'बदमाशों का देवता' बनना है, लेकिन... यूपी में हाफ एनकाउंटर के बाद बदमाश ने बताई ख्वाहिश
मुजफ्फरनगर में मेडिकल स्टोर संचालक से 10 लाख रुपये की रंगदारी मांगने वाले बदमाशों से पुलिस की मुठभेड़ हो गई। पुलिस ने अनिल दुजाना गैंग के बदमाश प्रताप को दबोचा जो गोली लगने से घायल हुआ था। उसने बताया कि वो बदमाशों का देवता बनना चाहता है। इस नाम से इंस्टा आईडी भी बनाई है।

मुजफ्फरपुर में मेडिकल स्टोर संचालक से दस लाख रुपये की रंगदारी मांगने वाले बदमाश और उसके साथी की पुलिस से मुठभेड़ हो गई। पुलिस मुठभेड़ में रंगदारी मांगने वाला बदमाश गोली लगने से घायल हो गया, जबकि उसके साथ को पुलिस ने कॉम्बिंग के दौरान दबोच लिया। बदमाशों से दो तमंचे और दो मोबाइल बरामद किए। घायल बदमाश अनिल दुजाना गैंग से जुड़ा हुआ है। गिरफ्तार बदमाश प्रताप ने इस्टांग्राम बदमाशों के देवता के नाम से आईडी बना रखी थी। जबकि उसके साथी रवि ने शूटर के नाम से आईडी बनाकर रखी थी।
'बदमाशों का देवता' बनने की ख्वाहिश
कुछ समय पूर्व प्रताप को रामराज पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर जेल भेजा था। कुछ दिन पूर्व ही वह जमानत पर जेल से रिहा हुआ था। रिहा होने के बाद उसने मेडिकल स्टोर संचालक की हत्या करने की बजाय उससे दस लाख रुपये की रंगदारी मांगी थी। एसपी सिटी सत्यनारायण प्रजापत ने बताया कि मोहल्ला पटेलनगर निवासी राजीव जैन की जिला परिषद मार्केट में मेडिकल स्टोर है। मेडिकल स्टोर संचालक से 4 मार्च को मोबाइल पर कॉल कर 10 लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई थी। मेडिकल स्टोर संचालक की तहरीर पर पुलिस द्वारा रिपोर्ट दर्ज की गई थी। शुक्रवार दोपहर थाना प्रभारी आशुतोष कुमार सिंह को सूचना मिली कि रंगदारी मांगने वाले आरोपी और उसका साथी बामनहेडी रेलवे स्टेशन के पास खड़े हैं। पुलिस ने बदमाशों की घेराबंदी की तो उन्होंने फायरिंग कर दी।
अनिल दुजाना गैंग का बदमाश प्रताप चौधरी
पुलिस की जवाबी कार्रवाई में बदमाश प्रताप चौधरी उर्फ बदमाशों का देवता निवासी हुसैनपुर थाना रामराज गोली लगने से घायल हो गया। कॉम्बिंग के दौरान उसके साथी रवि उर्फ शूटर निवासी बाखरपुर थाना बालैनी जनपद बागपत को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों से दो तमंचे व दो मोबाइल बरामद किए हैं। पुलिस ने घायल बदमाश को अस्पताल में भर्ती कराया। इस दौरान बदमाश प्रताप चौधरी ने कहा कि वो अनिल दुजाना गैंग से जुड़ा है और सीएम योगी से डरता है।
संचालक की हत्या के लिए 20 लाख की सुपारी ली थी
थाना प्रभारी आशुतोष कुमार सिंह ने बताया कि घायल बदमाश प्रताप कुख्यात बदमाश रहे अनिल दुजाना गैंग से जुड़ा है। वर्तमान में जेल में बदमाश अरुण दुजाना बंद है। वह उसके संपर्क में था। बदमाश प्रताप की मुलाकात जेल में बंद अतुल नाम के व्यक्ति से हुई थी। आरोपी अतुल ने मेडिकल स्टोर संचालक से व्यापार में मुनाफा दिलाने का झांसा देकर 6 करोड़ की ठगी की थी। पुलिस ने अतुल समेत पांच लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। अतुल ने जेल में प्रताप से मुलाकात कर मेडिकल स्टोर संचालक की हत्या करने के लिए 20 लाख रुपये की सुपारी देने की बात कही थी। हालांकि उसे रुपये नहीं दिए गए थे। बदमाश प्रताप ने मेडिकल स्टोर संचालक से दस लाख की रंगदारी मांगी थी।


