
लश्कर-ए-तैयबा से बोल रहा हूं, हर घंटे धमाके करूंगा; दिल्ली ब्लास्ट के बाद आई कॉल ने पुलिस की उड़ाई नींद
संक्षेप: दिल्ली में धमाके के कुछ घंटे बाद ही पुलिस के होश उड़ाने वाली एक कॉल ने हड़कंप मचा दिया। डायल 112 पर फोन करने वाले ने खुद को लश्कर-ए-तैयबा का सदस्य बताते हुए हर घंटे बम ब्लास्ट करने की धमकी दी और फिर फोन बंद कर लिया।
दिल्ली में ब्लास्ट के कुछ घंटे बाद ही एक सिरफिरे की हरकत ने पुलिस की पेशानी पर बल ला दिया। डायल 112 पर फोन करने वाले ने खुद को लश्कर-ए-तैयबा का बताते हुए हर घंटे ब्लास्ट करने की धमकी दी। इसके बाद फोन बंद कर लिया। करीब 36 घंटे बाद उसका फोन ऑन होते ही उसे धर दबोचा। मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया है।

थाना दक्षिण के उपनिरीक्षक योगेश कुमार ने बताया कि 10 अक्टूबर की रात करीब साढ़े 10 बजे डायल 112 पर फोन आया। फोन करने वाले ने खुद का नाम प्रवीन बताया और कहा कि वह लश्कर-ए-तैयबा से है। हर घंटे शहर में बम ब्लास्ट करता रहेगा। इसके बाद फोन को काट दिया। इसके बाद फोन बंद कर लिया। ये सुनकर दिल्ली में कुछ घंटे पहले हुए ब्लास्ट के चलते चौकन्नी पुलिस ने उसकी तलाश शुरू कर दी।
लखनऊ पहुंची डायल 112 की सूचना से लखनऊ से लेकर फिरोजाबाद प्रशासन तक हड़कंप मच गया। लखनऊ से थाना दक्षिण पुलिस को मैसेज फारवर्ड किया गया। इसके बाद चौकी प्रभारी सुहागनगर उपनिरीक्षक योगेश कुमार और पीआरवी पुलिस एवं क्यूआरटी मोबाइल को मौके पर बुलाया। पुलिस ने मोबाइल नम्बर सर्विलांस पर लगवाया तो उसका नाम आकाश फौजदार सामने आया। उपनिरीक्षक चौकी प्रभारी ने आरोपी युवक के खिलाफ पुलिस को बेवजह परेशान करने, ब्लास्ट की धमकियां देने का मुकदमा दर्ज करवा दिया। बुधवार की सुबह जैसे ही युवक ने फोन खोला, पुलिस ने उसे घर से धर दबोचा। उसने अपना नाम आकाश फौजदार पुत्र वीर सिंह फौजदार निवासी सुहागनगर बताया।
इस मामले में एसपी सिटी रविशंकर प्रसाद ने बताया कि युवक ने कॉल करते समय अपन नाम प्रवीण बताया और लश्कर-ए-तैयबा से होना बताकर धमाके की धमकियां दीं। वो नशे में था और मोबाइल बंद कर लिया। उसका मोबाइल जैसे ही बुधवार को शुरू हुआ, पुलिस ने उसे उसके घर से दबोच लिया। आकाश फौजदार को पुलिस ने जेल भेज दिया है।





