
गोमती में नहीं तो क्या मुख्यमंत्री आवास में गिरे सीवर? यह क्या बोल गए अखिलेश यादव
यूपी सरकार द्वारा शुरू की योजना को लेकर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। दरअसल सीवर का पानी गोमती में न गिरे इसको लेकर सीएम योगी ने गोमती पुनर्जीवन योजना शुरू की है। इस पर अखिलेश यादव ने तंज कसा।
ूपी में इन दिनों गोमती को लेकर सियासत गहराई है। यूपी सरकार द्वारा शुरू की योजना को लेकर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। दरअसल सीवर का पानी गोमती में न गिरे इसको लेकर सीएम योगी ने गोमती पुनर्जीवन योजना शुरू की है। इस पर अखिलेश यादव ने तंज कसा। उन्होंने कहा, अब बताओ गोमती में सीवेज न गिरे तो कहां गिरे? मुख्यमंत्री आवास में? जब सरकार के जाने का समय आया तब गोमती याद आई। समाजवादी सरकार ने गोमती सफाई और वरुणा नदी का जो मॉडल तैयार किया था, वही एकमात्र मॉडल है। सरकार नदी नहीं बजट साफ कर रही है। सरकार लूट की योजना बनाती है।

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बुधवार को उत्तर प्रदेश सरकार पर नदी सफाई परियोजनाओं के मामले में दिखावटी वादा करने और कॉर्पोरेट हितों को प्राथमिकता देने का आरोप लगाया। पार्टी मुख्यालय में पत्रकारों से बात करते हुए, यादव ने कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार को नदी सफाई की याद तभी आई जब उनके जाने का समय आ गया था। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि हालांकि, मौजूदा सरकार वास्तव में नदियों की सफाई नहीं कर रही, बल्कि बजट की सफाई कर रही है।
यादव ने कहा, वे हर अच्छी चीज़ को बर्बाद करने और लूटने की योजना बनाते हैं। उन्होंने प्रशासन पर सार्वजनिक पहलों को निजी लाभ के रास्ते में बदलने का आरोप लगाया। उन्होंने आगे कहा कि सरकार केवल किसानों की ज़मीन और फसलों को लूट रही है, जबकि बड़े व्यापारिक घरानों को विशाल रियल एस्टेट और भूमि बैंक बनाने की खुली छूट दी गई है। यादव ने कहा, सच्चाई यह है कि यह सरकार किसानों के साथ कभी ईमानदार नहीं रही और न ही इसके फैसले उनके प्रति निष्पक्ष हैं।
डबल इंजन सरकार में बढ़ गया सोने का भाव
सोने और चांदी के बढ़े भाव पर अखिलेश यादव ने डबल इंजन सरकार को जिम्मेदार ठहराया। अखिलेश बोले, मेरे साथी ने सोना खरीदने की सलाह दी थी। मैंने नहीं माना। तब 90 हजार था अब 1.30 लाख हो गया। दीपावली तक डेढ़ लाख हो जाएगा। मेरा घाटा हो गया। लेकिन आप सोचिए शादियों का सीजन आने वाला है। गरीब क्या दे पाएगा अपनी बेटी को? नाक की कील तक नहीं दे सकता। ऐसी स्थिति कर दी। उन्होंने कहा, सरकार स्वदेशी का चूरन खिला रही है। यह बस हमें और आपको गुमराह करने के लिए है। भाजपा के मुंह में स्वदेशी है, मन में विदेशी है। क्यों नहीं, सरकार दूसरे लोगों पर टैरिफ लगाती है।
किसानों को नहीं मिल रही खाद
किसानों की समस्या पर भी अखिलेश ने यूपी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा, मैंने सुना सरकार किसानों के लिए डिजिटल एग्रीकल्चर इको सिस्टम बनाया जा रहा है। असल क्या है? खाद मिल नहीं रही। गन्ना की कीमत नहीं बढ़ी। ये सरकार तो किसानों की जमीन और फसल की लूट कर रही है। बड़े-बड़े बिजनेस घरानों को रियल एस्टेट बैंक बना लो। ये सरकार केवल बेइमानी की है। हमें एक ही मौसम पता है कि इनकी विदाई होने जा रही है। भाजपा के पास कोई मॉडल नहीं है। जो लोग एनकाउंटर से कानून व्यवस्था ठीक करना चाहते हैं। अगर इसी से सब ठीक हो जाता तो रायबरेली में घटना कैसे हो गई? भ्रष्टाचार की बात करते हैं, कानपुर में 100 तहरीर हैं। भ्रष्ट आईपीइस को बचा रहे हैं।
पुलिस के सियासी उपयोग से बिगड़ रही कानून-व्यवस्था
अखिलेश ने सरकार पर पुलिस के राजनीतिक इस्तेमाल का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, जब पुलिस का सियासी उपयोग होगा तो कानून-व्यवस्था कौन देखेगा? प्रदेश की कानून-व्यवस्था हद स्तर तक बिगड़ी हुई है। अगर मुठभेड़ से ही कानून व्यवस्था बेहतर होती तो सरकार अखिलेश दुबे का 'एनकाउंटर' क्यों नहीं कर रही है? हालांकि, जिस दिन अधिकारियों को लग जाएगा कि उनकी पोल खुलने वाली है, उसी दिन दुबे का भी 'एनकाउंटर' हो जाएगा। सरकार लोगों को मुठभेड़ से डराना चाहती है। अगर एनकाउंटर से सब ठीक हो जाता तो बंथरा में बेटी के साथ दुष्कर्म कैसे होता? हरिओम वाल्मीकि की हत्या क्यों होती?
जितना भ्रष्टाचार अभी, उतना कभी नहीं था
सपा प्रमुख ने प्रदेश सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि जितना भ्रष्टाचार अभी है, उतना कभी नहीं था। बड़े-बड़े औद्योगिक घरानों को रियल एस्टेट बैंक बनाने के लिए सरकार ने कहा है। जमीन की लूट भाजपा में बढ़ी है। सरकारी जमीनें बेची और हड़पी जा रहीं। केदारनाथ सैंथवार की भी जमीन कब्जाकर एक बिल्डर को दे दी। जब हमारी सरकार बनी तो केदारनाथ की मूर्ति हम रिवर फ्रंट और गोरखपुर में लगाएंगे।
चुनावी विज्ञापन और गाना लॉन्च किया
अखिलेश ने वर्ष 2027 विधान सभा चुनाव के लिए विज्ञापन और गीत भी लॉन्च किया। विज्ञापन की टैगलाइन है, जिनका काम आज भी है याद, उनकी सरकार बनाएंगे। पीडीए - अपनी सरकार बनाएंगे। वहीं, गीत के बोल हैं, छोरा यादव दा, लाल मुलायम दा...।



