Hindi NewsUP NewsHow was order to prevent ethnic rallies enforced? Allahabad High Court Lucknow Bench sought response from government
जातीय रैलियों को रोकने के आदेश का पालन कैसे किया? हाईकोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब

जातीय रैलियों को रोकने के आदेश का पालन कैसे किया? हाईकोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब

संक्षेप: जातीय रैलियों को रोकने के आदेश का पालन कैसे किया? इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने सरकार से राज्य सरकार से पूछा है। हाईकोर्ट ने राज्य और केंद्र सरकार से जातीय रैलियों के संबंध में उसका पक्ष पूछा है।

Tue, 9 Sep 2025 09:59 AMDeep Pandey लखनऊ, विधि संवाददाता
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इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने राज्य सरकार से पूछा है कि राजनीतिक दलों द्वारा जाति आधारित रैलियों को रोकने के 11 जुलाई 2013 के आदेश का अनुपालन कैसे किया गया? लखनऊ बेंच ने मामले की अगली सुनवाई के लिए अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही केंद्र सरकार से भी जातीय रैलियों के सम्बंध में उसका पक्ष पूछा है।

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यह आदेश न्यायमूर्ति राजन रॉय व न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की खंडपीठ ने स्थानीय अधिवक्ता मोतीलाल यादव की जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान पारित किया। हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने याची को पिछले दस सालों में हुई जातीय रैलियों का ब्योरा दाखिल करने का भी आदेश दिया है। उक्त मामले में न्यायालय भारतीय जनता पार्टी, कांग्रेस, सामजवादी पार्टी और बसपा राजनीतिक दलों को नोटिस भी जारी कर चुका है लेकिन उनकी ओर से अब तक कोई भी उपस्थित नहीं हुआ है।

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कोर्ट ने लगा दी थी जाति रैलियां किए जाने पर अंतरिम रोक

उल्लेखनीय है कि उक्त जनहित याचिका में प्रदेश में जातीय रैलियों पर प्रतिबंध लगाए जाने की मांग की गई है। याचिका पर सुनवाई के उपरांत न्यायालय ने 11 जुलाई 2013 को प्रदेश में राजनीतिक दलों द्वारा जाति आधारित रैलियां किए जाने पर अंतरिम रोक लगा दी थी। न्यायालय ने अंतरिम आदेश पारित करते हुए कहा था कि जातीय रैलियां समाज को विभाजित करता है और इससे भेदभाव उत्पन्न होता है। न्यायालय ने कहा था कि जाति आधारित रैलियों को अनुमति देना संविधान की भावना, मौलिक अधिकारों व दायित्वों का उल्लंघन है।

Deep Pandey

लेखक के बारे में

Deep Pandey
दीप नरायन पांडेय, डिजिटल और प्रिंट जर्नलिज्म में 13 साल से अधिक का अनुभव। यूपी के लखनऊ और वाराणसी समेत कई जिलों में पत्रकारिता कर चुके हैं। लंबे समय तक प्रिंट मीडिया में कार्यरत रहे। वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में हैं। राजनीति के साथ क्राइम और अन्य बीटों पर काम करने का अनुभव। और पढ़ें
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