सरकारी रिजल्ट डॉट कॉम डॉट CM के मालिक और डेवलपर के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही पर हाईकोर्ट की रोक
हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण आदेश में वेबसाइट सरकारी रिजल्ट डॉट कॉम डॉट सीएम के मालिक साजिद अंसारी और डेवलपर शशि कुमार के खिलाफ वाराणसी की अदालत में चल रही आपराधिक मामले की कार्यवाही और सम्मन पर रोक लगा दी है।

Allahabad Highcourt Order: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण आदेश में वेबसाइट sarkariresult.com.cm के मालिक साजिद अंसारी और डेवलपर शशि कुमार के खिलाफ वाराणसी की अदालत में चल रही आपराधिक मामले की कार्यवाही और सम्मन पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने प्रथमदृष्टया माना है कि यह मामला व्यापारिक विवाद से जुड़ा है, जिसे आपराधिक रंग देने का प्रयास किया गया है। यह आदेश न्यायमूर्ति संजय कुमार पचौरी ने शशि कुमार व एक अन्य की याचिका पर उनके अधिवक्ता विभु राय और सरकारी वकील व शिकायतकर्ता के अधिवक्ता को सुनकर दिया है।
मामला वाराणसी के भेलूपुर थाने का है, जहां 14 नवंबर 2025 को याचियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। आरोप लगाया गया कि वेबसाइट डेवलपरों ने वेबसाइट बनाने के बाद उसका एक्सेस ब्लॉक कर दिया है और उसका दुरुपयोग किया जा रहा है। इस एफआईआर के आधार पर वाराणसी की एसीजेएम कक्ष संख्या पांच की अदालत ने याचियों के खिलाफ संज्ञान लेते हुए सम्मन जारी किया। इस पूरी कार्यवाही और सम्मन आदेश को चुनौती देते हुए याचियों ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की। सुनवाई के दौरान याचियों के अधिवक्ता विभु राय ने तर्क दिया कि एफआईआर पूरी तरह से झूठे और मनगढ़ंत आरोपों के आधार पर केवल परेशान करने के इरादे से दर्ज कराई गई है।
उन्होंने कोर्ट को बताया कि दोनों पक्षों के बीच वेबसाइट को लेकर विवाद एफआईआर दर्ज होने से पहले का है। उन्होंने यह भी दलील दी कि यह पूरी तरह व्यापारिक और दीवानी विवाद है। इस विषय को लेकर पहले से ही दीवानी मुकदमा मेसर्स आईथिंक एप्स प्राइवेट लिमिटेड बनाम साजिद अंसारी व अन्य वाराणसी की अदालत में लंबित है, जिसमें स्थायी निषेधाज्ञा की मांग की गई है। उन्होंने कहा कि विपक्षियों ने जानबूझकर दीवानी मामले को आपराधिक मामले में तब्दील कर दिया है।
सुनवाई के बाद कोर्ट ने प्रथमदृष्टया मामला विचारणीय मानते हुए राज्य सरकार और शिकायतकर्ता को तीन सप्ताह के भीतर जवाबी हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। उसके बाद याचियों को एक सप्ताह के भीतर प्रत्युत्तर दाखिल करना होगा। हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई आठ सप्ताह बाद तय करते हुए तब तक वाराणसी की अदालत में याचियों के खिलाफ चल रही आपराधिक कार्यवाही पर रोक लगा दी है।
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Dinesh Rathourदिनेश राठौर वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। डिजिटल और प्रिंट
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यूनिवर्सिटी से स्नातक दिनेश ने अपने सफर में हिन्दुस्तान (कानपुर, बरेली, मुरादाबाद), दैनिक जागरण और राजस्थान पत्रिका
(डिजिटल) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। हरदोई की गलियों से शुरू हुआ पत्रकारिता का सफर
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है।


