Hindi NewsUP NewsHusband and sas acquitted in dowry murder case, mother, brother and sister of murdered married woman now face trial
दहेज हत्या में पति-सास बरी, मां-भाई और बहन पर चलेगा मुकदमा, 19 साल बाद क्यों पलटा मामला

दहेज हत्या में पति-सास बरी, मां-भाई और बहन पर चलेगा मुकदमा, 19 साल बाद क्यों पलटा मामला

संक्षेप:

बेटी की मौत के बाद 19 साल चले दहेज हत्या का एक मामला अदालत में पलट गया है। अदालत ने विवाहिता के पति, सास और ननद को बरी कर दिया है। अब विवाहिता की मां, भाई और बहन पर ही केस अदालत में चलाया जाएगा। 

Dec 05, 2025 06:21 am ISTYogesh Yadav लाइव हिन्दुस्तान, कानपुर, प्रमुख संवाददाता
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कानपुर में दहेज हत्या के 19 साल पुराना मामला 360 डिग्री पलट गया है। अदालत ने मारी गई विवाहिता के मामले में उसके ससुरालियों पति, सास, ननद को बरी कर दिया है। अब विवाहिता के भाई, मां और छोटी बहन के खिलाफ ही केस चलेगा। दरअसल मामले में अभियोजन के लाख प्रयास के बाद भी गवाह जिरह में अपनी बात से पलट गए। मृतका के भाई ने कहा कि बहनाई मनोज ने अपनी गलती मानकर माफी मांगी थी, जिसके बाद मां ने उसे माफ कर दिया। इसके बाद अपर जिला जज आजाद सिंह ने विवाहिता के परिजनों के खिलाफ कोर्ट में मुकदमा चलाने के आदेश दिए हैं।

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फतेहपुर जाफरगंज मुसवापुर निवासी शिवकुमार गुप्ता ने कल्याणपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया था कि बहन मंजू की शादी मसवानपुर निवासी मनोज गुप्ता के साथ नवंबर 2000 में समिति के सम्मलेन में ऐशबाग लखनऊ से किया था। कुछ समय बाद ससुराल वाले दहेज के लिए बहन को प्रताड़ित करने लगे। असमर्थता जताने पर बहन के साथ मारपीट करते थे। इसी के चलते शादी के पांच साल बाद 17 जुलाई 2006 को ससुरालीजनों ने बहन पर मिट्‌टी का तेल डाल कर जला दिया था।

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हैलट में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। घटना के 40 दिन बाद 26 अगस्त को पति मनोज, सास शकुंतला, ससुर राम गुप्ता, ननद कंचन व ननदोई कृष्ण कुमार गुप्ता के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ था। एडीजीसी विनोद कुमार त्रिपाठी ने बताया कि शुरुआत में तो मृतका के परिजन ने गवाही दी लेकिन जिरह में अपने बयानों से पलट गए।

इस पर न्यायालय ने निर्णय में लिखा है कि अभियोजन के काफी प्रयास के बाद भी गवाह बयानों से मुकर गए। इसे गंभीर अपराध मानते हुए कोर्ट ने तीनों गवाहों के खिलाफ प्रकीर्ण वाद दर्ज करने के आदेश दिए हैं। इस मामले में अगली सुनवाई छह जनवरी को होगी। वहीं मनोज, शकुंतला और कंचन को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। अन्य आरोपियों की मौत हो चुकी है।

10 गवाह हुए पेश, मुख्य साक्षी थे मां, भाई और बहन

एडीजीसी विनोद ने बताया कि अभियोजन की ओर से इस मामले में 10 गवाह कोर्ट में पेश किए गए थे। मुकदमे का वादी मृतका का भाई पीडब्ल्यू-1 शिवकुमार गुप्ता, पीडब्ल्यू-2 मां चुन्नी देवी और पीडब्ल्यू-3 बहन अंजू देवी थीं। यह तीनों गवाह जिरह में पलट गए। शिवकुमार ने कहा कि आरोपी मनोज गुप्ता से मेरा समझौता हो गया है। उसने मेरी मां से माफी भी मांग ली है। अब वह केस आगे नहीं चलाना चाहते हैं।