जालसाज को कैसे पता चला कि वहां CCTV कैमरा था ही नहीं? हॉस्पिटल संचालक से ऐसे वसूले 15 लाख
इस हाईटेक अस्पताल में लगे मोतियाबिंद सर्जरी कैंप में 30 मरीजों के ऑपरेशन के बाद फैले संक्रमण में नौ मरीजों की आंख निकालनी पड़ी थी। जांच से बचने को राजेश राय कई लोगों से संपर्क कर रहे थे। इसका फायदा उठाते हुए जालसाज ने पांच दिन पहले अलग-अलग नंबरों से फोन किया।

UP News: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के सिकरीगंज के न्यू राजेश हाईटेक अस्पताल के संचालक राजेश राय से 15 लाख रुपये की ठगी हो गई। जालसाज ने खुद को सीएमओ बताया और अस्पताल के मामले को ‘सेटल’ करने के नाम पर पैसे ऐंठ लिए। वसूली करने वाले जालसाजों तक पुलिस अभी पहुंच नहीं पाई है। पुलिस की एक टीम मोबाइल नम्बर की लोकेशन ट्रेस करते हुए मुम्बई निकली है तो वहीं दूसरी टीम जिला अस्पताल के आसपास के सीसी कैमरों की जांच में जुटी है। अब तक की जांच में सामने आया है कि जिस जगह पर हॉस्पिटल संचालक राजेश राय से पैसा लिया गया था वहां सीसी कैमरा ही नहीं लगा था।
जालसाज ने पैसा लेने से पहले ही सुरक्षित जगह की रेकी की थी। अब उस स्थान की तरफ जाने वाले सभी रास्ते के कैमरों की जांच की जा रही है। हालांकि जिस समय पैसा लिया गया था उस समय काफी भीड़ थी। ऐसे में उसकी पहचान करने में पुलिस को समय लग रहा है।
हॉस्पिटल संचालक ने दिए क्यों रुपए?
दरअसल, न्यू राजेश हाईटेक अस्पताल में एक फरवरी को लगे मोतियाबिंद सर्जरी कैंप में 30 मरीजों के ऑपरेशन के बाद फैले संक्रमण में नौ मरीजों की आंख निकालनी पड़ी थी। जांच से बचने को राजेश राय कई लोगों से संपर्क कर रहे थे। इसी का फायदा उठाते हुए जालसाज ने पांच दिन पहले अलग-अलग नंबरों से फोन किया। कहा कि सीएमओ साहब से बात हो गई है, वो आपको कॉल करेंगे। सिकरीगंज के न्यू राजेश हाईटेक अस्पताल के मामले को ‘सेटल’ करने के नाम पर सीएमओ डॉ. राजेश झा के नाम पर हॉस्पिटल संचालक राजेश राय से 15 लाख रुपये की वसूली की गई। सीएमओ के नाम पर जालसाज ने शनिवार को फोन कर सीएमओ कार्यालय के बाहर हनुमान मंदिर के पास बुलाया था और वहीं पर रुपये से भरा झोला लिया था। पैसा लेने के बाद यह बताया गया था कि अब आपका काम हो जाएगा। लेकिन रात में जब अस्पताल का लाइसेंस निरस्त हो गया तब राजेश राय को रविवार को जालसाजी का पता चला।
सीएमओ ने दर्ज कराया केस
उधर, सीएमओ को जब पता चला कि उनके नाम पर फोन कर वसूली की जा रही है तब उन्होंने कैंट थाने में केस दर्ज कराया। हालांकि केस में किसी से वसूली का जिक्र नहीं किया गया। उधर, हॉस्पिटल संचालक राजेश राय ने आईजीआरएस पर शिकायत की और बताया कि पूरी घटना सीएमओ कार्यालय के सीसीटीवी में कैद होगी।
वहां कैमरा था ही नहीं
उधर, पुलिस की जांच में पता चला कि जहां यह पैसा लिया गया है वहां सीसीटीवी कैमरा ही नहीं लगा है। जालसाज को पूरी तरह से जानकारी थी कि कहां कैमरा लगा है और कहां नहीं है। यही वजह है कि उस तरफ जाने वाले सभी कैमरों की जांच की जा रही है। जिस नम्बर से कॉल की गई थी वह नम्बर महाराष्ट्र में चल रहा था। ऐसे में पुलिस की एक टीम उसकी तलाश में महाराष्ट्र गई है। जल्द ही कॉल करने वाले को पकड़ने का दावा किया जा रहा है।
लेखक के बारे में
Ajay Singhअजय कुमार सिंह पिछले आठ वर्षों से लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में पूर्वांचल के बड़े हिस्से से खबरों का कोआर्डिनेशन देख रहे हैं। वह हिन्दुस्तान ग्रुप से 2010 से जुड़े हैं। पत्रकारिता में 27 वर्षों का लंबा अनुभव रखने वाले अजय ने टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। हिन्दुस्तान से पहले वह ईटीवी, इंडिया न्यूज और दैनिक जागरण के लिए अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर चुके हैं। अजय राजनीति, क्राइम, सेहत, शिक्षा और पर्यावरण से जुड़ी खबरों को गहराई से कवर करते हैं। बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट अजय फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान में असिस्टेंट एडिटर हैं और उत्तर प्रदेश की राजनीति और क्राइम की खबरों पर विशेष फोकस रखते हैं।
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