घर से निकले होटल मालिक की हत्या, बाइक सवार हमलावरों ने तबाड़तोड़ चलाई गोलियां
गाजीपुर में होटल बिंदु के मालिक की देर बाइक सवार बदमाशों ने गोली मार कर हत्या कर दी। होटल संचालक 28 वर्षीय विनीत राय बड़ी बाग स्थित घर जाने के लिए निकल रहे थे, तभी दो बाइक से पहुंचे कर चार बदमाशो ने ताबड़तोड़ गोलियां चला दी।

Ghazipur News: यूपी के गाजीपुर में होटल बिंदु के मालिक की देर बाइक सवार बदमाशों ने गोली मार कर हत्या कर दी। होटल संचालक 28 वर्षीय विनीत राय बड़ी बाग स्थित घर जाने के लिए निकल रहे थे, तभी दो बाइक से पहुंचे कर चार बदमाशो ने ताबड़तोड़ गोलियां चला दी जिससे मौके पर है उनकी मौत हो गईं। सूचना मिलते ही मौके पर कोतवाली पुलिस पहुंच गईं। जानकारी के अनुसार मूल रूप से गोडउर के निवासी डब्लू राय बड़ी बाग में मकान बनाकर रहते है।
फूलनपुर में उनका बिंदु होटल और बार है जिसको छोटे पुत्र विनीत राय होटल बिंदु को संभालते थे। शुक्रवार की रात में विनीत होटल पर मौजूद थे। होटल के कर्मचारियों ने बताया कि दो बाइक से चार लोग आये और देर रात सवा 11 बजे बियर मांगने लगे जिसपर कर्मचारियों ने मना कर दिया। इसके बाद हमलावर थोड़ी देर वहीं रुके और जब होटल मालिक विनीत राय घर जाने के लिए गेट पर निकले तभी बाइक सवार हमलावरो ने ताबड़तोड़ कई गोली चला दी। इसके बाद हमलावर भाग निकले। आननफानन में कर्मचारियों ने पुलिस को सूचना दी और मेडिकल कॉलेज अस्पताल लें गए। डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया।
कटरा गैंग के सरगना समेत तीन नामजद
गाजीपुर शहर कोतवाली के फुलनपुर स्थित होटल बिन्दु के मालिक आलोक राय के बेटे विनित राय की हत्या के बाद शनिवार को एडीजी पियूष मोर्डिया, डीआईजी वैभव कृष्ण और एसपी डॉ. ईरज राजा घटनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का मुआयना किया। प्रत्यक्षदर्शी गार्ड से बातकर घटना के संबंध में पूरी जानकारी ली। साथ ही परिजनों से बात कर बदमाशों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिया। एसपी डॉ. ईरज राजा ने बताया कि पिता आलोक राय ने कटरा गैंग के सरगना शंकर पांडेय पर पुरानी रंजीश में हत्या का आरोप लगाया है। मामले में शंकर पांडेय समेत तीन नामजद और अज्ञात पर केस दर्ज किया गया है। बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए चार टीमें लगा दी गई है। बिहार समेत आसपास के जिलों में पुलिस दबिश दे रही है। जल्द ही गिरफ्तारी होगी।
2024 में भी गैंग ने की थी होटल में तोड़फोड़
होटल कारोबारी आलोक राय ने बताया कि कुख्यात अपराधी शंकर पांडे ने अपने चार-पांच साथियों के साथ मिलकर मेरे बेटे की हत्या की है। 2024 में इस गैंग ने मुझसे पैसे मांगे थे। जब मैंने नहीं दिए तो होटल पर तोड़फोड़ की थी। आरोपियों ने होटल के शीशे और अन्य सामान तोड़ दिए थे। मैंने डीजीपी, मुख्यमंत्री, एडीजी और एसपी समेत कई अधिकारियों से लिखित शिकायत की थी, लेकिन आरोपी के खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
कटरा गैंग चलाता है शंकर पांडेय
पुलिस के मुताबिक शंकर पांडेय क्षेत्र का कुख्यात अपराधी है। वह ‘कटरा गैंग’ नाम से गिरोह चलाता है। इस गैंग में कई युवक शामिल हैं, जो लूटपाट, दबंगई और अवैध वसूली जैसी घटनाओं को अंजाम देते हैं। गैंग एक व्हाट्सअप ग्रुप के जरिए संचालित होता है। जब किसी वारदात को अंजाम देना होता है, तो ग्रुप में मैसेज आता है। इसके बाद बदमाश घटना को अंजाम देकर फरार हो जाते हैं।
लेखक के बारे में
Dinesh Rathourदिनेश राठौर वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। डिजिटल और प्रिंट
पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले दिनेश ने अपने करियर की शुरुआत 2010 में हरदोई से की थी। कानपुर
यूनिवर्सिटी से स्नातक दिनेश ने अपने सफर में हिन्दुस्तान (कानपुर, बरेली, मुरादाबाद), दैनिक जागरण और राजस्थान पत्रिका
(डिजिटल) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। हरदोई की गलियों से शुरू हुआ पत्रकारिता का सफर
आज डिजिटल मीडिया के शिखर तक पहुँच चुका है। दिनेश राठौर ने यूपी और राजस्थान के विभिन्न शहरों की नब्ज को प्रिंट और
डिजिटल माध्यमों से पहचाना है।
लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में कार्यरत दिनेश दिनेश, खबरों के पीछे की राजनीति और सोशल मीडिया के ट्रेंड्स (वायरल
वीडियो) को बारीकी से विश्लेषण करने के लिए जाने जाते हैं।
पत्रकारिता का सफर
हरदोई ब्यूरो से करिअर की शुरुआत करने के बाद दिनेश ने कानपुर हिंदुस्तान से जुड़े। यहां बतौर स्ट्रिंगर डेस्क पर करीब
एक साल तक काम किया। इसके बाद वह कानपुर में ही दैनिक जागरण से जुड़े। 2012 में मुरादाबाद हिंदुस्तान जब लांच हुआ तो
उसका हिस्सा भी बने। करीब दो साल यहां नौकरी करने के बाद दिनेश राजस्थान पत्रिका से जुड़ गए। सीकर जिले में दिनेश ने
करीब तीन साल तक पत्रकारिता की। उन्होंने एक साल तक डिजिटल का काम भी किया। 2017 में दिनेश ने बरेली हिंदुस्तान में
प्रिंट के डेस्क पर वापसी की। लगभग दो साल की सेवाओं के बाद डिजिटल हिंदुस्तान में काम करने का मौका मिला जिसका सफर जारी
है।


