
मैं किसी से छिपकर नहीं मिलती हूं,खुले में मिलती हूं; आजम की चर्चाओं पर मायावती का जवाब
लखनऊ में बसपा की महारैली में आजम की चर्चाओं को लेकर मायावती ने बिना नाम लिए जवाब दिया। उन्होंने कहा कि विरोध अफवाह फैला रहे थे। मैं किसी से छिपकर नहीं मिलती हूं,खुले में मिलती हूं।
बहुजन समाज पार्टी की महारैली में मायावती ने समाजवादी पार्टी-कांग्रेस पर जमकर हमला बोला। मायावती ने सपा और कांग्रेस पर खूब सियासी वार किए, इस दौरान मायावती ने बिना नाम लिए आजम खान को लेकर भी बात की। कहा कि विरोधी लोग अफवाह फैला रहे हैं। मायावती ने बिना आजम खान का नाम लिए कहा कि अफवाह फैलाई गई कि दूसरी पार्टी के बड़े नेता ने दिल्ली में मुझसे मुलाकात भी की है। मायावती ने बिना नाम लिए जवाब देते हुए कहा कि मैं किसी से छिपकर नहीं मिलती हूं। खुले में मिलती हूं। दरअसल, जेल से जमानत पर रिहाई के बाद अखिलेश यादव के साथ आजम खान की मुलाकात से पहले ये चर्चाएं थीं कि आजम खान बसपा में शामिल हो सकते हैं।
मायावती ने कहा कि 2007 में यूपी में पूर्ण बहुमत की बसपा की सरकार आने के बाद जातिवादी पार्टियों कांग्रेस, भाजपा व सपा ने षडयंत्र किया और बसपा को केंद्र की सत्ता तक नहीं पहुंचने दिया। रही सही कसर ईवीएम की मदद ली जबकि बैलेट पेपर से चुनाव हो सकते हैं। इन दलों ने अब दलित वोटों को बांटने के लिए बिकाऊ लोगों को खरीदकर बसपा को कमजोर करने की साजिश कर रही हैं।
मायावती ने अपने भाषण के प्रारंभ में ही सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि अभी मैंने सुना कि अखिलेश यादव ने सत्ता में आने पर कांशीराम का स्मारक बनाने की बात कही लेकिन जब सत्ता में थे तो कभी ऐसा नहीं किया। ये लोग जब सत्ता में नहीं होते हैं तो इन्हें बसपा के नेता और दलित समाज के संतों की याद आती है जब सत्ता में आते हैं तो कुछ नहीं याद रहता है। ऐसे दोगले लोगों से सावधान रहना चाहिए। बसपा की सरकार रहते हुए मैंने जिन स्मारकों का नाम कांशीराम जी के नाम पर रखा उन्हें सपा की सरकार आने पर बदल दिया गया।

लेखक के बारे में
Deep Pandeyदीप नरायन पांडेय लाइव हिन्दुस्तान में पिछले आठ सालों से यूपी टीम में हैं। दीप का डिजिटल, टीवी और प्रिंट जर्नलिज्म में 15 साल से अधिक का अनुभव है। यूपी के लखनऊ और वाराणसी समेत कई जिलों में पत्रकारिता कर चुके हैं। यूपी की राजनीति के साथ क्राइम की खबरों पर अच्छी पकड़ है। सामाजिक, इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन, शिक्षा और हेल्थ पर भी लिखने का शौक है। मास कम्युनिकेशन में बीए और एमए हैं। सरल भाषा में खबरों को पाठकों तक पहुंचाते हैं। खबर लिखने के अलावा साहित्य पढ़ने-लिखने में भी रुचि रखते हैं।
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