यूपी में हिस्ट्रीशीटर सचिन यादव की हत्या, इसी महीने जेल से निकला था, दिवाली में भाई का मर्डर हुआ था
सचिन यादव की हत्या कर बदमाश उसकी लाश को लखनऊ के सुशांत गोल्फ सिटी इलाके में एक स्कूल के पीछे फेंक गए। सचिन के सिर पर चोट के गंभीर निशान पाए गए हैं। पिछले साल दीवाली में सचिन के भाई की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। सचिन लखनऊ के पीजीआई थाने का हिस्ट्रीशीटर था।

UP Crime News : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में हिस्ट्रीशीटर सचिन यादव की हत्या कर दी गई है। मंगलवार को सुशांत गोल्फ सिटी इलाके में एक स्कूल के पीछे सचिन यादव की लाश मिली। बदमाश उसकी हत्या कर लाश को वहां फेंक गए। सचिन यादव के सिर पर चोट के गंभीर निशान पाए गए हैं। पिछले साल दीवाली में सचिन यादव के भाई की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। सचिन यादव के खिलाफ कई मुकदमे दर्ज थे। वह लखनऊ के पीजीआई थाने का हिस्ट्रीशीटर था। सचिन यादव इसी महीने से जेल से छूटकर बाहर आया था। पुलिस सचिन यादव के हत्यारों का पता लगाने में जुटी है।
पीजीआई थाने में ही दर्ज हैं आधा दर्जन मुकदमे
पुलिस के मुताबिक सचिन यादव का भी आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ लखनऊ के पीजीआई थाने में लगभग आधा दर्जन मुकदमे दर्ज है। वह पीजीआई थाने का हिस्ट्रीशीटर भी है। सचिन यादव के खिलाफ हाल ही में गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई भी की गई थी। उसे गुंडा एक्ट में चालान कर जेल भेजा गया था। वह इसी महीने जेल से छूट कर आया था।
पड़ोसी से चलता था विवाद
पुलिस का कहना है कि सचिन यादव को अपने पड़ोसी विजय यादव से विवाद चलता है। पिछले साल दीवाली के दिन ही सचिन यादव के भाई की हत्या कर दी गई थी। उस हत्या का आरोप विजय यादव के भतीजे पर लगा था। आरोप लगा था कि पड़ोसी विजय यादव से चल रहे विवाद में विजय के भतीजे ने ही सचिन यादव के भाई सोनू यादव की गोली मारकर हत्या कर दी थी। परिवार में छह महीने के अंदर यह दूसरी हत्या हुई है।
क्या बोली पुलिस
सुशांत गोल्फ सिटी इलाके में स्कूल के पीछे सचिन यादव की लाश मिलने की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस का कहना है कि सिर पर चोट के निशान मिले हैं। हालांकि सचिन की मौत की असल वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही साफ हो सकेगी फिलहाल पुलिस पुरानी रंजिश और आपराधिक रिकॉर्ड के एंगल से जांच कर रही है। क्षेत्र में दहशत का माहौल है। पुलिस टीम घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी खंगाल रही है और परिजनों से पूछताछ कर रही है।
लेखक के बारे में
Ajay Singhअजय कुमार सिंह पिछले आठ वर्षों से लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में पूर्वांचल के बड़े हिस्से से खबरों का कोआर्डिनेशन देख रहे हैं। वह हिन्दुस्तान ग्रुप से 2010 से जुड़े हैं। पत्रकारिता में 27 वर्षों का लंबा अनुभव रखने वाले अजय ने टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। हिन्दुस्तान से पहले वह ईटीवी, इंडिया न्यूज और दैनिक जागरण के लिए अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर चुके हैं। अजय राजनीति, क्राइम, सेहत, शिक्षा और पर्यावरण से जुड़ी खबरों को गहराई से कवर करते हैं। बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट अजय फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान में असिस्टेंट एडिटर हैं और उत्तर प्रदेश की राजनीति और क्राइम की खबरों पर विशेष फोकस रखते हैं।
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