आतंकी नेटवर्क में हिंदू युवाओं की एंट्री पर अलर्ट; माइंडवॉश, हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग के जरिए फंसाए जा रहे
आतंकी नेटवर्क में हिंदू युवकों की एंट्री से खुफिया एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं। लोगों का माइंडवॉश करके, बड़ी रकम का लालच देकर, हनीट्रैप में फंसाकर और ब्लैकमेल करके आतंकी नेटवर्क से जोड़ा जा रहा है। पिछले कुछ समय में ही 21 हिंदू युवकों की गिरफ्तारी हुई है।

UP News: आतंकी नेटवर्क में हिंदू युवकों की एंट्री से खुफिया एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं। खुलासा किया गया कि लोगों का माइंडवॉश करके, बड़ी रकम का लालच देकर, हनीट्रैप में फंसाकर और ब्लैकमेल करके आतंकी नेटवर्क से जोड़ा जा रहा है। पिछले कुछ समय में ही दिल्ली, यूपी और आसपास के राज्यों में 21 हिंदू युवकों की गिरफ्तारी इसका सबूत है। इस नेटवर्क को आईएसआई के लिए काम करने वाले पाकिस्तानी गैगस्टर शहजाद भट्टी और आबिद जट चला रहे हैं। दूसरी ओर यूपी पुलिस ने भी इसे लेकर अलर्ट जारी कर दिया है और कई सोशल मीडिया अकाउंट की निगरानी की जा रही है।
यूपी एटीएस और आईबी ने 14 मार्च को गाजियाबाद में पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वाले गिरोह के छह सदस्यों की गिरफ्तारी की थी। खुलासा किया गया कि पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी (आईएसआई से जुड़ा आतंकी) के कहने पर सैन्य क्षेत्रों, रेलवे स्टेशन और कई महत्वपूर्ण जगहों पर सोलर कैमरे इन्हीं लोगों ने लगाए गए थे। गिरफ्तार आरोपियों में मुख्य आरोपी सुहेल निवासी मेरठ और संभल निवासी साने इरम उर्फ महक थे। इनके साथ चार युवकों प्रवीण निवासी कौशांबी, राज वाल्मीकि, शिवा और रितिक निवासी शाहजहांपुर को पकड़ा गया था। कार्रवाई आगे बढ़ी तो इसी नेटवर्क से जुड़े 11 आरोपियों को 20 मार्च को एटीएस ने गिरफ्तार किया। इनमें भी गणेश निवासी परतापुर, विवेक, दुर्गेश, गगन और चार किशोर शामिल थे। इस नेटवर्क में अभी तक 21 हिंदू युवकों की गिरफ्तारी की गई है।
मेरठ का तुषार, कुशीनगर के कृष्णा कैसे बने आतंकी
एटीएस ने अप्रैल 2026 में आईएसआई के लिए काम करने वाले तुषार निवासी कंकरखेड़ा और समीर खान निवासी दिल्ली की गिरफ्तारी की थी। तुषार को माइंडवॉश कर धर्मांतरण कराया और नाम हिजबुल्लाह रखा। तुषार से आईएसआई के तीन अफसर वीडियो कॉल पर संपर्क में थे। पूरा जाल आईएसआई के लिए काम करने वाले शहजाद भट्टी ने बिछाया और तुषार को फंसाया। दूसरी ओर, एटीएस ने 5 मई को कुशीनगर के कृष्णा मिश्रा और बाराबंकी के दानियाल अशरफ को गिरफ्तार किया। इन्हें भी शहजाद भट्टी और आबिद जट ने नेटवर्क से जोड़ा।
साइबर हैकर की मदद ले रही आईएसआई
महाराष्ट्र के दुर्गेश को आईएसआई के साथ काम करने वाले साइबर हैकर ने फंसाया था। दुर्गेश को उसके साथ काम करने वाले युवक ने आईएसआई के लिए काम करने का प्रस्ताव दिया। दुर्गेश ने इंकार कर दिया तो आरोपी ने दुर्गेश के फोन को आईएसआई के हैकर की मदद से हैक करा दिया। इस फोन में दुर्गेश और पत्नी के कुछ फोटो थे, जिन्हें वायरल करने की धमकी दी गई। इसके बाद दुर्गेश को ब्लैकमेल किया गया। इसके बाद दुर्गेश से ही यूपीआई से अलग अलग जगहों पर नेटवर्क से जुड़े आरोपियों को रुपये ट्रांसफर कराए गए थे।
देश से बाहर बसाने की देते हैं गारंटी
धार्मिक कट्टरपंथी विचारधारा का इस्तेमाल कर युवकों का माइंडवॉश किया जा रहा है। किसी को बड़ी रकम देने और किसी को दुबई में सेटल करने नाम पर अपने साथ मिलाया जा रहा है। हाल ही में तुषार और दिल्ली के समीर को इसी तरह से आतंकी नेटवर्क में जोड़ा गया था। संभल की महक को भी प्रेम जाल में फंसाकर आबिद जट ने रेकी कराई थी, साथ ही बड़ी प्लानिंग की जा रही थी। इन्हीं बातों को लेकर खुफिया एजेंसियों और यूपी एटीएस अलर्ट हैं। खोजबीन की जा रही है और पूरे नेटवर्क की तलाश में टीमों को लगाया गया है।
दिल्ली पुलिस ने पंजाब से पकड़े हिन्दू युवक
हाल ही में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने कार्रवाई की और 7 मई 2026 को देशभर में गिरफ्तारी की। इनमें रवि कश्यप निवासी अमरोहा, अनमोल राय निवासी मध्यप्रदेश, जसबीर सिंह निवासी फिरोजपुर पंजाब, जसकरण सिंह निवासी मोगा पंजाब, सतारा सिंह निवासी अमृतसर और मनोज निवासी गुजरात को गिरफ्तार किया गया। सभी का कनेक्शन शहजाद भट्टी से मिला है। एटीएस ने अगस्त 2025 में अक्षय सैनी और तालिब अंसारी की गिरफ्तारी की थी। दोनों का संपर्क अलकायदा से बताया गया था।
वहीं, इस मामले में एडीजी मेरठ जोन भानु भास्कर का कहना है कि आतंकी नेटवर्क पर खुफिया एजेंसियों और यूपी एटीएस लगातार कार्रवाई कर रही है। शहजाद भट्टी को लेकर यूपी पुलिस मुख्यालय से भी अलर्ट जारी किया गया है। सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर कुछ लोग इन आतंकियों के संपर्क में हैं, जिन्हें लेकर कार्रवाई की जा रही है। हिंदू युवाओं को बरगलाकर, बड़ी रकम का लालच और बाकी तरीके से आतंकी नेटवर्क में शामिल कर लिया जाता है। इसी को लेकर सतर्कता बढ़ाई गई है।
लेखक के बारे में
Pawan Kumar Sharmaपवन कुमार शर्मा पिछले चार वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े हैं। डिजिटल मीडिया में काम करते हुए वह उत्तर प्रदेश की राजनीति, क्राइम, सरकारी योजनाओं और टूरिज्म से जुड़े मुद्दों पर नियमित रूप से लिखते हैं। इससे पहले पवन एबीपी न्यूज के साथ बतौर फ्रीलांसर काम कर चुके हैं। पवन ने नई दिल्ली स्थित भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इससे पहले क्राइस्ट चर्च कॉलेज, कानपुर से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। ग्राउंड रिपोर्टिंग और अकादमिक समझ के साथ पवन तथ्यात्मक, संतुलित और पाठक-केंद्रित समाचार लेखन करते हैं।
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