कब तक यह सरकार रहेगी..., छांगुर का विरोध करने वाले पूर्व मुंशी पर गुर्गों का हमला, दी धमकी
गैर मुस्लिमों का धर्मांतरण का गैंग चलाने वाले छांगुर के गुर्गे अब हमले और धमकी पर उतर आए हैं। छांगुर का विरोध करने वाले पूर्व मुंशी पर इसके गुर्गों ने हमला किया और धमकी देते हुए कहा कि कब तक यह सरकार रहेगी।

छांगुर के तीन गुर्गों ने धर्मांतरण का विरोध करने पर उसके पूर्व मुंशी हरजीत कश्यप को घेर कर जानलेवा हमला किया। उसके साथ मारपीट कर बदसलूकी भी की गई। कुछ समय पहले हरजीत ने छांगुर के खिलाफ कई बयान दिए थे। इस पर ही एटीएस ने उसे अपना गवाह भी बना लिया था। हरजीत का आरोप है कि आरोपी गुर्गें छांगुर के लिए कुछ भी करने को तैयार रहते थे। इन लोगों ने हमला किया है। पुलिस ने हमलावरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है।
उतरौला तहसील के रसूलाबाद सेखुइया हरजीत कश्यप पहले छांगुर का मुंशी था। उसके हिसाब किताब को देख रहा था। आरोप है कि छांगुर उसके ऊपर भी धर्मांतरण का दबाव बनाया था। पर, उसने मना कर दिया था। तीन जुलाई को लखनऊ में जब कुछ लोगों ने छांगुर की करतूत खोली तो उसने भी कई बयान दिए थे। हरजीत का आरोप है कि इसी सात जुलाई को वह दवा लेने के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र गैंड़ास बजुर्ग जा रहा था। उतरौला चौराहा के पास खड़े कुछ लड़कों ने उसे रोक लिया था। इन लोगों ने उसे अपशब्द कहे और फिर धमकी दी। उसने आरोप लगाया कि तीनों हमलावर छांगुर के गुर्गे थे।
24 घंटे में बयान बदल लो, वरना मार दिए जाओगे
हरजीत ने एफआईआर में आरोप लगाया है कि हमलावरों ने उन्हें धमकी दी थी। कहा था कि 24 घंटे में लखनऊ जाकर अपना बयान बदल लो। यह भी कहा कि तुम पाकिस्तान में रहते हो और हम लोगों के साथ बगावात करते हो। यह भी धमकाया कि यूपी में कब तक यही सरकार रहेगी। बाद में क्या होगा...यह सोचो। हरजीत ने एफआईआर में रियाज,मो. अहमद व कमालुद्दीन को आरोपित में बनाया है। उतरौला इंस्पेक्टर अवधेश राज सिंह ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। हरजीत ने कहा कि वह बहुत डरा है।
तीनों थे छांगुर के शूटर, धमकाने का करते थे काम
जिन तीन लोगों के खिलाफ कोतवाली उतरौला में मुकदमा पंजीकृत किया गया है यह सभी छांगुर के शूटर बताये जाते हैं। छांगुर के खिलाफ जाने वाले लोगों को इन्हीं तीनों से जुड़ा गिरोह डराता धमकाता था। इन्हें पैसा देकर छांगुर अपने मंसूबों को कामयाब करने का सपना देख रहा था। यह सभी काफी मनबढ़ किस्म के लोग थे। पुलिस और अधिकारियों की मिली भगत से इनके खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं हो रही थी, जिससे इनका मन और भी बढ़ा हुआ था। छांगुर की गिरफ्तारी के बाद यह लोग भूमिगत हो गये थे, जिनकी तलाश अब पुलिस कर रही है।
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लेखक के बारे में
Yogesh Yadavयोगेश यादव लाइव हिन्दुस्तान में पिछले छह वर्षों से यूपी सेक्शन को देख रहे हैं। यूपी की राजनीति, क्राइम और करेंट अफेयर से जुड़ी खबरों को कवर करने की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। यूपी की राजनीतिक खबरों के साथ क्राइम की खबरों पर खास पकड़ रखते हैं। यूपी में हो रहे विकास कार्यों, शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में आ रहे बदलाव के साथ यहां की मूलभूत समस्याओं पर गहरी नजर रखते हैं।
पत्रकारिता में दो दशक का लंबा अनुभव रखने वाले योगेश ने डिजिटल से पहले प्रिंट में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। लम्बे समय तक हिन्दुस्तान वाराणसी में सिटी और पूर्वांचल के नौ जिलों की अपकंट्री टीम को लीड किया है। वाराणसी से पहले चड़ीगढ़ और प्रयागराज हिन्दुस्तान को लांच कराने वाली टीम में शामिल रहे। प्रयागराज की सिटी टीम का नेतृत्व भी किया।
बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से बीकॉम में ग्रेजुएट और बनारस की ही काशी विद्यापीठ से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट योगेश ने कई स्पेशल प्रोजेक्ट पर काम भी किया है। राष्ट्रीय नेताओं के दौरों को कवर करते हुए उनके इंटरव्यू किये। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मौत से जुड़े रहस्यों पर हिन्दुस्तान के लिए सीरीज भी लिख चुके हैं।


