कहीं ऐसा न हो कि मैं पहुंचूं तो मैदान खाली मिले
मौसम के बिगड़े मिजाज से मुख्यमंत्री को भी डर लगा। उन्होंने अपने उद्बोधन में इसका जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें लग रहा था कि वह पहुंचें और मैदान खाली मिले, लेकिन यहां तो बड़ी संख्या में लोग मौजूद हैं।

मौसम के बिगड़े मिजाज से मुख्यमंत्री को भी डर लगा। उन्होंने अपने उद्बोधन में इसका जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें लग रहा था कि वह पहुंचें और मैदान खाली मिले, लेकिन यहां तो बड़ी संख्या में लोग मौजूद हैं। उन्होंने उत्साहित होते हुए कहा कि आप लोगों की मौजूदगी से मुझे ऊर्जा मिलती है।
मुख्यमंत्री ने रहनकलां में जनसभा के दौरान भी मौसम का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वह डेढ़ बजे ही आ गए थे, लेकिन मौसम के खराब होने के कारण एयरपोर्ट पर ही रुके रहे। मुझे आगरा से मथुरा-वृंदावन जाने में ही देरी हो गई। वहां भी कार्यक्रम था। वहां से लौटने में भी देरी हो गई। इसको देखते हुए आशंका इस बात की थी कि देरी के कारण भीड़ कम हो जाएगी। उन्होंने कहा कि मुझे डर था कि कहीं कार्यक्रम स्थल पर जनप्रतिनिधियों के साथ अकेला न रह जाऊं लेकिन इतने खराब मौसम के बाद इतनी बड़ी संख्या में आप लोग यहां मौजूद हैं। आपके उत्साह को नमन करता हूं।
पांच घंटे जमे रहे लोग
जनसभा स्थल पर लोग दोपहर एक बजे ही पहुंच गए थे। मुख्यमंत्री के उद्बोधन को सुनने के लिए लोग पांच घंटे तक जमा रहे। जबकि इस बीच आंधी और बारिश भी आई। फिर भी लोगों का उत्साह कम नहीं पड़ा।
लेखक के बारे में
Manoj Mishraशॉर्ट बायो : मनोज मिश्र पिछले 28 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'हिन्दुस्तान' हिंदी आगरा में सिटी चीफ की भूमिका में कार्य कर रहे हैं। उनकी विशेषज्ञता पर्यटन से जुड़ी रिपोर्टिंग में है।
परिचय एवं अनुभव
मनोज मिश्र को हिंदी पत्रकारिता का लंबा अनुभव है। उन्होंने 1997 में अमर उजाला आगरा से पत्रकारिता की शुरुआत की। 28 साल के प्रिंट मीडिया के अनुभव के साथ उनका एक प्रतिष्ठित नाम है। प्रशासनिक बीट के साथ पर्यटन से जुड़ी कवरेज लगातार कर रहे हैं।
करियर का सफर
1997 से पत्रकारिता में सक्रिय। 2006 में वह 'हिन्दुस्तान' से जुड़े। मौजूदा समय में 'हिन्दुस्तान' आगरा में विशेष संवाददाता के पद पर हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि और पर्यटन रिपोर्टिंग
बीएससी (मैथ्स), एलएलबी, एमबीए के अलावा मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट के बाद उच्च शिक्षा का उन्हें फायदा मिला। पर्यटन और एएसआई की रिपोर्टिंग के साथ उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन समेत 30 राष्ट्राध्यक्षों को कवर किया है। आगरा में भारत-पाक शिखर वार्ता की भी रिपोर्टिंग की।
राजनीतिक कवरेज
पिछले करीब 25 साल से राजनीतिक-चुनावी कवरेज कर रहे हैं।
विशेषज्ञता
पर्यटन, पुरातत्व
राजनीतिक, चुनावी, प्रशासनिक
सेलिब्रिटी एक्सक्लूसिव इंटरव्यू


