गर्भवती हुई पत्नी तो प्रेमिका संग फरार हुआ पति, जन्मे बच्चे को मां ने भी ठुकराया
रविवार की देर रात रेलवे स्टेशन पर प्रसव पीड़ा से कराहती गर्भवती के लेकर रेलवे यात्री मित्र महिला अस्पताल पहुंचे। महिला ने एक बेटे को जन्म दिया। लेकिन प्रसव के बाद महिला ने बेटे को साथ रखने से इनकार कर दिया।अस्पतालकर्मी सकते में आ गए। नवजात को दूसरी यात्रियों से किसी तरह से दूध पिलवाया जा रहा है।
यूपी के गोरखपुर में एक शख्स अपनी पत्नी के गर्भवती होते ही प्रेमिका संग फरार हो गया। पत्नी ने बच्चे को जन्म दिया लेकिन जन्म के फौरन बाद ही नवजात को लावारिस होने का दंश झेलना पड़ रहा है। मां ने भी उसे अपनाने से इनकार कर दिया है। मासूम की मां महिला अस्पताल में ही भर्ती है। पिता भी जिंदा है। इसके बावजूद मासूम को माता-पिता का प्यार नहीं मिल रहा है। एसएनसीयू में भर्ती मासूम को अब चाइल्ड लाइन के हवाले करने की तैयारी है।
रविवार की देर रात रेलवे स्टेशन से प्रसव पीड़ा से कराहती गर्भवती के लेकर रेलवे यात्री मित्र महिला अस्पताल पहुंचे। सोमवार के तड़के महिला ने बेटे को जन्म दिया। लेकिन प्रसव के बाद महिला ने बेटे को साथ रखने से इनकार कर दिया। इसके बाद अस्पतालकर्मी सकते में आ गए। एसएनसीयू में भर्ती नवजात को दूसरी यात्रियों से किसी तरह से दूध पिलवाया जा रहा है।
गर्भवती करने के बाद पति दूसरी महिला को लेकर भागा
प्रसूता ने अस्पतालकर्मियों को अपनी दास्तान भी सुनाई। महिला ने बताया कि वह बिहार के दरभंगा की रहने वाली है। दो साल पहले उसका निकाह गांव के पास के ही लड़के से हुआ। निकाह के बाद पति उसे लेकर दिल्ली आ गया और एक फैक्ट्री में काम करने लगा। नौ महीने पहले गर्भवती हुई। इस बीच पति का संबंध दिल्ली में ही एक अन्य युवती से हो गया। तीन माह पूर्व वह युवती को लेकर दिल्ली से भाग गया। जैसे तैसे दो माह दूसरों के घर पर बर्तन मांज कर गुजारे। इसके बाद फैसला किया कि प्रसव के लिए मायके दरभंगा जाएगी। इसके लिए दिल्ली से गरीब रथ एक्सप्रेस पर बैठ गई।
रेल कर्मियों ने महिला अस्पताल पहुंचाया
रविवार की देर रात गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर प्रसव पीड़ा होने लगी। सहयात्रियों ने इसकी सूचना यात्री मित्र को दी। रेल कर्मियों ने उसे तुरंत महिला अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों की टीम ने सामान्य प्रसव कराया। सोमवार के तड़के महिला ने स्वस्थ बेटे को जन्म दिया। इसके बाद वह महिला नवजात को अपने पास रखना ही नहीं चाहती है। वह उसे यहीं छोड़कर दरभंगा बिहार लौट जाना चाहती है।
बच्चे को अस्पताल में छोड़ बिहार जाना चाहती है महिला
प्रसव के बाद महिला ने नवजात को स्तनपान कराने से इनकार कर दिया। स्थिति यह है कि वह मासूम को गोद में भी नहीं लेना चाहती। महिला ने कहा कि पति ने छोड़ दिया। मेरा खुद का ठिकाना नहीं है। बर्तन मांज कर कैसे इसे पालूंगी। इससे अच्छा है कि इसे अस्पताल में ही छोड़ जाती हूं। अब वह दूधमुंहे बेटे को अस्पताल में छोड़कर गांव लौटने को बेताब है। अस्पताल के कर्मचारियों ने उसे समझाने की कोशिश की पर वह नहीं तैयार हो रही है।
क्या बोले एसआईसी
एसआईसी डॉ.जय कुमार ने कहा कि महिला को समझाने की कोशिश की जा रही है कि वह मासूम को अपने पास रखे। काउंसलिंग करा रहे हैं। अगर मान जाएगी तो ठीक, अन्यथा प्रशासन को इसकी सूचना दी जाएगी।

लेखक के बारे में
Ajay Singhअजय कुमार सिंह पिछले आठ वर्षों से लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में पूर्वांचल के बड़े हिस्से से खबरों का कोआर्डिनेशन देख रहे हैं। वह हिन्दुस्तान ग्रुप से 2010 से जुड़े हैं। पत्रकारिता में 27 वर्षों का लंबा अनुभव रखने वाले अजय ने टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। हिन्दुस्तान से पहले वह ईटीवी, इंडिया न्यूज और दैनिक जागरण के लिए अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर चुके हैं। अजय राजनीति, क्राइम, सेहत, शिक्षा और पर्यावरण से जुड़ी खबरों को गहराई से कवर करते हैं। बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट अजय फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान में असिस्टेंट एडिटर हैं और उत्तर प्रदेश की राजनीति और क्राइम की खबरों पर विशेष फोकस रखते हैं।
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