बदायूं डबल मर्डर में पुलिस की बड़ी लापरवाही! एक महीने पहले दी गई थी धमकी की शिकायत
बदायूं में एचपीसीएल के सीबीजी प्लांट के डीजीएम और डिप्टी मैनेजर की दिनदहाड़े तमंचे से गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस मामले में पुलिस की लापरवाही सामने आई है। दरअसल, एक महीने पहले ही आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। जिस पर पुलिस ने ऐक्शन नहीं लिया था।

Crime News: यूपी के बदायूं के एचपीसीएल (HPCL) के सीबीजी (कंप्रेस्ड बायो गैस) प्लांट में उप महाप्रबंधक सुधीर गुप्ता, डिप्टी मैनेजर हर्षित मिश्रा की हत्या के बाद पुलिस की गंभीर लापरवाही सामने आ गई है। मृत उप महाप्रबंधक ने करीब एक महीने पहले आरोपी अजय प्रताप सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराते हुए लगातार धमकियों और आपराधिक हरकतों की शिकायत कर कठोर कार्रवाई की मांग की थी पर उस पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
दरअसल, मूसाझाग क्षेत्र के सैजनी गांव स्थित एचपीसीएलके सीबीजी प्लांट के डीजीएम और डिप्टी मैनेजर की गुरुवार को दिनदहाड़े तमंचे से गोली मारकर हत्या कर दी गई। प्लांट से फरवरी में ही हटाए गए मेसर्स लक्ष्य पावरटेक कंपनी के ठेका कर्मचारी (कांट्रेक्ट वर्कर) अजय प्रताप सिंह ने घटना को उस समय अंजाम दिया जब अधिकारी प्लांट के भीतर अधीनस्थों की बैठक ले रहे थे। वारदात के बाद आरोपी ने थाने पहुंचकर सरेंडर कर दिया।
दो पुलिस अफसर सस्पेंड
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। हत्या के आरोपी युवक पर डीजीएम ने एक महीने पहले चार फरवरी को धमकी देने का मुकदमा भी दर्ज कराया था। इस घटना से अति सुरक्षित प्लांट पर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गये। देर रात थाना मूसाझाग प्रभारी निरीक्षक अजय कुमार व हल्का प्रभारी उप निरीक्षक धर्मेन्द्र कुमार को निलंबित कर दिया गया।
जनवरी में मिली थी जान से मारने की धमकी
चार फरवरी को मूसाझाग थाने में दर्ज कराई गई शिकायत में उप महाप्रबंधक सुधीर गुप्ता ने अजय प्रताप सिंह पुत्र राजेश कुमार सिंह की लगातार बढ़ती गुंडागर्दी का विस्तार से जिक्र किया था। उन्होंने पुलिस को बताया था कि आरोपी कई बार जबरन प्लांट परिसर में घुसकर अधिकारियों को खुलेआम धमकियां देता रहा। 13 जनवरी को आरोपी ने एक ठेकेदार की टैक्सी को जबरन कब्जे में लेकर प्रतिबंधित प्लांट क्षेत्र में प्रवेश किया और कॉन्फ्रेंस रूम में घुसकर मौजूद अधिकारियों को सबक सिखाने की धमकी दी।
उसने खुद को गैंगस्टर गिरोह से जुड़ा बताते हुए शरीर पर चाकू के निशान तक दिखाए, जिससे कर्मचारियों में दहशत फैल गई। उसी दिन शाम को प्लांट से लौटते समय उसने सेजनी चौराहे पर गाड़ी रुकवाकर फिर धमकियां दीं। इसके बाद अगले दिन भी वह प्लांट परिसर में घुसकर अधिकारियों को डराने और रास्ता रोकने जैसी हरकतें करता रहा। शिकायत में यह भी साफ लिखा गया था कि आरोपी की हरकतें न सिर्फ अधिकारियों और कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए खतरा हैं, बल्कि सरकार की इस महत्वपूर्ण औद्योगिक परियोजना के संचालन को भी प्रभावित कर सकती हैं।
उप महाप्रबंधक की शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया
उप महाप्रबंधक ने यह चेतावनी भी दी थी कि अगर किसी अधिकारी या कर्मचारी को नुकसान होता है तो उसकी जिम्मेदारी आरोपी की होगी। इसके बावजूद पुलिस ने गंभीरता नहीं दिखाई। चर्चा है कि आरोपी कुछ सफेदपोशों के करीबी के रूप में जाना जाता था। यही वजह रही कि शिकायत के बाद भी कार्रवाई ठंडी पड़ी रही।
वहीं, इस मामले में एडीजी बरेली जोन रमित शर्मा ने बताया कि डीआईजी व एसएसपी के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया है। फोरेंसिक टीम ने भी साक्ष्य जुटाए हैं। घटना से जुड़े पहलुओं पर जानकारी लेकर स्थानीय पुलिस को साक्ष्य संकलन करके नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
लेखक के बारे में
Pawan Kumar Sharmaपवन कुमार शर्मा पिछले चार वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े हैं। डिजिटल मीडिया में काम करते हुए वह उत्तर प्रदेश की राजनीति, क्राइम, सरकारी योजनाओं और टूरिज्म से जुड़े मुद्दों पर नियमित रूप से लिखते हैं। इससे पहले पवन एबीपी न्यूज के साथ बतौर फ्रीलांसर काम कर चुके हैं। पवन ने नई दिल्ली स्थित भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इससे पहले क्राइस्ट चर्च कॉलेज, कानपुर से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। ग्राउंड रिपोर्टिंग और अकादमिक समझ के साथ पवन तथ्यात्मक, संतुलित और पाठक-केंद्रित समाचार लेखन करते हैं।
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