन अधिभार शुल्क सीधे तौर पर कानून का उल्लंघन है। ऊर्जा मंत्री भी अब कहा रहे हैं कि इस फैसले की जानकारी उन्हें सोशल मीडिया से मिली। यह गंभीर प्रश्न खड़ा करता है।

उन्होंने कहा कि नियामक आयोग और ऊर्जा मंत्री दोनों की बिना जानकारी और सहमति के ईंधन अधिभार कैसे लगा। पावर कारपोरेशन को मनमाने निर्णय लेने का अधिकार किसने दिया है। मुख्यमंत्री को तत्काल हस्तक्षेप कर उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करनी चाहिए।

उन्होंने आरोप लगाया कि पावर कॉरपोरेशन में लगातार मनमाने ढंग से फैसले लिए जाते रहे हैं। चाहे बिजली चोरी के मामलों में बने कानून की भावना के विपरीत 65% तक बिजली चोरी के राजस्व निर्धारण में छूट का मामला हो या लगभग 18,885 करोड़ के स्मार्ट प्रीपेड मीटर टेंडर को बढ़ाकर 27,342 करोड़ रुपये में दिए जाने का उपभोक्ता परिषद लगातार इन मुद्दों को उठाती रही है।

बिना पूछे बिल बढ़ाए जाने पर मंत्री खफा

इससे पहले ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने उनके पूछे बिना बिजली बिल बढ़ाए जाने पर खफा हैं। उन्होंने पावर कारपोरेशन के अध्यक्ष आशीष गोयल को पत्र लिखकर नाराजगी जताई है। इसमें कहा है कि उनसे पूछे बिना कैसे उपभोक्ताओं पर 10 फीसदी सरचार्ज लगा दिया गया। इतने बड़े फैसले में सहमति लेना तो दूर मुझे जानकारी देना तक जरूरी नहीं समझा गया। उन्होंने यह भी पत्र में लिखा है कि मना करने के बावजूद संविदा कर्मियों को हटाया गया। इस पर भी नाराजगी जताई है। ऊर्जा मंत्री के एक पत्र ने पूरे विभाग में करंट दौड़ा दिया है। उन्होंने यह भी साफ कहा है कि गड़बड़ी करने पर अधिकारी बचेंगे नहीं। भीषण गर्मी में पैदा हुए बिजली संकट के बीच ऊर्जा विभाग में ‘पावर’ वार छिड़ा हुआ है। ऊर्जा मंत्री ने पावर कारपोरेशन के अध्यक्ष को सचेत करते हुए कहा है कि भविष्य में बिना पूर्व सहमति के ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने संविदाकर्मियों की छंटनी, उपभोक्ताओं की समस्याओं की अनदेखी, विभागीय समन्वय की कमी और बिना पर्याप्त तैयारी लिए गए फैसलों पर गहरी नाराजगी जताई है। उन्होंने साफ कहा है कि सरकार की मंशा के विपरीत काम करने वालों की जवाबदेही तय होगी।

Deep Pandey

लेखक के बारे में

Deep Pandey

दीप नरायन पांडेय लाइव हिन्दुस्तान में पिछले आठ सालों से यूपी की खबरें करते हैं। डिजिटल, टीवी और प्रिंट जर्नलिज्म में 15 साल से अधिक का अनुभव रखने वाले दीप नरायन पांडेय वरिष्ठ पत्रकार हैं। दीप अब डिजिटल मीडिया के जाने माने नाम बन गए हैं। दीप हिंदी भाषा की डिजिटल पत्रकारिता के नए आयामों को बेहतर समझते हैं। यूपी की राजनीति के साथ क्राइम की खबरों पर अच्छी पकड़ है। सामाजिक, इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन, शिक्षा और हेल्थ पर भी लिखते हैं। दीप पाठकों की पसंद को समझने और उसी तरह से न्पूज प्रस्तुत करने में माहिर हैं। दीप सरल भाषा में खबरों को पाठकों तक पहुंचाते हैं। खबर लिखने के अलावा साहित्य पढ़ने-लिखने में भी रुचि रखते हैं। मास कम्युनिकेशन में बीए और एमए दीप नरायन पांडेय मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गोंडा के रहने वाले हैं। दीप ने पत्रकारिता की शुरुवात लखनऊ से की। टीवी चैनल से करियर का आगाज करने वाले दीप इसके बाद प्रिंट अमर उजाला लखनऊ में भी रहे। हिन्दुस्तान प्रिंट में वाराणसी, गोरखपुर, फिर लखनऊ में कार्य के दौरान विभिन्न जिलों के डेस्क इंचार्ज रहे हैं। यूपी विधानसभा चुनाव 2012, 2017, 2022, लोकसभा चुनाव, पंचायत चुनावों के दौरान बेहतर कवरेज कर चुके हैं।

और पढ़ें
लेटेस्ट Hindi News, UP News, Lucknow News, Meerut News, Ghaziabad News, Agra News, Kanpur News, और lucknow Weather अपडेट हिंदी में पढ़ें। साथ ही UP Chunav 2027 , UP Vidhan Sabha Seats और UP Election 2027 Candidates से जुड़ी ताज़ा खबरों के लिए Live Hindustan App अभी डाउनलोड करें।